केंद्रीय मंत्री शेखावत का CM से सवाल:CM जवाब दें- विचारधारा की लड़ाई में सरेआम मर्डर कितना न्यायोचित ?

नागौर3 महीने पहले
केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत। - Dainik Bhaskar
केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत।

केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत सोमवार को निजी समारोह में शिरकत करने के लिए नागौर के दौरे पर रहे। सर्किट हाउस में बीजेपी कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत-सत्कार भी किया। इस दौरान केंद्रीय जलशक्ति मंत्री शेखावत ने कहा कि नावां में सरेआम भाजपा कार्यकर्ता की गोली मारकर हत्या कर दी गई। राजस्थान सरकार के उप मुख्य सचेतक और उनके परिवार की भूमिका आई है। पुलिस ने बताया कि उनके बड़े भाई को डिटेन किया गया है।

केंद्रीय जलशक्ति मंत्री शेखावत ने कहा कि अब से पहले ऐसे मर्डर राजस्थान ने देखे नहीं थे। CM अशोक गहलोत कहते हैं कि बीजेपी-कांग्रेस में विचारधारा की लड़ाई है। CM गहलोत से पूछना चाहता हूं कि अगर ये विचारधारा की लड़ाई है तो CM गहलोत ये स्पष्ट करें कि विचारधारा की लड़ाई में सरेआम गोलीबारी और मर्डर कितना न्यायोचित है ? इस मर्डर पर वो क्या कहेंगे ? पुरे दावे के साथ कह सकता हूं कि चुनावों में जनता कांग्रेस से एक-एक अपमान और धोखे का बदला लेगी।

नावां में कारोबारी जयपाल पूनिया के मर्डर के खिलाफ धरना चल रहा है।
नावां में कारोबारी जयपाल पूनिया के मर्डर के खिलाफ धरना चल रहा है।

इस दौरान केंद्रीय जलशक्ति मंत्री शेखावत ने कहा कि 2018 में प्रदेश की जनता से झूठे वादे करके अशोक गहलोत सरकार सत्ता में आई थी। लेकिन शुरू से ही ये गुड़ गवर्नेंस के बजाय कुर्सी बचाने में लगे हुए हैं। इसके चलते अब प्रदेश जल रहा है। कानून व्यवस्था ध्वस्त हो चुकी है। करौली, अलवर और जोधपुर की घटनाओं में सरकार और अधिकारी तुष्टीकरण की नीति से एक समाज विशेष के लोगों को दबाने का काम कर रहे थे। प्रदेश अपराध की राजधानी बन गया है। थाने से अपराधी को छुड़ाया गया। कोर्ट में गोलियां चलाई गई। प्रदेश में अब बदमाशों के हौसले बुलंद है और पुलिस का इकबाल खत्म हो चुका है।

मर्डर को लेकर नावां विधायक महेंद्र चौधरी, उनके भाई व साले के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है।
मर्डर को लेकर नावां विधायक महेंद्र चौधरी, उनके भाई व साले के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है।

उन्होंने कहा कहा कि पहले राजस्थान को सम्मान से पहचाना जाता था। लेकिन प्रदेश में महिलाओं को अपमान के घूंट झेलने पड़े और सरकार उदासीन रवैया अपनाएगी। जब सरकार के मंत्री पुत्र और MLA पुत्र के दरिंदगी के कारनामे सामने आ रहे है, तब कांग्रेस पार्टी राजस्थान में चिंतन शिविर कर रही है। सत्ता प्राप्ति के लिए संतान शिविर में जो 3 दिन बिताए गए अगर उन दिनों में सोनिया जी और राहुल जी की मौजूदगी में कांग्रेस सरकार और उसके नुमाइंदे प्रदेश की भयावह स्थिति पर विचार करते,और यहां की जनता से किए गए वादों पर बात करते तो शायद यहां की जनता से कुछ न्याय कर पाते। किसानों की जमीने नीलाम हो रही है।