एडिटर्स एक्सक्लूसिव:एक गोभक्त ऐसा भी- 10 राज्यों में 2500 से अधिक भजन संध्याओं से गोशालाओं के लिए दान में दिलाए सवा अरब रुपए

नागौर6 महीने पहले
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भजन गायक ओम मुंडेल का कहना है- मेरा एक ही सिद्धांत है- मैं रहूं न रहूं, मेरा राष्ट्र रहना चाहिए, मैं बचूं न बचूं, मेरी गाय माता बचनी चाहिए। - Dainik Bhaskar
भजन गायक ओम मुंडेल का कहना है- मेरा एक ही सिद्धांत है- मैं रहूं न रहूं, मेरा राष्ट्र रहना चाहिए, मैं बचूं न बचूं, मेरी गाय माता बचनी चाहिए।

भजन गायक ओम मुंडेल (30) ने गोसेवा को ही ध्येय बना लिया है। मुंडेल गायों के लिए हर साल 300 से अधिक जागरणों में निशुल्क गाते हैं। खास बात यह है कि जागरण में जब मुंडेल गोसेवा के लिए लोगों से दान करने की अपील करते हैं तो महिलाएं सोने के गहने और पुरुष जमीन तक दान दे देते हैं। मुंडेल देश के 10 राज्यों में 2500 से अधिक जागरणों में मुफ्त गा चुके हैं और इनमें अब तक सवा अरब से अधिक का दान लोगों से दिलवा चुके हैं।

पवन तिवाड़ी, स्थानीय संपादक, नागौर
पवन तिवाड़ी, स्थानीय संपादक, नागौर

इनके आग्रह पर गोवंश के लिए महिलाएं गहने, पुरुष जमीन दान दे देते हैं

एक ताने ने बदला जीवन का लक्ष्य
मुंडेल बताते हैं, बहुत साल पहले पाली में एक जगह गायों पर अत्याचार हो रहा था। बचाने को जो लोग गए, उनमें मैं भी शामिल था। वहां एक ने ताना मारा, तुम तेजाजी या पाबूजी हो? इतनी फिक्र है तो इन्हें बचाकर दिखाओ। वह बात मुझे चुभ गई। उसी दिन से मैं गायों की दशा सुधारने में और अधिक ताकत से जुट गया। ओम मुंडेल के साथ की टीम का खर्चा आयोजन समिति देती है, बाकी ओम मुंडेल कोई पैसा नहीं लेते हैं।

  • गोपाल विभाग के अनुसार प्रदेश में 3222 गोशालाएं हैं जिनमें 10.61 लाख गोवंश हैं। सबसे अधिक गोशालाएं नागौर जिले में 607 हैं। इन सभी में कुल 1.81 लाख से अधिक गोवंश है। चूरू में 224, हनुमानगढ़ में 260, सीकर में 232 गोशालाएं पंजीकृत हैं।

मैं रहूं न रहूं, गाय और राष्ट्र बचना चाहिए
ओम ने कहा, मुझे हजारों परेशानियां मिल रही हैं, मुकदमें हो रहे हैं। मानसिक प्रताड़ित किया जा रहा है लेकिन मैं हार नहीं मानूंगा। मेरे गुरु ने एक ही बात समझाई है- सत्य परेशान हो सकता है मगर पराजित नहीं। मैं गाय बचाने के लिए जुटा रहूंगा। मेरा एक ही सिद्धांत है- मैं रहूं न रहूं, मेरा राष्ट्र रहना चाहिए, मैं बचूं न बचूं, मेरी गाय माता बचनी चाहिए।