लापरवाही:हाइवे पर गोवंश, वाहनों की चपेट में आने से 15 दिन में 7 की मौत

नागौरएक वर्ष पहले
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  • बीकानेर हाइवे का मामला, डीटीओ कार्यालय से लेकर गोगेलाव तक गोवंश का जमावड़ा, जिम्मेदार अब तक है मौन

बीकानेर हाइवे पर इन दिनों वाहनों के चपेट में आने से गोवंश दम तोड़ रहा है। जिला परिवहन कार्यालय से लेकर गोगेलाव तक हाइवे पर बड़ी संख्या में गोवंश का जमावड़ा है। हाइवे पर रातभर डेरा डाले बैठे गोवंश में से लापरवाही की तस्वीर यह सामने आई है कि इनमें टैग लगे गौशालाओं के पशु तक शामिल है। यानी गौशालाओं से छोड़े गए बड़ी संख्या में गोवंश हाइवे पर पहुंच चुका है। रातभर 4 से 5 किमी क्षेत्र में हाइवे पर घूम रहे गोवंश यहां से गुजरने वाले भारी वाहनों के अचानक चपेट में आने से दम तोड़ रहा है।

गत 15 दिनों में हाइवे पर वाहनों के चपेट में आने से 7 गोवंश की मौत तक हो चुकी है। मृतक पशु हाइवे पर या किनारे पर पड़े रहने से यहां से गुजरने वाले दुपहिया सहित अन्य को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सूचना के बावजूद इन पशुओं को हाइवे से हटाया तक नहीं गया। हाइवे पर गोवंश के जमावड़ा को लेकर वाहन चालक कई बार शिकायत दर्ज करवा चुके हैं, मगर जिम्मेदारों का इस तरफ कोई ध्यान नहीं है। ऐसे में यह हाइवे अब वाहन चालकों और गोवंश दोनों के लिए मौत का कारण बनता जा रहा है। गौरतलब है कि इस मार्ग पर एक साल में गौ वंश के सड़क पर होने के कारण कई हादसे हो चुके है जिस पर लोगों को इसकी कीमत जान देकर चुकानी पड़ी।

गोवंश के कारण पलट रही गाड़ियां, हाे रहे हादसे, अधिक वाहनों के एक साथ आने के समय लाइटों नहीं दिखता गोवंश
बीकानेर हाइवे पर रात्रि में बड़ी संख्या में जगह-जगह गोवंश के जमावड़ा के कारण वाहन चालकों के साथ हादसे हो रहे हैं। रात्रि में अचानक काले गोवंश सामने आने से बचाने के चक्कर में चौपहिया वाहन पलट रहे हैं। वहीं दुपहिया वाहन चालकों के लिए इस हाइवे से रात्रि को गुजरना खतरे से खाली नहीं है। गोवंश सामने आने से गत एक माह में कई वाहन पलट चुके हैं और कई बाल-बाल बचे हैं। हाइवे पर गोवंश को लेकर वाहन चालक इन दिनों सबसे ज्यादा परेशान हैं। मगर कोई इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है।

अनुदान उठा गाेवंश को छोड़ा, हाइवे पर आया
प्रदेश की सबसे ज्यादा गाैशालाए नागाैर में स्थापित है। जहां सरकार से सर्वाधिक अनुदान हर माह उठाया जा रहा है। इसके बावजूद गाै शालाओं के टैग लगे गोवंश आवारा घूम रहे है। पड़ताल में सामने आया है कि गौ शाला संचालकों द्वारा जिन गोवंश के नाम पर अनुदान उठाया जा रहा है, उन्हें आवारा छाेड़ दिया गया है। ऐसे गाेवंश जिले के हाइवे और सड़काें पर पर घूमते मिल रहे हैं। जो कई बार दुर्घटनाओं का कारण बनते जा रहे है। इंसानों की जान लेने के साथ साथ गोवंश को वाहनों की चपेट में आने के कारण खुद की जान भी गंवानी पड़ती है।

गाेवंश काे गाै शालाओं में भिजवाएंगे
हाइवे पर टैग लगी गायें घूम रही है ताे मैं कल ही दिखवाता हूं। टैग नंबर से पता करके संबंधित गौशाला संचालक के विरूद्ध कार्रवाई की जाएगी। साथ ही हाइवे पर से अन्य गोवंश काे पास की गाेशालाओं में भिजवाया जाएगा।
-सीआर मेहरड़ा, संयुक्त निदेशक पशुपालन विभाग।

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