प्रशासन की नाकामी / गैंगवार में नामजद हिस्ट्रीशीटर के खिलाफ 4 साल से राजपासा की कार्रवाई फाइलों में ही दफन होकर रह गई

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  • जायल में हाल ही में हुई थी गैंगवार की घटना, हिस्ट्रीशीट के खिलाफ है 16 से अधिक मामले दर्ज

दैनिक भास्कर

Jun 30, 2020, 04:00 AM IST

नागौर. जायल थाना इलाके में पनप रहे आपराधिक गिरोह के पीछे सरकारी तंत्र की कमजोरी सामने आई है, जिसकी परिणति सप्ताहभर पहले ढेहरी गांव में हुई गैंगवार है। सरकारी तंत्र अगर इस ओर थाना स्तर से भेजी पत्रावलियों पर समय रहते प्रभावी कार्रवाई करता तो संभवत गैंगवार की स्थितियां नहीं बनतीं।

सूत्रों के अनुसार गैंगवार में नामजद जगदीश सारण इलाके का हिस्ट्रीशीटर है, जिसके खिलाफ 16 से अधिक प्रकरण दर्ज हैं। थाना स्तर से वर्ष 2016 में इस आदतन अपराधी के खिलाफ राजपासा की कार्रवाई के लिए पत्रावलियां अधिकारियों तक भेजी गई, लेकिन लंबा समय गुजरने के बाद भी पूरा मामला ठंडे बस्ते में चला गया। इससे आरोपियों के हौसले बुलंद हो गए और इलाके में अपराध बढ़ते चले गए। जो अब गैंगवार तक पहुंच गए हैं। 

थाने से भेज रखी हैं पत्रावलियां
जायल थाना प्रभारी खेमाराम ने बताया कि इलाके का हिस्ट्रीशीटर जगदीश सारण के खिलाफ 15 से अधिक आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं। इनमें मारपीट, हमले, जमीन खाली करवाने, हथियार रखने एवं हत्या के प्रयास से लेकर अन्य कई गंभीर प्रकृति के आपराधिक  प्रकरण दर्ज हैं। इस आरोपी के खिलाफ राजपासा की कार्रवाई के लिए थाना स्तर से फाइल बहुत पहले ही जा चुकी हैं, लेकिन अभी तक उनके पास कोई आदेश नहीं आए हैं। आरोपी के खिलाफ दर्ज कई प्रकरणों में निर्णय भी हो चुका है। जबकि कई विचाराधीन हैं।

जिन प्रकरणों में निर्णय हुए हैं उनमें आरोपियों पर जुर्माना भी लगाया गया है। इसके अलावा सजा भी हुई है। इधर, जानकारों के अनुसार इस आरोपी के खिलाफ गुंडा एक्ट के तहत कार्रवाई के लिए पत्रावलियां थाने पूर्व में भेजी जा चुकी हैं, लेकिन समय रहते कार्रवाई नहीं हुई। इससे आरोपी के हौसले बढ़ते चले गए।

अपराधियों पर अंकुश लगाने वाला कानून
प्राप्त जानकारी के अनुसार राज्य सरकार ने अपराधियों काे जेल भेजने के लिए राजस्थान समाज विरोधी क्रियाकलाप निवारण अधिनियम ‘राजपासा’ एक्ट वर्ष 2006 में बनया, जिससे लगातार सक्रिय अपराधियों पर सीधी कार्रवाई की जा सके और उनको एक साल के लिए जेल भेजा जा सके। 

सप्ताहभर पहले हुई फायरिंग में नामजद
सप्ताहभर पहले ढेहरी गांव में फायरिंग की वारदात हुई थी। इसमें जगदीश सारण सहित अन्य कई आरोपी नामजद हैं। इनमें अधिकांश आपराधिक प्रवृत्ति के हैं। पुलिस के हाथ इस वारदात में अभी तक एक भी आरोपी नहीं चढ़ा है। बताया गया है कि आरोपियों की धरपकड़ के लिए पुलिस की कई टीमें लगी हुई हैं। जो जिले के अलावा बाहर भी दबिशें दे रही हैं।

यह है राजपासा 
सक्रिय अपराधी जिससे अपराधियों में भय पैदा हो रहा हो। पुलिस की निरोधात्मक कार्रवाइयों के बावजूद आरोपी अपराध करता हो। पुलिस ऐसे आरोपियों के खिलाफ राज पासा के तहत कार्रवाई करती है। इस एक्ट में थाना प्रभारी का इस्तगासा पुलिस अधीक्षक व कलेक्टर के समक्ष पेश होता है और कलेक्टर आरोपी को निरुद्ध करने का आदेश देता है।

इसके अलावा यह रिपोर्ट गृह विभाग भी जाती है। इसके बाद दो जजों की कमेटी, थाना प्रभारी, एसपी, कलेक्टर अपराधी को बुलाकर उसका पक्ष सुनती है। इसके बाद उसके बारे में निर्णय होता हैं। कमेटी की सहमति पर आरोपी को सालभर के लिए जेल में रखा जाता है।

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