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इंडियन गेल महिपाल 95 लाख में बिके:दादा ने 2 वर्ष की उम्र में बैट थमाया तो दादी ने पोते को क्रिकेटर बनाने के लिए गांव छोड़ा

नागौर8 महीने पहले
राजस्थान के युवा क्रिकटरों की फेहरिस्त में शामिल महिपाल लाेमरोड़ ने अपने शानदार प्रदर्शन के बल पर टीमों का ध्यान अपनी ओर खींचा है।

IPL 2022 के मेगा ऑक्शन में राजस्थान के खिलाड़ियों का जादू सिर चढ़कर बोल रहा है। यहां के युवा क्रिकेटरों में खरीदारों ने खूब दिलचस्पी दिखाई है। इसी में नागौर के महिपाल लोमरोड़ का भी नाम शामिल है। उन्हें रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) ने 95 लाख में खरीदा है। महिपाल का जन्म नागौर के मूंडवा तहसील के ढाढरिया खुर्द गांव में हुआ था। इंडियन क्रिकेट में जूनियर या इंडिया के गेल के नाम से भी महिपाल पॉपुलर हैं।

दादा का सपना पोते ने पूरा किया
महिपाल की किस्मत चमकी तो उनके चाहने वालों के भी चेहरे खिल उठे हैं। उनके दादा उम्मेद सिंह लोमरोड़ ने भी सपना देखा था कि उनका पोता ऊंचाइयों को छुए। पोते महिपाल ने यह कर दिखाया। पुलिस में एसआई उम्मेद सिंह ने मात्र 2 वर्ष की उम्र में ही महिपाल को बैट थमा दिया था। महिपाल ने भी दादा को निराश नहीं किया। क्रिकेटर बनने को ही जीवन का लक्ष्य बना लिया। महिपाल ने क्रिकेट के शुरुआती गुर नागौर में ही सीखे।

बचपन में क्रिकेट बेट के साथ महिपाल लामरोड़। उन्हें सबसे पहला बैट उनके दादा ने लाकर दिया था।
बचपन में क्रिकेट बेट के साथ महिपाल लामरोड़। उन्हें सबसे पहला बैट उनके दादा ने लाकर दिया था।

फिलहाल महिपाल रणजी टूर्नामेंट को लेकर त्रिवेंद्रम में हैं। वहां अभी क्वारैंटीन हैं। ऑक्शन को लेकर पूरी तरह आश्वस्त थे। महिपाल अब तक आईपीएल करियर के 11 मैचों में 9 छक्के और 8 चौकों के साथ 22.62 के एवरेज से 181 रन बना चुके हैं। अपने खेल के दम पर बॉलिंग में भी महिपाल ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पिछले सीजन में 7 ओवर में 47 रन देते हुए एक विकेट झटका था।

अपनी दादी सिणगारी देवी के साथ महिपाल। महिपाल का जन्म 16 नवंबर, 1999 में हुआ था।
अपनी दादी सिणगारी देवी के साथ महिपाल। महिपाल का जन्म 16 नवंबर, 1999 में हुआ था।

IPL के 5 सीजन खेल चुके हैं महिपाल
2016 में बांग्लादेश में हुए फाइनल मैच में इंडिया रनरअप रहा था। इस वर्ल्ड कप के बाद T-20 की दुनिया में कदम रखने वाले महिपाल इससे पहले IPL के पांच सीजन खेल चुके हैं। साल 2016 में महिपाल का IPL सफर शुरू हुआ। पहली बार दिल्ली डेयरडेविल्स के लिए वे बेस प्राइस 10 लाख में खरीदे गए। पहला IPL दिल्ली डेयरडेविल्स से खेलने के बाद अगले साल राजस्थान रॉयल्स में बेस प्राइस 20 लाख में खरीदा गया। तब से लगातार चौथी बार राजस्थान रॉयल्स से IPL खेल रहे हैं।

चारों ही बार उन्हें बेस प्राइस 20-20 लाख रुपए में खरीदकर टीम में शामिल किया गया था। अब IPL-15 में वो अपनी नई टीम RCB के लिए खेलते दिखेंगे। वो राजस्‍थान क्रिकेट टीम के कप्‍तान भी बन चुके हैं। एडम गिलक्रिस्ट को वे अपना आदर्श मानते हैं। गेंदबाजी में रविंद्र जडेजा उनके आइडल हैं।

महिपाल ने कड़ी मेहनत कर क्रिकेट में मुकाम बनाया।
महिपाल ने कड़ी मेहनत कर क्रिकेट में मुकाम बनाया।

कोच ने दिया जयपुर भेजने का सुझाव
क्रिकेटर महिपाल के पिता कृष्ण कुमार ने बताया कि महिपाल ने 7-8 साल की उम्र में क्रिकेट खेलना शुरू किया था। नागौर में उनका मकान स्टेडियम के पास है। वहां एक क्रिकेट एकेडमी चलती थी। महिपाल के शौक को देखते हुए पिता ने उन्हें एकेडमी में भेजना शुरू कर दिया।

3-4 महीने में ही एकेडमी के कोच मुकेश प्रजापत और कमल पुरोहित ने महिपाल की प्रतिभा को पहचान लिया। दोनों कोच ने महिपाल के पिता को सलाह दी कि वे बेटे को जयपुर या दिल्ली शिफ्ट करें। ताकि खेल में और सुधार हो सके।

अपने माता-पिता, दोनों बहनों और दादी के साथ महिपाल।
अपने माता-पिता, दोनों बहनों और दादी के साथ महिपाल।

दादी ने महिपाल के लिए छोड़ा गांव
उनके पिता कृष्ण कुमार लोमरोड़ ने बताया कि हमारा पूरा परिवार नागौर में रहता था। ऐसे में महिपाल को छोटी उम्र में अकेले जयपुर भेजना संभव नहीं हो रहा था। उस समय महिपाल की दादी सिणगारी देवी ने कहा, ‘मैं जाऊंगी महिपाल के साथ। मैं बनाऊंगी इसे क्रिकेटर।’ दादी की जिद, महिपाल की ललक और दादा की इच्छाशक्ति से दादी-पोते 2012 में जयपुर शिफ्ट हो गए। वहां सुराणा एकेडमी में उन्हें एडमिशन दिलाया गया। यहां दादी ने पोते को खेल के लिए लगातार मोटिवेट किया।

बदल गई जिंदगी, जब पहला मौका मिला
दादा के फैसले और दादी के समर्पण से महिपाल की जिंदगी उस समय बदल गई, जब नागौर जिले की तरफ से खेलने का मौका मिला। शानदार प्रदर्शन के बूते महिपाल का राजस्थान से अंडर-14 की टीम में चयन हो गया। यह मैच मुंबई में हुआ था। वहां महिपाल ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 250 रन की नाबाद पारी खेली। फिर अंडर-16, रणजी और भारत की अंडर-19 की क्रिकेट टीम में शानदार पारियां खेलते हुए उन्होंने सबका ध्यान अपनी ओर खींच लिया।

पूर्व भारतीय कप्तान राहुल द्रविड़ और ऋषभ पंत के साथ महिपाल लामरोड़। महिपाल बताते हैं कि उन्हें द्रविड़ से काफी कुछ सीखने को मिला। द्रविड़ की विनम्रता महिपाल को सकारात्मक सीख देती है।
पूर्व भारतीय कप्तान राहुल द्रविड़ और ऋषभ पंत के साथ महिपाल लामरोड़। महिपाल बताते हैं कि उन्हें द्रविड़ से काफी कुछ सीखने को मिला। द्रविड़ की विनम्रता महिपाल को सकारात्मक सीख देती है।

2016 में शुरू हुआ IPL का सफर
साल 2016 में महिपाल का IPL सफर शुरू हुआ। पहली बार दिल्ली डेयरडेविल्स के लिए वे बेस प्राइस 10 लाख में खरीदे गए। पहला IPL दिल्ली डेयरडेविल्स से खेलने के बाद अगले साल राजस्थान रॉयल्स में उनको बेस प्राइस 20 लाख में खरीदा गया। तब से लगातार चौथी बार राजस्थान रॉयल्स से IPL खेल रहे हैं। चारों ही बार उन्हें बेस प्राइस 20-20 लाख रुपए में खरीदकर टीम में शामिल किया गया। महिपाल राजस्‍थान क्रिकेट टीम के कप्‍तान भी बन चुके हैं। वे एडम गिलक्रिस्ट को अपना आदर्श मानते हैं।

ऐसे मिला जूनियर क्रिस गेल का नाम
महिपाल ने इंटरव्यू में बताया था कि एक बार वे 2011 में मुंबई में मैच खेलने गए थे। तब वहां पूर्व क्रिकेटर चंद्रकांत पंडित भी पहुंचे थे। पंडित ने उन्हें जूनियर गेल और भारत का क्रिस गेल कहकर बुलाया था। तब से दोस्त उन्हें जूनियर गेल ही कहने लगे।

दोस्त महिपाल को जूनियर गेल कहते हैं।
दोस्त महिपाल को जूनियर गेल कहते हैं।

पिछले साल पूरा किया ग्रेजुएशन
महिपाल ने सातवीं तक की पढ़ाई नागौर में ग्रामोत्थान विद्यापीठ से की। इसके बाद 8वीं से 12वीं की पढ़ाई जयपुर में रवीन्द्र भारती स्कूल से की। पिछले साल उन्होंने नागौर के मिर्धा कॉलेज से प्राइवेट बीए पूरा किया। पिता कृष्ण कुमार बताते हैं कि उन्होंने सोचा था कि रणजी तक भी खेल लेगा तो उनके लिए बहुत है, लेकिन महिपाल ने इतना आगे बढ़कर परिवार, गांव और राजस्थान का नाम ऊंचा किया है। यह उनके लिए गर्व की बात है।

ऑक्शन में नाम आया तो परिवार ने बजाईं तालियां।
ऑक्शन में नाम आया तो परिवार ने बजाईं तालियां।

महिपाल के पिता कृष्ण कुमार लोमरोड़ RSBCL जयपुर में सुपरवाइजर के पद पर तैनात हैं। उनकी दो बहनें हैं। इनमें बड़ी बहन प्रीति शादीशुदा है और छोटी बहन स्नेहा अभी ग्रेजुएशन कर रही है। मां राजू देवी गृहिणी हैं। परिवार के अन्य लोग खेती-बाड़ी ही करते हैं।

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