कश्मीर में नौकरी कर रहे राजस्थानियों का दर्द:आतंकी कहते हैं- अब तुम्हारा नंबर; गोलियां बरसाते रहेंगे, निकलो यहां से

नागौर6 महीने पहलेलेखक: मनीष व्यास

कश्मीर टारगेट पर है...टारगेट हैं गैर कश्मीरी, कश्मीरी पंडित और वो लोग जो राजस्थान से वहां नौकरी के लिए गए हैं। 6 दिन पहले गुरुवार सुबह हनुमानगढ़ के विजय कुमार की आतंकी ने गोली मारकर हत्या कर दी। अब यह डर वहां नौकरी कर रहे 250 से ज्यादा राजस्थानियों में बैठ चुका है। हर दिन उन्हें जान से मारने की धमकी दी जा रही है। सोशल मीडिया के जरिए धमकी भरे पोस्टर ने रातों की नींद उड़ा दी है। धमकी मिलती है- गैर कश्मीरी हो...। बंदूक में गोलियां हैं, बरसाते रहेंगे।

डर से कई लोगों ने पलायन शुरू कर दिया है। अभी भी कश्मीर घाटी की J&K और EDB बैंक में 250 से ज्यादा राजस्थानी बैंकर्स काम कर रहे हैं। दिन-रात यह सोच कर निकलता है कि विजय के बाद अगला कौन? अब किसकी बारी...?

ऐसे ही डरते हुए हाल बताए वहां काम करने वाले कुछ कर्मचारियों ने, शर्त थी पहचान छिपा कर रखी जाए, पढ़िए वहां दहशत में नौकरी कर रहे राजस्थानी लोगों की आपबीती....

विजय की हत्या के बाद सब लोग छुट्‌टी लेकर निकलने की कोशिश कर रहे हैं। घरवालों के फोन आ रहे हैं, जैसे भी हो वहां से निकल जाएं। कहते हैं ऐसी नौकरी नहीं चाहिए। कई चले भी गए हैं। जिन ब्रांच में राजस्थानी काम कर रहे हैं, वहां सिक्योरिटी नहीं है। एक भी गार्ड बैंक के बाहर तैनात नहीं रहता। सोशल मीडिया पर खुलेआम जान से मारने की धमकी वाले मैसेज मिल रहे हैं। बैंक का सपोर्ट नहीं है।

यहां बैंक के GM और चेयरमैन सब कश्मीरी हैं। गैर कश्मीरियों को कोई सपोर्ट नहीं है। होली-दिवाली पर भी कोई छुट्टी पर चला जाता है तो उसे सस्पेंड कर दिया जाता है। एक बैंक कर्मचारी ने बताया कि एक बार उनके भाई की मौत हो गई थी। वह दाह संस्कार में राजस्थान चला गया था। बाद में उसे सस्पेंड कर दिया गया। 15 अगस्त हो या 26 जनवरी कभी भी बैंक हेडक्वार्टर से तिरंगे की फ्लैग होस्टिंग का मैसेज तक नहीं आता है।

विजय की हत्या के बाद इस तरह के लेटर गैर कश्मीरियों के लिए जारी किए जा रहे हैं। धमकाया जा रहा है कि वे यहां से चले जाएं, नहीं तो ऐसे अटैक जारी रहेंगे।
विजय की हत्या के बाद इस तरह के लेटर गैर कश्मीरियों के लिए जारी किए जा रहे हैं। धमकाया जा रहा है कि वे यहां से चले जाएं, नहीं तो ऐसे अटैक जारी रहेंगे।

धमकी दी जाती है कि अभी भी समय है घाटी छोड़कर चले जाएं, नहीं तो हमारी गोलियां खत्म नहीं हुई हैं। गैर कश्मीरियों के लिए लिखा जाता है कि कश्मीर में रहने वाले गैर कश्मीरी घाटी छोड़ दें। नहीं तो बैंक मैनेजर विजय के जैसा अगला नंबर उनका होगा। कश्मीर हमारा है, यहां हर चीज पर हमारा हक है। इंडिया को यहां से कुछ भी लूटने नहीं देंगे। अभी और हमले होंगे। तब तक होंगे जब तक कश्मीर आजाद न हो जाए।

राजस्थानी कर्मचारियों और गैर कश्मीरियों को जानबूझकर संवेदनशील ग्रामीण एरिया में पोस्टिंग दी जाती है। रहने-खाने के कोई इंतजाम भी नहीं होते हैं। आम कश्मीरी अलगाववादी हो या न हो पर वो इंडिया से नफ़रत करता है। ऐसे माहौल में रहना पड़ रहा है। आतंकी बुरहान वानी की मौत के बाद जब कश्मीर लम्बे टाइम तक बंद रहा था तो बैंक एडमिनिस्ट्रेशन ने गैर कश्मीरियों को सैलरी नहीं दी।

कोई बोल भी नहीं सकता। सालभर पहले गैर कश्मीरी बैंकर्स की एसोसिएशन भी बनाई गई थी। जम्मू का एक युवक अध्यक्ष बना था। अब हालत यह है कि करियर बर्बाद हो गया। प्रमोशन रुक गया है। दूसरी बैंक में सिलेक्शन हो जाए तो उसे NOC के लिए भी तरसाया जाता है। हेडक्वार्टर में हाथ-पांव जोड़कर गिड़गिड़ाने पर काम होता है। यहां केवल नफरत है।

विजय की मौत के बाद सोशल मीडिया पर धमकियां, कहते हैं अगला नंबर तुम्हारा
कश्मीर में रहने वाले राजस्थान के कुछ लोगों ने आतंकियों की पोस्ट शेयर की है। सोशल मीडिया पर गैर कश्मीरियों के लिए कैंपेन चलाया जा रहा है। विजय की मौत के बाद धमकाया जा रहा है कि अगला नंबर तुम्हारा है।
कहते हैं कि अब गैर कश्मीरी किसी भी कीमत पर कश्मीर में बर्दाश्त नहीं होंगे। वे यहां गैर कश्मीरियों की तादाद बढ़ाना चाहते हैं। ये कश्मीर की आजादी खत्म करने जैसा है। ऐसा ही इजराइल ने फिलिस्तीन के साथ किया था।

गैर कश्मीरियों को धमकाया जा रहा है कि यह जमीन उनकी है। यहां रहने वाले गैर कश्मीरियों की नींद उड़ गई है। डर है कि अगला हमला न जाने किस पर हो जाए।
गैर कश्मीरियों को धमकाया जा रहा है कि यह जमीन उनकी है। यहां रहने वाले गैर कश्मीरियों की नींद उड़ गई है। डर है कि अगला हमला न जाने किस पर हो जाए।

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