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व्यवस्था फेल:कचरा पात्र गायब होने से सड़कों पर फैला कचरा, नाले डटने से घरों में पहुंच रही बदबू

नागौरएक महीने पहले
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बाजरवाड़ा में आवारा मवेशी प्लास्टिक खाते हुए। - Dainik Bhaskar
बाजरवाड़ा में आवारा मवेशी प्लास्टिक खाते हुए।

कचरा पात्र गायब होने से सड़कों पर कचरा फैलने से शहर पर गंदगी के दाग लग चुके हैं। आलम यह है कि शहर के कई मोहल्लों में समय पर सफाई नहीं होने से कचरे के ढेर लगे हैं। क्षेत्र के लोगों का कहना है नगर परिषद के जिम्मेदारों का इस तरफ कोई ध्यान नहीं है, जिसके चलते नागौर शहर साफ सफाई में पिछड़ गया। वार्डों में गंदे पानी की निकासी के लिए बने नालों की लंबे समय से सफाई नहीं होने से गंदगी सड़कों पर फैलने लगी है और घरों में बदबू पहुंच रही है।

लोगों में नगर परिषद के जिम्मेदारों के खिलाफ आक्रोश व्याप्त है। शहर में कचरा सड़कों पर न फैले, इसे लेकर जो कचरा पात्र खरीदे उनमें से अधिकतर गायब है, जो पड़े है, वो सही अवस्था में नहीं होने से कचरा बाहर पड़ा रहता है। शहर की भीतरी इलाकों, यानी वार्डों में कहीं भी कचरा-पात्र नजर नहीं आता। जिसे लेकर कचरा गलियों व सड़कों पर पड़ा रहता है।

शहर के दरगाह की मुख्य रोड के पास, बख्तसागर की मुख्य रोड किसान छात्रावास के सामने, गांधी चौक बी रोड, कांकरिया स्कूल के पास तथा राठौड़ी कुआं के पास बने मैदान की दीवार के बाहर बेतरतीब ढंग से कचरा फैला पड़ा है। यहां मवेशियों को खाने की तलाश में प्लास्टिक खाने को मजबूर है। लोग भी कचरे से परेशान है।

स्थान.गांधी चौक बी रोड
स्थानीय निवासी रिजवान ने बताया कि लंबे समय से सफाई नहीं होने से परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। गंदगी और बीमारी से हाल बेहाल है, यहां रहने वाले निवासियों को गंदी बदबू से दिक्कतें हो रही है। गाजीखाड़ा में भी कई दिनों से गंदगी पड़ी है। नगर परिषद की जमीन पर ढेर सारा कचरा और प्लास्टिक की थैलियां पड़ी है। खाली करने के लिए लगाई गई मशीन भी लंबे समय से बंद पड़ी है।

स्थान. 48 स्थित दरगाह रोड
स्थाानीय निवासियों ने बताया कि यहां गंदगी का पड़ा ढेर मुसीबत बना हुआ है। नगर परिषद को अवगत कराने के बाद भी यहां से कचरा उठाने के लिए कभी 15 दिन से तो कभी महीनों महीनों भर तक नहीं आते। यहां जगह-जगह कचरे के साथ प्लास्टिक की भरमार पड़ी रहती है। आवारा मवेशी यहां खाने के लिए भोजन ढूंढते है और थैलियां चबाते है, जो उनके लिए काफी हानिकारक है। यहां बड़े नालों की सफाई पिछले 6 महीनों से एक बार ही होती है।

स्थान. न्यारो का मोहल्ला
स्थानीय निवासी अब्दुल हमीद ने बताया कि यहां कचरा पड़ा है। नियमित सफाई नहीं हाे रही। यहां पीछे ही दरगाह है और यहां आस-पास के 5 मोहल्ले का आम रास्ता है, जिसमें न्यारो का मोहल्ला, दड़ों का मोहल्ला व सिलावटों का मोहल्ला के साथ और भी मोहल्लों के साथ दरगाह की मुख्य रोड़ जुड़ती है।

यहां कचरे के साथ प्लास्टिक बिखरी हुई है, जिसे आवारा मवेशी खाने बाद जानवरों की मौतें भी हुई है। यहां फैले कचरे की सफाई पिछले ढाई महीने से नहीं हुई है तथा नाले की सफाई भी साल में एक बार होती है। नगर परिषद का यहां सफाई का सिस्टम पूरी तरह से फेल है।

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