सम्मान / कोरोना यौद्धा नर्सिंग स्टाफ के सम्मान में काटा केक, पुष्प बरसा बांटे सेनेटाइजर

Corona warrior harvested cake in honor of nursing staff, floral shower distributed sanitizer
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Corona warrior harvested cake in honor of nursing staff, floral shower distributed sanitizer

  • 14 दिन का क्वारेंटाइन पूरा कर 28 नर्सिंग कर्मी और डॉक्टरों को होटल मेघमाउंट से किया होम आइसोलेट, सम्मान से हुए अभिभूत

दैनिक भास्कर

May 23, 2020, 05:00 AM IST

नागौर. होटल मेघमाउंट से जब एक साथ 28 नर्सिंग स्टाफ क्वारेंटाइन पूरा कर घर जाने लगे तो उनके चेहरे दमक उठे। कारण, जेएलएन में लंबे समय से कोरोना संक्रमितों के बीच ड्यूटी के बाद 14 दिन का क्वारेंटाइन पूरा होने पर शुक्रवार को एक माह बाद ये सब अपने घर गए। इस अवसर पर होटल मेघमाउंट की और से केक काटा गया। इन कोरोना योद्धाओं पर पुष्प बरसाए गए। साथ ही माई मार्ट डिपार्टमेंटल स्टोर संचालक सत्यनारायण पंवार ने सबको सम्मान स्वरूप सेनेटाइजर भी भेंट किए। ऐसा स्वागत देख सब कोरोना योद्धाओं ने अपने आप पर गर्व महसूस किया। कहा, यही सम्मान तो हमें खतरों से लड़ना सिखाता है। इन चिकित्सा कर्मियों ने बताया कि वर्तमान में कुल 75 पैरामेडिकल स्टाफ कोराेना वायरस की ड्यूटी में कार्यरत है। इनमें से शुक्रवार को 28 चिकित्साकर्मियों की टीम ए का शुक्रवार को क्वारेंटाइन पूरा हो गया। ऐसे में अब सभी की जांच रिपोर्ट नेगेटिव आने के बाद होम आइसोलेशन भेजा है। वर्तमान में 24 मेडिकल नर्सिंग कार्मिक अभी ड्यूटी निभा रहे हैं। इन कर्मचारियों ने कहा, ऐसा सेवा का मौका कभी नहीं आएगा। इसलिए बगैर किसी भेदभाव व संकोच के उन्होंने पूरी कर्तव्यनिष्ठा के साथ ड्यूटी निभाई है। कहा, एक महीने में 100 कोरोना संक्रमित मरीजों को ठीक करके घर भेजा। इससे बहुत अच्छा महसूस हुआ। होटल के किशनसिंह, भागीरथ, उपेंद्र सैफ, आयवानसिंह, गणपतसिंह, अनिल, अमरजीतसिंह, कृष मोहन, सुनील ने इस टीम की सेवा की थी।
नर्सिंगकर्मी बोले- आपका यही सम्मान तो हमें खतरों से लड़ने का हौसला देता है, कोरोना को हराएंगे
टीम ए लीडर लता आर्य बताती हैं कि वे सब यहां पर एक परिवार की तरह रहे। घर की यादें आती थी, लेकिन यहां माहौल भी घर परिवार से कम नहीं था। इसलिए समय कब कट गया किसी को पता ही नहीं चला। अब घर जाने की खुशी भी बहुत है।
कमलेश कुंकड़ा ने बताया कि 7 साल का बच्चा कई दिनों से राह ताक रहा है। कहता है- मां आप घर कब आओगे। ऐसे में घर परिवार व बच्चों की याद खूब आती है, लेकिन ऐसे समय में सेवा करना भी गर्व की बात है। करीब एक माह बाद बच्चों से मिलन होगा। 
प्रकाश सारस्वत व सुशील बुगालिया ने बताया कि होटल मैनेजर महावीरसिंह राठौड़ ने परिवार की तरह सब का ध्यान रखा। उन्होंने जैसे हॉस्पिटल में मरीजों का ध्यान रखा उससे कहीं ज्यादा महावीर जी ने चिकित्सा कर्मियों का ध्यान रखा। 
 नया दरवाजा निवासी मेल नर्स मोहम्म्द जावेद और उनकी बहन शाहीन कोसर ने बताया कि ड्यूटी के दौरान परिवार को काफी याद किया। घर सभी इसी इंतजार में हैं कि हम घर जाएं और साथ रोजे रखें, लेकिन इस बार ऐसा नहीं हो पाया।
कुचेरा निवासी मेल नर्स अमजद अली ने बताया कि ड्यूटी के साथ रोजे भी रखें हैं। घर पर दो बच्चें हैं जिनके फोन आते हैं और पूछते हैं कि पापा आप कब आओगे। जल्दी आ जाओ। बच्चों से जाकर मिलने की खुशी है।
इधर, चिकित्सा कर्मियों के सम्मान में बांटे सेनिटाइजर
इधर, माई मार्ट डिपार्टमेंटल स्टोर संचालक सत्यनारायण पंवार ने चिकित्साकर्मियों का सम्मान किया। प्रत्येक को पतंजलि का सेनेटाइजर भेंट किया और कहा, आपकी बदौलत हम सब स्वस्थ हैं। पंवार ने कहा, असली कोरोना योद्धा चिकित्साकर्मी ही हैं जो अपनी जान की परवाह किए बगैर पूरे कर्तव्य के साथ संक्रमितों का उपचार करने में लगे हुए हैं। यह अतुल्य सहयोग कोई भुला नहीं सकता है। ये अपने परिवार एवं बच्चों की परवाह किए बगैर रात दिन कोरोना संक्रमितों के बीच रहकर सेवा में लगे हुए हैं।

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