नावां में MLA चौधरी की सांकेतिक शवयात्रा निकाली:सांसद बेनीवाल बोले- MLA को जेल से कोई नहीं बचा सकता

नागौर2 महीने पहले
नावां में MLA चौधरी की सांकेतिक शवयात्रा निकाली। - Dainik Bhaskar
नावां में MLA चौधरी की सांकेतिक शवयात्रा निकाली।

RLP प्रमुख और नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल रविवार शाम के बाद अब सोमवार दोपहर में दुबारा नागौर के नावां शहर पहुंचे। उन्होंने नमक कारोबारी जयपाल पूनिया हत्या के विरोध में SDM कार्यालय के बाहर चल रहे धरने में शिरकत की और परिवार को हिम्मत बंधाई। अब तक शव का पोस्टमार्टम नहीं हुआ है। परिजन आरोपियों की गिरफ्तारी पर अड़े हैं। RLP प्रमुख और सांसद बेनीवाल के नेतृत्व में BJP के पूर्व MLA विजय सिंह चौधरी, बीजेपी के वरिष्ठ नेता हरीश कुमावत और खींवसर MLA नारायण बेनीवाल के नेतृत्व में सैंकड़ों RLP कार्यकर्ताओं, बीजेपी कार्यकर्ताओं और सर्वसमाज के लोगों ने नावां शहर के मुख्य मार्गों से MLA महेंद्र चौधरी की सांकेतिक शव यात्रा निकाली। अंत में तहसील कार्यालय के सामने सांकेतिक शव जलाया गया।

इससे पहले धरनास्थल पहुंचे RLP सुप्रीमो ने कहा कि जयपाल के परिवार को न्याय दिलाने के लिए ये लड़ाई सीधे CM अशोक गहलोत के करीबियों से है। विश्वास दिलाता हूं कि न्याय मिलने में थोड़ी देरी हो सकती है लेकिन MLA महेंद्र और उसके परिवार वालों को जेल जाने से कोई बचा नहीं सकता। बेनीवाल ने कहा कि किसान के बेटे की निर्मम हत्या MLA और MLA के परिवार के इशारे पर कर दी गई। 48 घंटे से ज्यादा समय हो गया। परिजन और हम सब यहां न्याय के लिए बैठे है। खुद की सरकार को संवेदनशील कहने वाले CM गहलोत की सरकार का कोई भी नुमाइंदा और अधिकारी यहां संवेदनशीलता दिखाने नहीं आया। उनको लगता है कि धरने पर बैठे है और भाषणबाजी होगी। इसके बाद सब चले जाएंगे। लेकिन सबको विश्वास दिलाता हूं कि जयपाल का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा।

RLP सुप्रीमो ने कहा कि ये लड़ाई सीधे CM अशोक गहलोत के करीबियों से है। लेकिन ये विश्वास दिलाता हूं कि न्याय में थोड़ी देरी हो सकती है लेकिन महेंद्र के परिवार वालों को जेल भेजने से कोई रोक नहीं सकता। दुबारा से कोई नेता किसान के बेटों पर गोलियां बरसाने की सोच नहीं पाएगा। डीडवाना में जीवन गोदारा की हत्या हुई थी। उस समय भी सरकारी संरक्षण से अपराधी खुलेआम धमकियां देते थे। उस समय में MLA भी नहीं था तब भी किसान कौम की पूरी लड़ाई लड़ी। 3 बार MLA और सांसद भी बना। यहां धरने में भारतीय जनता पार्टी के नेता और पूरी BJP पार्टी भी बैठी है। नागौर के लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने पूरी मजबूती से RLP का साथ दिया और मुझे देश की संसद में पहुंचाया। चूक मुझसे भी हुई। अगर नावां में RLP का कोई बड़ा कार्यक्रम हो जाता तो ये मर्डर करने की इनकी हिम्मत नहीं होती। चूक मुझसे भी हुई है। यहां जितने भी बीजेपी के नेता यहां नेतागिरी कर रहे हैं, उसने भी चूक हुई है। ये महेंद्र का नाम लेने से डरते हैं। व्यक्तिगत दुश्मनी से डरते हैं। लोकसभा में मैंने कहा था कि जगन गुर्जर का एनकाउंटर कर दो तो वो 24 घंटे में डरता हुआ सरेंडर कर गया।

बीजेपी-RLP कांग्रेस के कुसाशन से लड़ रही है। यहां नावां में भी जयपाल पुनिया हत्याकांड में न्याय के लिए हम एक साथ लड़ रहे है। कांग्रेस के कई नेता अभी दबी जुबान में इस धरने को समर्थन दे रहे है। विरोध करने वालों को दो दिन की जेल भेजने के अलावा इस सरकार के पास कोई दम नहीं है। ये प्रदेश तो वीरों और शूरवीरों का प्रदेश है। किसी को डरने की जरुरत नहीं है। SP कलेक्टर और MLA चाहे तो किसी की भी हिस्ट्रीशीट खुल सकती है। जयपाल पर ढाई साल में झूठे मुकदमे दर्ज किए गए। वो इनसे डरा नहीं।

सरेआम गोलीबारी के बाद अपराधी आराम से भाग जाते हैं। पुलिस तो सो रही है। नावां-कुचामन के सभी थाने आकंठ करप्शन में डूबे हुए हैं। यहां SHO की पोस्टिंग से लेकर हर महीने महेंद्र टेक्स देना पड़ता है। इस घटना के बाद चिंतन शिविर के खर्चे का बिल भी महेंद्र को देना पडेगा। CM गहलोत का इस घटना पर अब तक एक भी बयान नहीं आया है। 24 घंटे में मांगें नहीं मानी गई तो अब बड़ा आंदोलन होगा। नावां की 36 कौम में MLA महेंद्र का जो खौफ है, उसे खत्म कर ही मानूंगा।

BJP के सहयोग से सांसद बना और RLP के सहयोग से हमने बीजेपी का मिशन 25 पूरा किया। CM के बेटे को हराया। जब गहलोत-पायलट विवाद हुआ तब RLP के तीनों MLA निस्वार्थ BJP का साथ दे रहे थे। लेकिन हनुमान के साथ एक दिक्क्त है, ज्यादा दिन तक सेट नहीं बैठता है। अन्याय के लिए लड़ता हूं। नावां के SDM की शिकायत आई है कि कल लोग यहां धरने पर बैठे थे और वो बैडमिंटन खेल रहा था। SDM भी सुन ले अब ऐसा अहो गया तो ठीक नहीं होगा। सब कुछ जब्त कर लूंगा।