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बैठक:प्रभारी मंत्री चाैधरी ने ली बैठक, संभावित तीसरी लहर से बचाव पर की चर्चा

नागाैर25 दिन पहले
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  • राजस्व मंत्री व जिले के प्रभारी मंत्री हरीश चौधरी एक दिवसीय नागौर दौरे पर पहुंचे, जिला स्तरीय अधिकारियों की समीक्षा बैठक भी ली

एक दिवसीय दाैरे पर रविवार काे जिले के प्रभारी व राजस्व मंत्री हरीश चाैधरी रविवार काे नागाैर पहुंचे। यहां उन्हाेंने कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक ली। इसमें चाैधरी ने स्पष्ट रूप कहा कि अब लापरवाही नहीं चाहिए। तीसरी लहर में सजगता बरती और सर्वे से लेकर अन्य व्यवस्थाएं दुरुस्त रहती हैं ताे इससे बचे रह सकते हैं। वहीं वैक्सीन काे लेकर मंत्री ने बताया कि आगे से ही कम आ रही हैं।

फिर भी मांग अनुसार पर्याप्त आपूर्ति के प्रयास किए जा रहे हैं। वहीं पोस्ट कोविड इफैक्ट तथा कोरोना से लडने की भविष्य की तैयारी आवश्यक है। इस दृष्टि से गांव के जागरूक नागरिकों व श्रेष्ठ लोगों के माध्यम से कार्य का विकेंद्रीकरण करना जरूरी है। इससे स्थानीय स्तर पर ही उपचार की व्यवस्था को मजबूत बनाने में मदद मिलेगी।

चौधरी ने कहा कि राज्य, जिले के बाद ब्लॉक, ब्लॉक के बाद पंचायत प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी के मार्गदर्शन में बीएलओ का सिस्टम आज सबसे अच्छा है। जहां स्कूलों की रेगुलर रिपोर्टिंग होती है, उसी माध्यम से बीएलओ से नीचे 3-4 स्वयंसेवक के स्वभाव से काम करने वाले सहयोगी ग्रामीण व नागरिकों को लेकर उनके अधीन घरों की संख्या नियत कर जिम्मेदारी दी जा सकती है।

गांवों में बीपी व शुगर रोग के प्रति जागरूकता लाएं
प्रभारी मंत्री हरीश चौधरी ने जिले में चल रहे घर-घर हैल्थ सर्वे के दौरान बीपी व शुगर रोग के प्रति ग्रामीणों में जागरूकता लाने के निर्देश दिए। कहा ऐसे मरीजों को चिह्नित करते हुए उनका डाटाबेस तैयार करने की आवश्यकता है। एक गांव का मॉडल दूसरे गांव में लागू नहीं किया जा सकता है, इसलिए स्थानीय परिस्थिति के अनुसार कार्य योजना बनाने की आवश्यकता है। सभी विभागों को विशेष रूप से चिकित्सा व स्वास्थ्य विभाग को इस प्रकार की कार्य योजना पर आगे बढ़ाना होगा, कि हम कोविड-19 के पीछे नहीं रहे।
कलेक्टर ने प्रतिवेदन प्रस्तुत किया
बैठक में कलेक्टर डाॅ. जितेन्द्र कुमार सोनी ने कोरोना के विरुद्ध लड़ाई में जिला स्तर पर हुए विभिन्न कार्यों का प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार से प्राप्त प्रोनिंग विधि को कोरोना मरीजों के बैड के पीछे ही सचित्र विधि के द्वारा लगा दिया गया तथा चिकित्सकों को भी वीसी के माध्यम से इसकी जानकारी दी गई। कोरोना के उपचार के निमित्त जेएलएन के अलावा पुराना अस्पताल व अन्य स्थान पर चिकित्सा व्यवस्था सुलभ होने पर जिला मुख्यालय के अस्पताल पर दबाव कम पड़ा। वहीं अन्य चिकित्सालयों में भी स्थानीय स्तर पर व्यवस्था का विकेंद्रीकरण करने से सकारात्मक प्रभाव पड़ा।
इससे मरीजों में भी राजकीय अस्पतालों में चिकित्सा करवाने की दृष्टि से मनोवैज्ञानिक रूप से भी सकारात्मक प्रभाव रहा। बैठक में एसपी श्वेता धनखड़, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी जवाहर चौधरी, अतिरिक्त जिला कलेक्टर मनाेज कुमार शर्मा, उपखंड अधिकारी अमित कुमार चाैधरी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

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