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पति को कोरोना और पत्नी को सिस्टम ने मारा:जिला प्रशासन को भेजी रिपोर्ट में ग्राम पंचायत ने युवक के साथ जिंदा महिला को भी मुर्दा बताया

नागौर4 महीने पहले
पीड़िता कांता अपने स्वर्गवासी पति खेमाराम के साथ। फ़ाइल फोटो।

कोरोना महामारी में सरकार ने असहाय परिवारों की मदद का बीड़ा उठाया तो उनके कर्मचारी ही किरकिरी कराने लगे हैं। धरातल पर जानकारी जुटाने की बताए दफ्तरों में बैठकर रिपोर्ट बनाई जा रही है और सरकार को भेजी जा रही है। ताजा मामला नागौर का है। कोरोना से युवक की मौत हो गई। उसके घर में उसकी पत्नी, 2 बच्चे और मां हैं। ग्राम पंचायत ने जिला प्रशासन को भेजी रिपोर्ट में युवक के साथ ही उसकी पत्नी के भी मरने की बात लिखकर भेज दी। खबर लगी तो दैनिक भास्कर हकीकत जानने युवक के घर जा पहुंचा। तब जानकारी पता चला कि युवक की पत्नी सही-सलामत है।

सरकार ने मांगा है ब्योरा

सरकार ने पूरे प्रदेश से आंकड़े मंगाया है कि किस परिवार के मुखिया की दूसरी लहर में मौत हो गई है। कितने परिवार असहाय हो गए हैं। उसी के आधार पर इन परिवारों की मदद करनी है। जिला परिषद नागौर के अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी (कार्यवाहक) की तरफ से जिले के सभी विकास अधिकारियों के लिए 11 मई को एक आदेश जारी किया गया था। निर्धारित फॉर्मेट में 12 मई को 11:00 बजे तक सूचना मांगी गई थी दूसरी लहर में परिवार का मुखिया (माता और पिता) दोनों की मृत्यु हो जाने के कारण असहाय हुए परिवारों की सूचना मांग गई है। निर्धारित प्रारूप में पंचायत समिति, ग्राम पंचायत, राजस्व ग्राम, परिवार के मुखिया का नाम, मुखिया की मृत्यु की तिथि, मुखिया की पति/पत्नी का नाम, मृत्यु की तिथि, परिवार में जीवित सदस्यों का नाम, मुखिया से संबंध, उम्र और विशेष विवरण मांगा गया था।

भास्कर ने बताई हकीकत

11 मई को नागौर के रोल निवासी खेमाराम की कोरोना से मौत हो गई थी। जिला प्रशासन की तरफ से ग्राम पंचायत वार विकास अधिकारियों से 11 मई को मांगी गई रिपोर्ट में पति खेमाराम के साथ उनकी पत्नी कांता की भी कोरोना से मौत दिखाते हुए रिपोर्ट जिला प्रशासन को भेज दी गई। इसका खुलासा तब हुआ जब भास्कर टीम खेमाराम के घर पहुंची। मौके पर पत्नी कांता, 12 वर्षीय बेटी खुशबू व 8 वर्ष के बेटे सुरेश के साथ जिंदा मौजूद थी। पति के साथ मृतक सूची में उनका नाम होने की जानकारी जब दैनिक भास्कर टीम से ही कांता को मिली तो उसने कहा- हे राम.. मैं तो ज़िंदा हूं। पहले पति मर गया, अब मुझे भी मार दिया। अब घर में कोई कमाने वाला नहीं बचा है, सरकार सहायता देना तो दूर हमें कागजों में मार रही है। आंसू बहाते हुए उसने कहा- कोरोना ने उनके पति को छीन कर घर उजाड़ दिया है। घर में बुजुर्ग सास के साथ दो बच्चे हैं। घर में उनके अलावा कमाने वाला कोई नहीं बचा है।

पति खेमाराम मजदूरी कर चलाते थे घर
खेमाराम सरगरा मजदूरी कर घर चलाते थे। मगर कोरोना की चपेट में आने से वह जिंदगी की जंग हार गए। अब घर में उनकी पत्नी के अलावा कमाने वाला कोई नहीं बचा। 63 वर्षीय बुजुर्ग मां गीता जवान बेटे की मौत के गम को भुला नहीं पा रही है। परिवार को सरकारी सहायता कि अपेक्षा है।

जानकारी से इनकार

नागौर जिला परिषद के सीईओ जवाहर चौधरी ने ऐसी किसी जानकारी से इनकार किया। बाद में उन्होंने कहा कि मैं इसे दिखवाता हूं। दोषी कर्मचारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।

प्रशासन के पास एक ही केस
प्रशासन की तरफ से 11 मई को जिले से मांगी रिपोर्ट में एकमात्र परिवार को ही ऐसा माना गया, जहां कोरोना से माता और पिता खोए। उसकी जब भास्कर टीम ने पड़ताल की तो उसमें मां जिंदा निकली। इसके अलावा प्रशासन को एक भी ऐसा केस नहीं मिला, जिसमें घर के दोनों मुखिया नहीं रहे हैं। कुल मिलाकर धरातल पर सही से काम नहीं हो रहा, इसलिए ठीक से रिपोर्ट भी नहीं बन रही।

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