भागवत कथा का आयोजन:महंत जानकीदास महाराज बोले - नशे की लत मानव के दिमाग की उपज है

नागौर2 महीने पहले
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  • रामद्वारा केशव दास महाराज बगीची में भागवत कथा का आयोजन जारी

रामद्वारा केशव दास महाराज बगीची बख्तासागर में चल रही भागवत कथा में महंत जानकी दास ने शनिवार को ध्रुव चरित्र का वर्णन किया। उन्होंने कहा- हमारे मन में यदि किसी प्रकार का दुख या आवेश हो उस समय हमें बच्चों के सामने भली बूरी बातें नहीं बोलनी चाहिए। बच्चों को हमें अच्छे संस्कार देने हैं। संपत्ति से थोड़ा सुख मिलता है पर जीवन में संयम हो, सदाचार और सरलता व अच्छे संस्कार हो तो ही बहुत सुख मिलता है।

लोगों की यह धारणा रहती है कि हम अपने बच्चों के लिए बहुत सारे पैसे इकट्ठे करके जाएंगे, ताकि हमारे बच्चे सुखी होंगे। जबकि यह हमारा मानना बहुत गलत है। हम भले ही बच्चों के लिए पैसे इकट्ठे ना करें, परंतु उन्हें अच्छे संस्कार अवश्य दें। पुत्र यदि सुपुत्र है तो पैसे की जरूरत नहीं है। यदि कुपुत्र है तो कितना ही पैसा इकट्ठा करके चले जाओ उन पैसों को वह दुरुपयोग ही होगा।

ध्रुव प्रसंग को सुनाते हुए संत ने कहा कि भीख मांगना है तो भगवान से मांगनी चाहिए। संसार स्वयं ही दूसरों से लेकर के अपना काम चलाता है। जीवन में कैसा भी दुख का प्रसंग आए किसी मानव को कहना नहीं चाहिए। एकांत में भगवान से कहो। माता-पिता का दिया हुआ आशीर्वाद हमेशा हमारे जीवन में साथ रहता है। यह दूसरों को भी वंदन करने की शिक्षा दी।

आज के समय में बालकों में नशा प्रवृत्ति बहुत बढ़ती जा रही है। संत ने बताया कि नशा व्यक्ति के जीवन को बर्बाद कर देता है। हमें सब प्रकार के व्यसनों से दूर रहना चाहिए। नशे की लत मानव के दिमाग की उपज है ना कि पेट की आवश्यकता। पेट की आवश्यकता केवल अन और जल है।

इस दौरान अक्षय कुमार पूर्व मैनेजर, सत्यनारायण सेन, धनराज रांकावत, संत भंवर दास वैष्णव, मदनलाल कच्छावा, दयाराम तैली, बाबूलाल तैली, लक्ष आनंद संत, संत कल्याण दास, संत मांगू दास व सत्यनारायण माली सहित अन्य श्रद्धालु मौजूद थे।

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