महिला दिवस पर विशेष:मां ने सिलाई कर बेटी को पढ़ाया, बनीं प्रिंसीपल; संघर्ष के बलबूते सफलता को किया प्राप्त

रोल9 महीने पहले
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प्रधानाचार्या दीपमाला शर्मा। - Dainik Bhaskar
प्रधानाचार्या दीपमाला शर्मा।
  • संघर्षों के पथ पर चलकर सफलता के लक्ष्य को हासिल किया

कहते है कि सफलता एक दिन में नहीं मिलती है,मगर मन में ठान ले तो एक दिन जरूर मिलती है। ऐसा ही एक उदाहरण देखने को मिलता है रोल ग्राम के राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक स्कूल की प्रधानाचार्या दीपमाला शर्मा का।

शर्मा ने जीवन मे कड़ी मेहनत व संघर्ष के बलबूते ही सफलता के लक्ष्य को प्राप्त किया है। बालिका स्कूल की प्रधानाचार्या दीपमाला शर्मा के परिवार में कोई सरकारी सेवा में कार्यरत नहीं था। इनके दादा व पिता अजमेर में एक ढाबा चलाते हुए अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे।

दीपमाला की माता की इच्छा थी कि उनके पांचों बच्चे कुछ पढ़ लिखकर अच्छे बने। परिवार की सामान्य स्थिति होने के बावजूद अपने बच्चों में सुनहरे भविष्य का सपना देखते हुए माता ने जैसे-तैसे सिलाई करते हुए दीपमाला का एक अंग्रेजी माध्यम विद्यालय में प्रवेश दिलाया।

स्कूल की फीस ज्यादा होने के कारण पांचवीं कक्षा उत्तीर्ण के बाद शर्मा ने स्कूल को छोड़कर बाद में कक्षा 6 से 12वीं तक एक अनुदानित विद्यालय द्रोपती देवी सांवरमल से पढ़ाई की। उनके 12वीं उत्तीर्ण करने के बाद दादा ने कॉलेज की पढ़ाई कराने से मना कर दिया। पर उनकी माता करुणा देवी की जिद्द व दीपमाला के दृढ़ निश्चय के आगे दादा ने उन्हें कॉलेज में पढ़ाई करने के लिए अनुमति दे दी और उन्होंने कठिन परिश्रम करते हुए सावित्री कन्या महाविद्यालय अजमेर से वर्ष 1998 में अच्छे अंकों से बीए पास कर ली।

शर्मा अपने पांच भाई-बहिनों में सबसे बड़ी होने के नाते कुछ जिम्मेदारियों का बोझ को लेकर भी जीवन के सफर पर चल रही थी। शर्मा के बीए की पढ़ाई पूरी करने के बाद परिवार वालों ने उसकी शादी नागौर जिले के जायल तहसील के एक छोटे से गांव रामसर में मनोज कुमार के साथ कर दी गई।

यहां ससुराल के परिवार में शिक्षा के प्रति सकारात्मक सोच वाले होने के कारण ससुर व पति ने आगे पढ़ने की इजाजत देते हुए हर सम्भव सहयोग किया। चिमनी के सहारे पूर्णमनोयोग के साथ पढाई करते हुए वर्ष 2001 में एमडीएस विश्वविद्यालय अजमेर से एमए व वर्ष 2002 में हटूंडी अजमेर से बीएड की।

वर्ष 2007 में हिंदी व्याख्याता के पद पर चयन हो गया। शर्मा वर्तमान में रोल ग्राम के राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक स्कूल में प्रधानाचार्या पद पर कार्यरत है। दीपमाला शर्मा का पति मनोज कुमार जिला परिषद नागौर में पीईओ के पद पर कार्यरत है।

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