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  • For The Marriage Of 2 Brothers And Their Two Years, Suman, Who Was Educated In The Atta Sata System, Had To Marry A Less Educated Young Man; To Save Four Families From Breaking Up, Death Was Chosen Instead Of Divorce.

चार घर बसाने के सौदे ने ली 'सुमन' की जान:'आटा-साटा' कुप्रथा के चलते ग्रेजुएट युवती को करनी पड़ी बकरियां चराने वाले से शादी, शर्त थी- तलाक नहीं ले सकती, इसलिए मौत को चुना

नागौर4 महीने पहलेलेखक: किरण राजपुरोहित
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मृतका सुमन चौधरी। फ़ाइल फोटो। - Dainik Bhaskar
मृतका सुमन चौधरी। फ़ाइल फोटो।

नागौर जिले के हेमपुरा गांव में 3 दिन पहले 21 साल की विवाहिता सुमन चौधरी ने कुएं में कूद कर जान दे दी थी। सुमन की मौत के बाद वायरल हुए सुसाइड नोट में उसने अपनी मौत का जिम्मेदार समाज और समाज में चल रही ‘आटा-साटा' कुप्रथा को बताया था। इस कहानी में अब एक नया मोड़ आ गया है। सामने आया कि सुमन ने अपने दो भाइयों और उनके दो सालों के परिवारों को बचाने के लिए मौत का रास्ता चुना था।

दो साल पहले हुई थी सुमन की शादी

करीब 2 साल पहले सुमन की शादी भुनी गांव निवासी युवक से हुई थी। शादी आटा-साटा प्रथा के तहत होने वाली शर्तों पर हुई थी। नेमाराम से सुमन की शादी होने के बाद उसके परिवार की दो बेटियाें की शादी सुमन के 2 भाइयों के 2 सालों से कराई गई। इनकी लिचाना गांव में शादी कराई गई। जब उसके भाई के सालों की शादी हुई तो उन परिवार की दो लड़कियों से सुमन के दो भाइयों की शादी कराई गई। ऐसे में सुमन की शादी के बाद चार परिवार बसे। खास बात यह कि इसके लिए उसकी शादी उससे कम पढ़े लिखे युवक से हुई। इस प्रथा में शर्त भी ऐसी थी कि यदि वो तलाक लेती तो इन चारों का परिवार टूट जाता जो सुमन नहीं चाहती थी। आखिर उसने कुएं में कूदकर जान दे दी। सुमन आट्‌र्स में ग्रेजुएट थी। उसकी शादी उससे हुई, जो पहले गांव में बकरियां चराता था। खेती करता था। अभी मेहनत मजदूरी करने के लिए विदेश गया हुआ है। काफी समय से सुमन अपने मायके में ही थी।

​​​​​तलाक लेने की भी सोची

ऐसा नहीं था कि सुमन ने अपनी शादी और जिंदगी से परेशान होकर आसानी से मौत चुन ली हो। ग्रामीणों के अनुसार, वो बेहद मजबूत लड़की थी। वो तलाक भी ले सकती थी और शायद उसने ऐसा सोचा भी था। इसको लेकर वायरल सुसाइड नोट में जिक्र भी किया गया है। इसके बदले में सामाजिक नियमों के तहत उसके 2 भाइयों व भाइयों के 2 सालों का परिवार टूटने का ख़तरा था। यदि वह तलाक लेती तो 'आटा-साटा' प्रथा के तहत उसके दो भाइयों और उनके दो सालों का परिवार भी टूट जाता। इसी को बचाने के लिए उसने कुएं में कूदकर अपनी जान दे दी।

पति इराक में करता है मजदूरी
आमतौर पर शादी के बाद लड़कियां अपने घर और जीवनसाथी के साथ खुश रहती हैं। इस मामले में 21 वर्षीय सुमन का जीवन मुरझा गया था। उसने खूब सपने संजोए थे, लेकिन उसे अपने सपनों का राजकुमार नहीं मिला था। वो पढ़ी लिखी और मॉडर्न ख्यालों वाली लड़की थी। उसने नागौर जिले के नावां से ब्यूटी पार्लर का कोर्स भी किया था। लेकिन 'आटा-साटा' कुप्रथा ने उसका जीवन खराब कर दिया और उसे न चाहते हुए भी कम पढ़े लिखे लड़के से शादी करनी पड़ी। उसने इसे ही नियति मानकर समझौता कर लिया था, लेकिन पति नेमाराम उसे छोड़कर इराक में मजदूरी करने चला गया। वह और टूट गई। मायके लौट आई और आठ महीने से यही रह रही थी।

समाज-परिवार सब चुप

नागौर जिले में हुई घटना के बाद समाज और परिवार के सभी लोग चुप हैं। कोई कुछ नहीं बोल रहा है। सुमन ने इस कुप्रथा का सच सामने ला दिया है। परिवार के लोगों की पूरी कोशिश थी कि हकीकत सामने न आए। परंतु सुसाइड नोट पर पूरे मामले से ही पर्दा उठा दिया।

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