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  • In Compliance With The Orders Of The High Court, Nagaur CO Took Action Including Heavy Police Seizures, Broke The Locks Of The School Building And Handed Over The Possession To The School Management; EO Said Not Aware Of High Court Orders

भंवरलाल मोंटेसरी स्कूल VS नगरपरिषद जमीन विवाद:हाईकोर्ट के आदेशों की पालना में नागौर CO ने भारी पुलिस जाब्ते सहित की कार्रवाई, स्कूल भवन के ताले तोड़ कब्जा स्कूल प्रबंधन को सौंपा; EO बोले हाईकोर्ट आदेशों की जानकारी नहीं

नागौर18 दिन पहले
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पुलिस जाब्ते के साथ ताले तुड़वाता प्रशासन। - Dainik Bhaskar
पुलिस जाब्ते के साथ ताले तुड़वाता प्रशासन।

शहर की बेशकीमती जमीन पर बने भंवरलाल मोंटेसरी स्कूल परिसर को लेकर नगर परिषद नागौर और भंवरलाल मोंटेसरी स्कूल प्रशासन के बीच चल रहे विवाद के बीच रविवार को नया मोड़ आ गया। हाईकोर्ट ने भंवरलाल मोंटेसरी स्कूल प्रबंधन को राहत देते हुए नगर परिषद नागौर की ओर से स्कूल के मुख्य द्वार पर लगे हुए तालों को खोलकर स्कूल प्रबंधन को कब्जा देने का आदेश दिया था। इसके बाद रविवार को नागौर CO विनोद कुमार सीपा ने भारी पुलिस जाब्ते के साथ कार्रवाई करते हुए स्कूल के मुख्य द्वार पर लगे तालों को तोड़कर कब्जा स्कूल प्रबंधन को सौंप दिया। इस दौरान नगर परिषद EO श्रवणराम चौधरी सहित नगर परिषद का कोई भी अधिकारी और कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचा था, जिसके चलते पुलिस को ताले तुड़वाने पड़े।

इस पूरे मामले में नगर परिषद के EO श्रवणराम चौधरी का कहना है कि मामले में हाईकोर्ट द्वारा स्कूल प्रबंधन को राहत देने व ताले खुलवाकर स्कूल प्रबंधन को कब्जा सुपुर्दगी दिए जाने संबंधी किसी आदेश की उन्हें जानकारी नहीं है।

ये है विवाद
स्कूल बिल्डिंग नगर परिषद की है। स्कूल की बिल्डिंग को खाली करने करने को लेकर 4 मई को अंतिम नोटिस देते हुए कब्जा सुपुर्दगी के लिए आदेश दिए थे। इस पर स्कूल प्रबंधन की ओर से कब्जा सुपुर्दगी न कराते हुए हाईकोर्ट में याचिका लगाई गई, जिस पर 13 मई को सुनवाई होनी थी।

इसके एक दिन पहले 12 मई को ही नगर परिषद ने स्कूल बिल्डिंग के ताले लगाकर सीज की कार्रवाई कर दी थी। मामले में जोधपुर हाईकोर्ट ने सुनवाई कर 26 मई को स्कूल प्रबंधन को राहत देते हुए नगर परिषद को स्कूल बिल्डिंग का कब्जा सुपुर्दगी स्कूल प्रबंधन को सौंपने के आदेश देते हुए मामले की अगली सुनवाई 13 जुलाई तय कर दी थी।

स्कूल प्रशासन का भी इस पूरे मामले में साफ तौर पर कहना है कि स्कूल में अभी सैकड़ों बच्चे अध्ययनरत हैं। ऐसे में इन बच्चों का भविष्य भी स्कूल की बिल्डिंग खाली करने से अधर झूल में रह जाएगा। उन्होंने कहा कि इसी ग्राउंड पर हाई कोर्ट ने भी उन्हें राहत दी और उनके पक्ष में फैसला दिया है।

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