स्थायी समितियों के चुनाव:कांग्रेस जिला प्रमुख प्रत्याशी, दो पूर्व प्रधान पूर्व राज्यमंत्री का बेटा सदस्य का चुनाव हारे

नागौर2 महीने पहले
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स्थायी समितियों के सदस्य और अध्यक्ष पद पर निर्वाचित हुए सदस्य। - Dainik Bhaskar
स्थायी समितियों के सदस्य और अध्यक्ष पद पर निर्वाचित हुए सदस्य।
  • जिला परिषद की 6 स्थायी समितियों के चुनाव में भाजपा व रालोपा साथ आने से हारी कांग्रेस

जिला परिषद नागौर की छह स्थायी समितियों के हुए चुनाव में सत्ता पक्ष की कांग्रेस काे बड़ा झटका लगा है। एक भी समिति में कांग्रेस का दबदबा नहीं रहा। जिला प्रमुख भागीरथ चौधरी की अध्यक्षता में शनिवार को हुए चुनाव के दौरान चौंकाने वाले नतीजे सामने आए। स्थायी समितियों के चुनाव में कांग्रेस से जिला प्रमुख पद के प्रत्याशी रहे वार्ड संख्या 43 के जिला परिषद सदस्य सहदेव चौधरी को वित्त और कराधान समिति के सदस्य पद के चुनाव में मात्र 18 वोट हासिल होने से हार का सामना करना पड़ा।

कांग्रेस से पूर्व प्रधान वार्ड 45 के सदस्य ओमप्रकाश सेन को प्रशासन और स्थापना स्थायी समिति में 23, कांग्रेस से ही मौलासर के पूर्व प्रधान व वार्ड 35 के सदस्य जालाराम भाकर विकास और उत्पादन कार्यक्रम समिति के सदस्य चुनाव में मात्र 17 वोट हासिल होने से हार का सामना करना पड़ा। दरअसल, छह स्थायी समितियों में प्रशासन एवं स्थापना तथा ग्रामीण विकास स्थायी समिति में जिला प्रमुख खुद पदेन सदस्य एवं अध्यक्ष होने से शेष चार स्थायी समितियों के अध्यक्ष पद के लिए चुनाव हुए थे।

जिसमें से दो पर भाजपा तथा दो पर राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी से अध्यक्ष चुने गए। जिला प्रमुख व उप प्रमुख के चुनाव में गठबंधन भले ही नहीं किया हो, मगर स्थायी समिति सदस्यों के चुनाव में भाजपा व रालोपा के सदस्य साथ नजर आए।

4 समिति में 2 पर भाजपा, 2 पर रालोपा के अध्यक्ष बने, कांग्रेस के कम सदस्य जीते

प्रशासन और स्थापना समिति के चुनाव में पूर्व राज्यमंत्री रहे स्व.भंवर सिंह डांगावास के पुत्र भाजपा के जिला परिषद सदस्य संजीव सिंह चौधरी सदस्य का चुनाव हार गए। 6 स्थायी समितियों के चुनाव हुए। प्रत्येक में 5-5 सदस्यों के निर्वाचन के लिए चुनाव हुए। कुल 30 सदस्य चुने गए। जिसमें से कांग्रेस से नाममात्र सदस्य ही जीते। बाकी सभी पदों पर भाजपा और रालोपा का ही दबदबा रहा।

वित्त और कराधान समिति

भाजपा के रिद्धाराम सारण अध्यक्ष बने। सदस्य चुनाव में सर्वाधिक मत प्राप्त करने वाले वार्ड 13 से धर्मेंद्र चौधरी (मत-39), वार्ड 27 से प्रमोद कंवर (मत-27), वार्ड 24 से रिद्धाराम सारण (मत-27), वार्ड 18 से भंवरी देवी (मत-26) तथा वार्ड संख्या 23 से बिमला देवी व वार्ड 32 से शंकर सिंह राठौड़ को बराबर 23-23 मत मिलने से लॉटरी से बिमला देवी को निर्वाचित घोषित किया।

विकास और उत्पादन कार्यक्रम समिति

रालोपा से मंजू गुर्जर अध्यक्ष चुनी गई। सदस्य चुनाव में वार्ड 15 से गठूड़ी (मत-31), वार्ड 46 से घेवर राम (मत-31), वार्ड 5 से गणपति (मत-27), वार्ड 6 से मंजू गुर्जर (मत-25), वार्ड 47 से नूरजहां (मत-18) को निर्वाचित घोषित किया।

सामाजिक सेवाएं एवं सामाजिक न्याय समिति

रालोपा से पूनाराम मेघवाल पूर्व प्रधान अध्यक्ष चुने गए। सदस्य चुनाव में सर्वाधिक मत लेने वाले वार्ड संख्या 2 से चुकी देवी (मत-26), वार्ड संख्या 3 से रालोपा के दिनेश चौधरी (मत-26), वार्ड संख्या 1 से पूनाराम मेघवाल (मत-26), वार्ड 19 से मनीष (मत-25) तथा वार्ड 9 से हीरा राम (मत-25) को निर्वाचित घोषित किया गया।

प्रशासन और स्थापना समिति

समिति में जिला प्रमुख खुद अध्यक्ष होते है। सदस्य चुनाव में 8 नामांकन मिलने पर चुनाव हुए। जिसमें से सर्वाधिक मत प्राप्त करने वाले वार्ड 11 से चूकली (मत-30), वार्ड 33 से धर्मा देवी (मत-28), वार्ड 14 से गौरी देवी (मत-27), वार्ड संख्या 7 से भीखाराम बापेड़िया (मत-25) तथा वार्ड 10 से मनोहर सिंह मत-25 लेकर निर्वाचित हुए।

2 समितियों के 10 सदस्य निर्विरोध निर्वाचित

छह में से 2 स्थायी समितियों में पांच-पांच सदस्यों के नामांकन आने से सभी 10 सदस्यों के लिए निर्विरोध निर्वाचन हुआ। शिक्षा स्थायी समिति में वार्ड 39 से मुरधर कंवर (अध्यक्ष निर्वाचित भाजपा), वार्ड 30 से शारदा, वार्ड 31 से सुनील चौधरी, वार्ड 38 से मुश्ताक खां, वार्ड 4 से रामेश्वरी निर्विरोध निर्वाचित हुई। ग्रामीण विकास स्थायी समिति में वार्ड संख्या 22 से जिला परिषद सदस्य नानूराम मेघवाल, वार्ड 8 से उप जिला प्रमुख शोभाराम, वार्ड 25 से सुशीला, वार्ड 21 से संतोष तथा वार्ड संख्या 17 से सुरेंद्र निर्विरोध निर्वाचित हुए।

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