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  • Didwana ASP Deleted By Posting On Social Media; Wrote Protection Of Politicians To Smugglers, Bookies And Criminals, Told The Best Working Style Of SP

ASP का नेताओं पर गंभीर आरोप:डीडवाना ASP ने लिखा, मलाईदार थानों में MLA की सिफारिश से लगे हैं थानेदार, अवैध कारोबार और खनन में है नेताओं की हिस्सेदारी, तस्करों को भी पूरा संरक्षण

नागौर6 दिन पहले
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सट्टा कारोबारियों से मिलीभगत मामले में अजमेर अजमेर रेंज IG ने नागौर शहर कोतवाल व एक हेड कांस्टेबल को निलंबित कर दिया था। इसके बाद नागौर SP श्वेता धनखड़ पर RLP सुप्रीमो व सांसद हनुमान बेनीवाल द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों के बाद रविवार को डीडवाना ASP संजय गुप्ता ने एक सोशल मीडिया ग्रुप में खुला पत्र लिखकर इस मामले को फिर से हवा दे दी है। अपनी इस पोस्ट को उन्होंने कुछ ही मिनटों में डिलीट भी कर दिया था, पर उससे पहले ही इसके स्क्रीन शॉट वायरल हो गए।

डीडवाना ASP संजय गुप्ता द्वारा की गई इस पोस्ट में नागौर SP के कार्यकाल को शानदार बताते हुए जिले में नेताओं को तस्करों, सटोरियों और अपराधियों का संरक्षक होने की बात लिखी गई। इतना ही नहीं इस पोस्ट में ये भी लिखा गया कि उच्च अधिकारियों और विधायकों की डिजायर से लगे हुए कुछ CI और थानेदारों को नागौर SP श्वेता धनखड़ की अपराध और भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस वाली कार्यशैली भी पसंद नहीं है।

डीडवाना ASP संजय गुप्ता
डीडवाना ASP संजय गुप्ता

ये लिखा था ASP संजय गुप्ता ने पोस्ट में
"नागौर की जनता जानती है कि नागौर में कौन-कौन से नेता हैं, जो अफीम डोडा पोस्ट के तस्करों को, सटोरियों को, जुआरियों को और भू-माफियाओं को संरक्षण देते हैं। नागौर की जनता इतनी जागरूक है, उन्हें अच्छी तरह से मालूम है अवैध कारोबार में और खनन कार्यों में कौन-कौन से नेताओं की हिस्सेदारी है। किन-किन लोगों के रिश्तेदार यह कार्य कर रहे हैं। कुछ लोगों द्वारा माननीय SP साहब के खिलाफ जो षड्यंत्र के तहत जो आरोप लगाए जा रहे हैं, उसको नागौर की जनता समझती है। माननीय SP साहिबा लगभग 1 साल का कार्यकाल शानदार रहा। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों कर्मचारियों और भ्रष्ट नेताओं की नींद उड़ी रही।"

संज्ञान में आते ही हर तरह के अपराधियों के खिलाफ चाहे वो कितना भी प्रभावशाली हो उसका किसी भी नेता को संरक्षण प्राप्त हो, उनकी गिरफ्तारी तत्काल हुई है। लेकिन SP का कार्यकाल और कार्यशैली नागौर की जनता नागौर के नेताओं को रास नहीं आ रही है और न ही उच्च अधिकारियों के संरक्षण से और विधायकों के डिजायर सिस्टम से आए हुए थानेदार और CI लेवल के अधिकारियों को पसंद आ रही है।

"ऐसे अधिकारी और विधायक अपने आपको फ्री हैंड नहीं महसूस कर पा रहे हैं। जो उम्मीद पुलिस कर्मचारियों और थानों में तैनात अधिकारियों को थी। जिन थानों को मलाईदार थाने मानते थे, वहां एप्रोच करके लगने के बाद भी उन्हें उम्मीद के मुताबिक कुछ मिल नहीं पा रहा है, इसलिए अधिकारियों का नेताओं का कुछ विधायकों का गठजोड़ एक निर्भीक ईमानदार बेदाग और दबंग पुलिस अधिकारी किसान की बेटी को जिले में SP पद पर पचा नहीं पा रहे हैं और लगातार SP साहिबा के नागौर लगने लगने के बाद से ही षड्यंत्र कर रहे हैं और नागौर की जनता को यकीन है नेताओं के और अधिकारियों के मंसूबे कामयाब नहीं होंगे।"

"मुख्यमंत्री जी को नागौर की जनता के द्वारा समय-समय पर सारी स्थितियों से अवगत करा दिया गया है और जल्दी संपूर्ण घटना को लेकर मानवाधिकार संगठन, भ्रष्टाचार निरोधक के कार्यकर्ता व नागौर के संभ्रांत नागरिक जन का प्रतिनिधिमंडल मान्य अशोक गहलोत से मिलेगा और संपूर्ण घटनाक्रम से अवगत कराएंगे।"

अब बोले- गलती से हो गई थी पोस्ट, ज्यादा तूल न दें
इस पूरे मामले को लेकर जब ASP संजय गुप्ता से बात की गई तो उन्होंने कहा कि पोस्ट गलती से हो गई थी। इंसान हूं, गलती हो जाती है। मैंने पोस्ट को भी तुरंत ही डिलीट कर दिया था। मामले को बेवजह में ज्यादा तूल न दें।

नागौर की राजनीति में उबाल
एएसपी की पोस्ट के बाद नागौर की राजनीति में उबाल सा आ गया है। अपराधियों से नेताओं के गठजोड़ पर चर्चाएं चलने लगी हैं। सिफारिश से लगे थानेदार और पुलिसकर्मियों पर सवाल उठने लगे हैं। अभी कोई भी पुलिस अधिकारी इस पर खुलकर नहीं बोल रहा है, लेकिन इस घटनाक्रम से तय है कि जिस तरह से नागौर एसपी को हटाने को लेकर जिस तरह राजनेता लामबंद्ध हो रहे थे, अब ASP के खिलाफ भी मुहिम शुरू हो गई है।

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