रामकथा का दूसरा दिन:विदेशी संस्कृति से हो रहा क्षरण, अपनी संस्कृति ही देश का धर्म बचाती

नागौर2 महीने पहले
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संत शिरोमणि लिखमीदास महाराज स्मारक विकास संस्थान अमरपुरा नागौर के तत्वावधान में चल रहे रामकथा का दूसरा दिन बुधवार को आयोजन हुआ। संत लिखमीदास महाराज स्मारक के लोकार्पण व देव मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा के 5वें पाटोत्सव के अवसर पर 6 दिवसीय आयोजन के अंतर्गत द्वितीय दिवस रामकथा प्रसंग श्रवण का लाभ लिया। संत ने कहा कि राम का जीवन मर्यादा का, विनय शीलता का व संस्कारों का जीवन है। शिक्षा के साथ संस्कार भी बालकों को दिए जाने चाहिए। समाज जीवन में मर्यादा के अभाव में अव्यवस्था व अत्याचार की स्थिति उत्पन्न होती है। स्वामी रामसुखदास महाराज की ओर से लोगों के कल्याण के लिए गीता के पांच श्लोक प्रारंभ करवाने का आग्रह किया। संत डूंगर दास महाराज ने गीता के चौथे अध्याय के 6 से 10 तक के श्लोकों का समवेत गान करवाया। उन्होंने कहा कि अगर मनुष्य जन्म दोबारा चाहिए तो गीता जी के पाठ को याद करें। भारतीय संस्कृति को बचाने के आह्वान करते हुए उन्होंने कहा कि विदेशी संस्कृति का प्रचलन बहुत तेजी से बढ़ रहा है और अपनी संस्कृति का क्षरण हो रहा है। यही हाल रहा तो देश गर्त में चला जाएगा क्योंकि संस्कृति ही देश का धर्म व मूल्य बचाती है। इस दौरान संत राम रतन महाराज बालेसर, जोधपुर संस्थान के महासचिव राधाकिशन तंवर, कार्यकारिणी सदस्य पारसमल परिहार, बहादुर सिंह भाटी, बालकिशन, पन्नालाल सोलंकी, पापालाल सांखला, मंछाराम कच्छावा, सुखराम परिहार, डूंगर राम परिहार, गोविंद सिंह गहलोत, फतेह चंद चौहान, अनिल सोलंकी, रामविलास सोलंकी, धर्मेंद्र सोलंकी, नथमल मिस्त्री, बाबूलाल सांखला, मोहन सिंह भाटी, नारायण पंवार, रामकुमार सोलंकी, रामजस सोलंकी, मनीराम सांखला, जगदीश सोलंकी, नथूराम सांखला, धनराज आदि मौजूद थे। संस्थान के कोषाध्यक्ष कमल भाटी ने बताया कि कार्यक्रम में संस्थान पदाधिकारियों को संत रामरतन महाराज के सान्निध्य में नारायण सेवा समिति मंडोर जोधपुर व माली संस्थान जोधपुर के संयुक्त तत्वावधान में 7 वें सामूहिक विवाह समारोह का निमंत्रण दिया। 18 जनवरी को होने वाले इस सामूहिक विवाह के पंजीकरण की अंतिम तिथि 30 दिसंबर को रखी गई। यह कार्यक्रम मंडोर अंचल जोधपुर में होगा। आयोजन समिति के पदाधिकारियों की ओर से निमंत्रण पत्र संत शिरोमणि लिखमीदास महाराज स्मारक पर भी निवेदिता किया गया। इस अवसर पर आयोजन समिति के अध्यक्ष मनोहर सिंह सांखला, कोषाध्यक्ष प्रेम सिंह सोलंकी, आयोजन समिति के प्रभारी रणजीत सिंह गहलोत व सदस्य अक्षय सिंह टाक भी उपस्थित थे। आयोजन समिति की ओर से अमरपुरा संस्थान को इस कार्यक्रम के निमित्त जरूरतमंद वर वधू के परिवारों से संपर्क करके उनका अधिकतम संख्या में पंजीकरण कराने का भी आग्रह किया। राम कथा प्रतिदिन दोपहर 1 से 3 बजे तक 4 दिसंबर तक चलेगी। 4 दिसंबर को होने वाली भजन संध्या में प्रकाश माली, हर्ष माली, दिनेश माली, पिंकी गहलोत, रमेश माली सहित अनेक भजन गायकों की ओर से भजनों की प्रस्तुतियां की जाएगी। साथ ही दोपहर को 1 बजे ट्रस्ट की आम सभा की बैठक भी आयोजित की जाएगी। 5 दिसंबर को जनप्रतिनिधियों व शिक्षाविदों की उपस्थिति में माली सैनी समाज का राज्य स्तरीय प्रतिभा सम्मान समारोह भी आयोजित होगा।

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