ठाकुरजी मंदिर में भजन गाए, पेरिस तक दीवाने:होली फेस्टिवल में बेगम बतूल की सिंगिंग पर झूमे फॉरेनर, राजस्थानी सिंगर के फैन हुए फ्रेंच मेयर

नागौरएक महीने पहले

राजस्थान के नागौर जिले की रहने वाली 69 साल की मांड-फाग सिंगर बेगम बतूल। 8 साल की उम्र में भजन गाए। पढ़ाई भी छूट गई। 16 साल की उम्र में शादी के बाद भी गायकी नहीं छोड़ी। अब बेगम बतूल यूरोप के सबसे बड़े होली फेस्टिवल की शान है। इनके बिना यह फेस्टिवल भी अधूरा है। इस बार भी 22 मई को पेरिस में इसका आयोजन किया गया। कोरोना काल के बाद अब एक बार फिर बेगम बतूल ने अपने बसंत ग्रुप के आर्टिस्ट और डांसर के साथ पेरिस पहुंची।

मांड सिंगर बेगम बतूल पेरिस के होली फेस्टिवल में लोगों का अभिवादन करते हुए।
मांड सिंगर बेगम बतूल पेरिस के होली फेस्टिवल में लोगों का अभिवादन करते हुए।

यहां के सबसे बड़े फेस्टिवल में स्थानीय लोगों के साथ ही प्रवासियों ने इस फेस्टिवल का जमकर आनंद लिया। मांड गायकी के लिए फेमस बेगम बतूल ने जब गाना शुरू किया तो फेस्टिवल में मौजूद लोग अपने आप को रोक नहीं सके। इसके साथ ही सेनु सपेरा और हीरा सपेरा ने कालबेलिया डांस की हैरतअंगेज स्टेप ने सभी को हैरत में डाल दिया।

पेरिस में आयोजित हुए इस होली फेस्टिवल प्रोग्राम में फ्रांस में मौजूद इंडियन ऐंबैस्डर जावेद अशरफ और उनके ऐंबैसी स्टाफ के साथ-साथ फ्रेंच गवर्नमेंट के कई मिनिस्टर भी मौजूद रहे। वहां मौजूद वाल-दे-रुईल के मेयर मार्क एंटोनी जमेट तो बेगम बतूल की सिंगिंग की इतना कायल हुए कि स्टेज पे पहुंचकर बतूल के बसंत ग्रुप को गले लगा लिया। मेयर मार्क एंटोनी जमेट ने कहा कि वो इंडियन सिंगिंग के दीवाने हो गए है। इस शानदार प्रोग्राम के बीच वहां उड़े रंगों ने माहौल को रंगीन बना दिया। इस दौरान बेगम बतूल के साथ उनके बेटे अनवर हुसैन और पोते फरहान ने भी परफॉर्म किया।

कालबेलिया डांसर्स के साथ मांड गायकी का समां बांधती बेगम बतूल।
कालबेलिया डांसर्स के साथ मांड गायकी का समां बांधती बेगम बतूल।

8 साल की उम्र में ठाकुर जी के भजन गाए, गरीबी में दिन काटे
गौरतलब है कि 8 साल की थीं तब नागौर जिले में केराप गांव के ठाकुर जी के मंदिर में भजन गायकी का शौक लगा। बस इसमें ही रम गईं। उनकी 5वीं में ही पढ़ाई छूट गई थी। 16 साल की उम्र में शादी हो गई। पति फिरोज खान रोडवेज में कंडक्टर थे। शादी के बाद तीन बेटों की मां भी बन गई। गरीबी में दिन कट रहे थे, लेकिन उन्होंने हौसले को नहीं टूटने दिया। आज वह अपने आप में फाग गायकी की एक ब्रांड हैं। देश-विदेश में मशहूर हैं और दुनिया भर में मांड और फाग म्यूजिक कल्चर को पेश कर रही हैं। इसी साल अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर उन्हें राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद द्वारा गायकी के क्षेत्र में देश का नाम रोशन करने पर नारी शक्ति पुरस्कार भी दिया गया था।

बेगम बतूल अपने बसंत ग्रुप के आर्टिस्ट्स के साथ।
बेगम बतूल अपने बसंत ग्रुप के आर्टिस्ट्स के साथ।

फ्रांस और ट्यूनेशिया की सरकार से हो चुकीं है सम्मानित
बेगम बतूल फ्रांस और ट्यूनेशिया सरकार से भी सम्मानित हो चुकी है। पिछले साल 2021 में GOPIO अचीवर्स अवार्ड- 2021, इंटरनेशनल वुमंस डे पर सर्टिफिकेट ऑफ एक्सीलेंस अवार्ड से सम्मानित किया गया। बेगम बतूल अब तक 56 देशों में अपनी परफॉर्मेंस दे चुकी हैं। इनमें फ्रांस, जर्मनी, ट्यूनेशिया, इटली, स्विटजरलैंड, अमेरिका, ब्रिटेन प्रमुख हैं। फ्रांस में होने वाला होली फेस्टिवल इनके बिना अधूरा है। यहां बेगम बतूल पिछले 6 साल से अपनी परफॉर्मेंस दे रही हैं।

होली फेस्टिवल में रंगों के बीच राजस्थानी म्यूजिक से प्रवासी इंडियंस के साथ-साथ स्थानीय लोग भी मदहोश हो गए।
होली फेस्टिवल में रंगों के बीच राजस्थानी म्यूजिक से प्रवासी इंडियंस के साथ-साथ स्थानीय लोग भी मदहोश हो गए।
होली फेस्टिवल में म्यूजिक और मस्ती ने पेरिस में रंगों का सैलाब ला दिया।
होली फेस्टिवल में म्यूजिक और मस्ती ने पेरिस में रंगों का सैलाब ला दिया।
होली फेस्टिवल में बेगम बतूल की सिंगिंग पर कालबेलिया डांस करती सेनु सपेरा।
होली फेस्टिवल में बेगम बतूल की सिंगिंग पर कालबेलिया डांस करती सेनु सपेरा।
होली फेस्टिवल के दौरान मस्ती में खेलते बच्चे।
होली फेस्टिवल के दौरान मस्ती में खेलते बच्चे।
पेरिस में होली फेस्टिवल के दौरान इंडियन ऐंबैसी स्टाफ के साथ बेगम बतूल और उनके ग्रुप आर्टिस्ट।
पेरिस में होली फेस्टिवल के दौरान इंडियन ऐंबैसी स्टाफ के साथ बेगम बतूल और उनके ग्रुप आर्टिस्ट।