प्रदर्शन / पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी का विरोध, कांग्रेस का कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन

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  • कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन के दौरान कांग्रेसी सोशल डिस्टेंसिंग को भूले, ऊंट गाड़ी पर भी हुए सवार

दैनिक भास्कर

Jun 30, 2020, 04:00 AM IST

नागौर. कांग्रेस के देश व्यापी आह्वान पर जिला कांग्रेस कमेटी ने सोमवार को पेट्रोल डीजल के मूल्यों में बढ़ोतरी को लेकर कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। कांग्रेस कार्यालय से करीब 300 मीटर दूर कलेक्ट्रेट तक ऊंट गाड़ी के ऊपर बैठकर पेट्रोल डीजल के दाम में बढ़ोतरी पर केंद्र की भाजपा सरकार को घेरा।

आरोप लगाया कि पेट्रोल के मूल्य में अभूतपूर्व बढ़ोतरी के माध्यम से मोदी सरकार आमजन से जबरन वसूली कर रही है। जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष पूर्व विधायक जाकिर हुसैन गैसावत के नेतृत्व में कार्यकर्ता व पदाधिकारी शामिल हुए। मोदी सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

कांग्रेस के प्रदर्शन को देखते हुए कलेक्ट्रेट पर बड़ी संख्या में पुलिस जाब्ता लगाया गया। दूसरी ओर कांग्रेसजन प्रदर्शन के दौरान कोरोना काल में भूल बैठे की प्रदर्शन के दौरान सोशल डिस्टेंस रखना है। कलेक्ट्रेट गेट के बाहर जुटे तो किसी प्रकार का सोशल डिस्टेंस नजर नहीं आया।

सभी कलेक्ट्रेट में घुसने का प्रयास करते नजर आए। सीओ मुकुल शर्मा के नेतृत्व में पुलिसकर्मी उनको रोकते रहे। इससे पूर्व जिला कांग्रेस कार्यालय में सभी कांग्रेसी इकट्ठा हुए। इस दौरान पूर्व मंत्री हबीबुर्रहमान, पूर्व प्रधान ओम प्रकाश सेन, सभापति मांगीलाल भाटी आदि मौजूद रहे।

300 मीटर दूर से रु.5 हजार किराया चुका ऊंटगाड़ियाें पर कांग्रेस का विरोध 
कलेक्टर को राष्ट्रपति के नाम दिए ज्ञापन में बताया कि लोग उनके पिछले 3 माह के दौरान पेट्रोल और डीजल पर लगने वाले केंद्रीय उत्पाद शुल्क और कीमतों में बार-बार की गई अनुचित बढ़ोतरी ने भारत के नागरिकों को पीड़ा व परेशानी दी है।

जहां एक तरफ देश स्वास्थ्य एवं आर्थिक महामारी से लड़ रहा है वहीं दूसरी ओर मोदी सरकार पेट्रोल और डीजल की कीमतों और उस पर लगने वाले उत्पाद शुल्क को बार-बार बढ़ाकर मुनाफाखोरी कर रही है। नागरिकों से की जा रही जबरन वसूली एकदम स्पष्ट परिलक्षित हो रही है। बताया कि मई 2014 में जब भाजपा ने सत्ता संभाली पेट्रोल पर उत्पाद शुल्क 9.20 प्रति लीटर और डीजल पर 3.46 प्रति लीटर था।

पिछले 6 सालों में केंद्र की सरकार ने पेट्रोल पर उत्पादन शुल्क 23.78 एवं डीजल पर 28.37 रुपए प्रति लीटर की अतिरिक्त बढ़ोतरी कर दी है। आरोप लगाया कि केवल पेट्रोल और डीजल पर लगने वाले उत्पाद शुल्क में वृद्धि करके मोदी सरकार ने पिछले 6 सालों में 18 लाख करोड़ रुपए कमा लिए हैं।

गत 5 मार्च 2020 को पेट्रोल और डीजल के मूल्य में 3 रुपए प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई। 5 मई 2020 को सरकार ने डीजल पर लगने वाले उत्पाद शुल्क 10 रुपए प्रति लीटर पेट्रोल पर लगने वाले उत्पादन में 10 प्रति लीटर की बढ़ोतरी की। 7 जून 2020 से लेकर 24 जून तक 18 दिनों तक पेट्रोल डीजल में लगातार बढ़ोतरी की है। ज्ञापन में बताया कि 24 जून 2020 को कच्चे तेल का अंतरराष्ट्रीय भाव 43.41 था। कच्चे तेल का प्रति लीटर भाव 20.68 रुपए ही बनता है।

पेट्रोल-डीजल के दामों में लगातार हो रही वृद्धि के विरोध में सोमवार को जिला मुख्यालय पर कांग्रेस का अनोखा विरोध-प्रदर्शन देखने को मिला। केंद्र सरकार को घेरने के लिए 300 मीटर दूर कांग्रेस कार्यालय से बड़ी संख्या में कांग्रेसी करीब 5 हजार रुपए किराया चुका ऊंटगाड़ियों पर सवार होकर कलेक्ट्रेट पहुंचे। यहां केंद्र सरकार के विरोध नारे लगाए। सरासनी से सजे-धजे 5 ऊंट छकड़े लेकर पहुंचे लोगों ने बताया कि प्रति ऊंटगाड़ी 800 से 1 हजार रुपए किराया तय है।

जिले भर से आए कांग्रेस के अनेक कार्यकर्ता
इस मौके पर घनश्याम सदावत, यूथ कांग्रेस अध्यक्ष हनुमान भांगड़ा ब्लॉक अध्यक्ष दिलफराज खान, भंवरराम, जिलामहासचिव मोतीलाल चंदेल, असलम चौधरी, गीता सोलंकी, अनवर गहलोत, अनूप बिश्नोई, गोविंद कड़वा, राधेश्याम सांगवा प्रेमसुख जाजड़ा, शौकत अली, सुखबीर सिंह चौधरी आदि ने संबोधित किया।

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