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डेह रोड पर हत्या का मामला:एक लाख के लालच में की थी दोस्त की हत्या, धन दोगुना करने का झांसा दे मारने से पहले दुश्मनों के नाम भी लिखाए ताकि खुद न फंसें

नागाैरएक महीने पहले
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हत्या के आरोपी। - Dainik Bhaskar
हत्या के आरोपी।
  • आरोपी पहले भी पैसों के लालच में कर चुके हैं हत्या
  • एक माह पहले ही बना चुके थे ये योजना

तीन दिन पहले डेह राेड के पास युवक की हत्या पैसों के लालच में सिर पर पत्थर मार की थी। आराेपी गिरफ्तारी से बचने को आधी रात ढाई बजे परिवार सहित भागने के प्रयास में था, जिसे पुलिस ने अंधेरे में 2 किलाेमीटर पैदल चलकर दांतीणा के पास रास्ते से दबाेच लिया। शुक्रवार काे एसपी अभिजीत सिंह ने सदर थाना इलाके के बापाेड़ हाल दांतीणा निवासी दकानाथ पुत्र बाबूनाथ तथा संखवास हाल डेरा दांतीणा निवासी जगानाम पुत्र रूपनाथ की गिरफ्तारी का खुलासा किया।

गिरफ्तार आराेपियाें का एक और साथी बताया जा रहा है, जिसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस के प्रयास जारी है। गिरफ्तार आराेपी दकानाथ मृतक सहदेव राम का दाेस्त था, जिनकी मुलाकात जेल में वर्ष 2017 में हुई थी। उस समय दकानाथ धन दाेगुना करने के चक्कर में ही जेल गया था। जबकि सहदेव एक अन्य हत्या के मामले में जेल में था।

सहदेव काे मारकर रुपए ऐंठने की याेजना एक माह पहले ही बना ली थी। दकानाथ व जगानाथ ने पहले ही याेजना बना ली थी कि सहदेव काे भी रुपयाें काे दाेगुने करने का झांसा देकर माैत के घाट उतारना है। इसलिए आराेपियाें ने सहदेव की हत्या करने के बाद और भागने में मात्र 30 मिनट का ही समय लगा।

आंखे बंद कर नीचे बैठाया और ताबड़ताेड़ पत्थराें से कुचल दिया सिर, फिर भागे

काेतवाली थाना प्रभारी अंजु चाैधरी ने आराेपियाें से पूछताछ के बाद बताया कि मृतक सहदेवराम संखवास गांव में रतन सेठ की बाेरवैल पर कार्य करता था। इस बार जीरे की फसल से उसने दाे लाख कमाए। इसमें एक लाख सेठ काे दिए जाे बकाया थे। जबकि एक लाख रुपयाें काे लेकर वह 15 जून सुबह 9 बजे ननिहाल मुंदियाड़ जाने का बाेलकर निकला, लेकिन वहां पहुंचा नहीं।

सहदेवराम सुबह 11.50 बजे नागाैर वल्लभ चाैराहे पर पहुंचा जहां दकानाथ, जगानाथ व एक और मिला। ये तीनाें तय याेजना अनुसार सहदेव काे डेह राेड पर लेकर गए और वहां रुपयाें काे दाेगुना करने का षड्यंत्र रचना शुरू कर दिया। आराेपियाें ने सहदेवराम काे आंखे बंद कर नीचे बैठाया। इसके बाद आराेपियाें ने ताबड़ताेड़ पत्थराें से हमला कर सहदेव काे मारकर रुपयाें काे लेकर फरार हाे गए।
दुश्मनाें के नाम की पर्ची मृतक की जेब में रखी थी

सीआई ने बताया कि आराेपियाें ने सहदेवराम काे मारने से पहले खुद के बचने का भी हल ढूढ़ रखा था। आराेपियाें ने सहदेव से पहले उसके दुश्मनाें के नाम पूछे और उनकाे एक पर्ची में लिखने के बाद उसकाे सहदेव की जेब में रख दिया। इससे जब सहदेव की लाश मिले ताे पुलिस उक्त नामाें की पर्ची देखकर किसी और पर शक करने के बजाय इन्हीं काे गिरफ्तार कर ले।

सरकारी वाहनाें काे 2 किमी दूर छाेड़ने के बाद आराेपी काे पकड़ने पहुंची टीम, घर छोड़कर जाने की तैयारी में था
एसएचओ अंजु चाैधरी ने बताया कि दकानाथ व सहदेव की आपस में बातें हाे रही थीं। इसके चलते दाेनाें के संपर्कों का पता लगा ताे पूर्व में हुई इस तरह की हत्याओं के बारे में पड़ताल की गई ताे पूरी हकीकत सामने आ गई। डेह राेड पर जाे मर्डर हुआ ठीक इसी तरह की वारदात सदर इलाके में पहले भी हाे चुकी थी। इसके बाद पुलिस ने दकानाथ की हिस्ट्री खंगाली ताे लिंक मिलते चले गए।

पुलिस की टीम आधी रात काे दकानाथ के घर जाने के लिए निकली ताे पुलिस ने आराेपी के फरार हाेने के अंदेशे के चलते घर से करीब 2 किलाेमीटर दूर ही वाहनाें काे खड़ा कर पैदल-पैदल टीम माैके पर पहुंची, लेकिन आराेपी अपनी पत्नी एवं बच्चाें के साथ बाइक से फरार हाेने की तैयारी में था।

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