पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

Install App

Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप

बड़ी अनदेखी:जिले की 4 जेलों में 3 में क्षमता से अधिक कैदी, फलौदी जैसा न हो जाए फरारी कांड

नागौर13 दिन पहले
  • कॉपी लिंक
प्रतीकात्मक फोटो। - Dainik Bhaskar
प्रतीकात्मक फोटो।

फलौदी के उप कारागृह से बंदियों के फरारी जैसा कांड नागौर में हो जाए इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता है। क्योंकि यहां नागौर के कारागृहों में भी क्षमता से अधिक बंदी भरे हुए हैं, जिनको संभालने में जेल कार्मिकों को एडी से चोटी का जोर लगाना पड़ रहा है। इसमें भी कई बार तनातनी की स्थितियां भी बन जाती है।

मामला इसलिए भी गंभीर है क्योंकि पूर्व में जिला जेल नागौर तथा मेड़ता उप कारागृह से दो बंदियों के भागने एवं फरारी के प्रयास की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। सूत्रों के अनुसार नागौर जेल से एक बंदी ने दीवार फांदकर भागने का प्रयास किया था, लेकिन गनीमत यह रही कि उसको जेल कार्मिकों की सजगता के चलते दबोच लिया गया।

जबकि वर्ष 2019 के अक्टूबर माह में मेड़ता उप कारागृह जेल से दो बंदी फरार ही हो गए थे। ऐसे में वर्तमान हालातों को देखते हुए यहां नागौर कारागृहों पर भी सतर्कता बरतने की आवश्यकता है।

फलौदी से बंदियों के भागने के बाद जिलेभर में भी जारी किया गया है अलर्ट
फलौदी के उप कारागृह से बंदियों के फरार होने की वारदात के बाद नागौर में भी अलर्ट घोषित कर दिया गया है। पुलिस उप अधीक्षक विनोद कुमार सीपा ने बताया कि इलाके के सभी थाना इलाकों की पुलिस अलर्ट है। इसके अलावा बॉर्डर पर लगी चेक पोस्ट पर तैनात पुलिस कर्मियों को भी फरार हुए आरोपियों के फोटो सौंपे गए हैं। इसके चलते वे प्रत्येक आने जाने पर अपनी नजर रख सकें।

इसके अलावा सशस्त्र नाकेबंदी भी जारी है। प्रत्येक आने जाने वाले पर पुलिस की ओर से नजर रखी जा रही है। प्रत्येक थानों की पुलिस को रात्रिकालीन गश्त के निर्देश भी हैं।

अब बंदियों से मुलाकात करने पर भी प्रतिबंध
इधर, प्रदेशभर में कोरोना के मरीजों की संख्या में हुए इजाफे के बाद जेल कार्मिकों ने भी सावधानी बरतना शुरू कर दिया है। इसके चलते 19 अप्रैल तक बंदियों की उनके परिजनों से मुलाकात पर भी रोक लगा दी गई है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मुलाकात एवं एसटीडी पीसीओ पर बंदियों की उनके परिजनों के रजिस्टर्ड नंबरों पर वार्ता की सुविधा उपलब्ध करवा दी जाएगी।

सुरक्षा के पूरे इंतजाम, मगर बैरकों की कमी

जेलर हनुमान ने बताया कि नागौर जिला कारागृह में सुरक्षा के पूरे इंतजाम हैं। जेल के बाहर आरएसी लगाई हुई है भीतर भी पूरे इंतजाम किए हुए है। लेकिन जेल में बैरकों की कमी है। इसके चलते वर्तमान में जेल में क्षमता से अधिक बंदी हैं। उल्लेखनीय है कि वर्तमान में कोविड-19 गाइड लाइन को लेकर जेल मुख्यालय की ओर से बंदियों की उनके परिजनों से व्यक्तिगत मुलाकात पर रोक लगा दी गई है।

जेलों में बंदियों की वर्तमान स्थिति

नागौर- 130 बंदी (69 की क्षमता)

मेड़ता- 198 बंदी (138 की क्षमता)

डीडवाना- 44 बंदी (35 की क्षमता)

परबतसर- 114 बंदी (188 की क्षमता)

खबरें और भी हैं...

    आज का राशिफल

    मेष
    Rashi - मेष|Aries - Dainik Bhaskar
    मेष|Aries

    पॉजिटिव- आपकी मेहनत और परिश्रम से कोई महत्वपूर्ण कार्य संपन्न होने वाला है। कोई शुभ समाचार मिलने से घर-परिवार में खुशी का माहौल रहेगा। धार्मिक कार्यों के प्रति भी रुझान बढ़ेगा। नेगेटिव- परंतु सफलता पा...

    और पढ़ें