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पुलिस नहीं कर रही कार्रवाई:जीएसटी चोरी कर जाली रसीद से स्क्रैप को गोविंदगढ़ मंडी पहुंचाने की FIR कोतवाली में दर्ज पर वाणिज्यिक कर विभाग इससे भी अनभिज्ञ

नागौरएक महीने पहले
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जीएसटी की चोरी कर स्क्रैप को चोरी छिपे फर्जी बिल से पंजाब के गोविंदगढ़ पहुंचाने का मामला यहां जिले में पुलिस तक भी पहुंच चुका है, लेकिन इस चोरी करने वाले दलालों की गिरेबां में कोई भी हाथ डालने के लिए तैयार नहीं हैं।

हालांकि पुलिस जांच का हवाला दे रही है। जबकि वाणिज्यिक कर विभाग को तो इस चोरी का पता तक नहीं हैं। जिले के अधिकारी मामले में उच्च अधिकारियों के आदेश पर जांच का राग अलाप रहे हैं। जबकि हकीकत ये है कि चोरी इतनी बड़ी है कि काेई इन दलालों पर हाथ डालने की जहमत नहीं उठा रहा है। जीएसटी की चोरी कर फर्जी बिल से स्क्रैप को गोविंदगढ़ मंडी पहुंचाने एक एफआईआर कोतवाली में मार्च माह में दर्ज हुई थी।

एएसआई व आरक्षी सहित 10 जनों के खिलाफ दर्ज हुआ था प्रकरण, एएसआई को लाइन हाजिर भी किया गया था
इस मामले में नोखा एक युवक ने कोतवाली थाने के एक एसआई, आरक्षी सहित 10 जनों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कराया। रिपोर्ट में बताया कि आरोपी जाली दस्तावेजों से सरकार के जीएसटी की चोरी कर राजस्व को नुकसान पहुंचा रहे हैं। जब इसका पता करने का प्रयास किया तो मारपीट हुई। फिर झूठे आरोप लगाए और फिर पुलिस से मिलीभगत कर जोधपुर से अपहरण करवाया।

पुलिस के अनुसार नोखा मंडी निवासी ओम प्रकाश खटीक ने आरोपी कुम्हारी दरवाजा निवासी महावीर प्रसाद खटीक, विनोद, ताराचंद, घनश्याम, जैन स्कूल के पास महामंदिर जोधपुर निवासी मयंक सांभरिया, नकास गेट निवासी महेन्द्र खटीक, कुम्हारी दरवाजा निवासी कैलाश, सुनील, एएसआई भंवर दास वैष्णव, आरक्षी प्रीतम सिंह खुड़ी वाल के खिलाफ प्रकरण दर्ज कराया था।

इसके बाद परिवादी युवक ने पुलिस पर यह आरोप भी लगाए कि उसको अवैध हिरासत में रखा और मारपीट भी की। इसके अलावा एएसआई पर अन्य गंभीर आरोप भी लगाए। इसके चलते एएसआई को लाइन हाजिर भी किया गया था। अब इस मामले में जांच नागौर डिप्टी की ओर से की जा रही है। जबकि जीएसटी चोरी करने वालों के खिलाफ किसी तरह की कार्रवाई अभी तक नहीं की गई।​​​​​​​

फर्जीवाड़ा: फर्जी बिल से पहुंचाते हैं स्क्रैप का ट्रक, नहीं होती कार्रवाई
परिवादी ने बताया कि आरोपी महावीर कबाड़ी का कार्य करता है। जो सभी धातुओं का पुराना माल खरीद कर उसे आगे पंजाब बेचने का काम करता है। आरोप है कि ये आरोपी स्क्रैप पर जीएसटी बचाकर जाली कूटरचित टैक्स अदायगी की जाली रसीद तैयार कर स्क्रैप की तोल पर्ची तैयार कर फर्जी बिल से आरोपी मां कृपा इंटरप्राइजेज जयपुर के मालिक की फर्म से स्क्रैप भेजे जाने तथा मां कृपा इंटरप्राइजेज फतेहगढ़ साहिब मंडी गोविंदगढ़ पंजाब फर्म को भेजे जाने के दस्तावेज से माल भेजा है।​​​​​​​

जीएसटी चोरी: 200 करोड़ की जीएसटी चोरी से जुड़ा है मामला
देश के तीन राज्यों राजस्थान, पंजाब एवं हरियाणा से दलाल औसतन 200 गाड़ियों को गोविंदगढ़ मंडी पहुंचाते हैं। इन 200 ट्रकों पर सरकार की 18 प्रतिशत के हिसाब से औसतन नियमानुसार 3 करोड़ 60 लाख जीएसटी बनती है, लेकिन ये दलाल 24 हजार में ही ट्रक को पार करवा देते हैं। जो 48 लाख प्रतिदिन होती हैं। यह चोरी केवल एक तरफ से हैं। जबकि जीएसटी की चोरी कर पंजाब की गोविंदगढ़ मंडी से भी हार्डवेयर चोरी छिपे इन्हीं प्रदेशों में आता है।​​​​​​​

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