बुल्लीबाई एप का मास्टरमाइंड गिरफ्तार:नागौर के आरोपी ने ट्रेनिंग लेकर शुरू किया ऑनलाइन धंधा, भोपाल से कर रहा था B.tech

नागौर16 दिन पहले

महिलाओं की नीलामी से जुड़े चर्चित बुल्ली बाई ऐप का कनेक्शन अब राजस्थान तक जा पहुंचा है। इस ऐप को डेवलप करने वाला मास्टर माइंड 21 साल का नीरज विश्नोई नागौर के रोटू गांव का रहने वाला है। नीरज एक इंजीनियरिंग स्टूडेंट है, जो इस ऐप के जरिए महिलाओं की ऑनलाइन बोली लगवाता था। असम के जोरहाट से नीरज को दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने गिरफ्तार कर दिल्ली कोर्ट में पेश किया है। वहीं, कोर्ट ने पुलिस को इस मामले में नीरज के ठिकानों की तलाशी लेने की परमिशन भी दे दी है।

दिल्ली पुलिस के DCP KPS मल्होत्रा ने बताया कि नागौर के रोटू गांव का रहने वाला नीरज अपने जन्म के बाद से ही अपने परिवार के साथ असम के जोरहाट में रह रहा था। अभी हाल ही में नवंबर महीने में अपने परिवार में किसी शादी में शामिल होने राजस्थान भी आया था। फिलहाल नागौर पुलिस इस मामले से पूरी तरह अनजान दिखाई दे रही है। इन्वेस्टिगेशन में खुलासा हुआ है कि नीरज ने ही बुल्ली बाई ऐप बनाया था। इस ऐप और इससे जुड़े अन्य ट्विटर हैंडल भी नीरज ने ही बनाए थे। नीरज वेल्लोर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी ( VIT), भोपाल में B.Tech स्टूडेंट था। मामला सामने आने के बाद यूनिवर्सिटी मैनेजमेंट ने उसे सस्पेंड कर दिया है।

नवंबर में डेवलप किया था ऐप
नीरज ने बुल्ली बाई नाम के इस ऐप को नवंबर 2021 में ही डेवलप कर दिया था। दिसंबर 2021 में इस ऐप को अपडेट किया। इस ऐप का ट्विटर अकाउंट 31 दिसंबर को बनाया गया था। इस ऐप के बारे में ट्वीट करने के लिए @Sage0x1 और कुछ अन्य ट्विटर अकाउंट भी बनाए गए थे।

दिल्ली से ली ट्रेनिंग

गौरतलब है कि इस मामले में नीरज की गिरफ्तारी से पहले मुंबई पुलिस ने दावा किया था कि उत्तराखंड के शहीद उधम सिंह नगर से गिरफ्तार की गई श्वेता सिंह इस मामले की मुख्य आरोपी है, लेकिन दिल्ली पुलिस का मानना है कि श्वेता सिंह और बाकी दो आरोपी विशाल झा और मयंक रावल वास्तव में नीरज बिश्नोई के इशारे पर काम कर रहे थे। नीरज ने दिल्ली से ही ऐप डेवलप करने की स्पेशल ट्रेनिंग ली थी।

पुलिस को अहम सबूत मिले
दिल्ली पुलिस के DCP KPS मल्होत्रा ने बताया कि नीरज के फोन और लैपटॉप से कई सबूत मिले हैं, जो इस बात की ओर इशारा कर रहे हैं कि नीरज ही मास्टर माइंड था। आरोपी के लैपटॉप से कई प्रोफाइल भी मिली है। जिन्हें ऐप पर अपलोड किया गया। इस ऐप के कई सोशल मीडिया अकाउंट भी बनाए गए थे। जहां से वो उन्हें प्रमोट करता था।

पहले दूसरे नाम से था बुल्ली बाई ऐप
Bulli Bai ऐप के जरिए महिलाओं को टारगेट किया जाता था। इस ऐप को ठीक उसी तरह बनाया गया था, जैसे कुछ दिन पहले Sulli Deals ऐप बनाया गया था। Bulli Bai ऐप पर उन सौ महिलाओं को टारगेट किया गया था, जो ट्विटर और फेसबुक पर दमदार मौजूदगी रखती हैं। इन सभी पीड़िताओं ने ऐप को लेकर शिकायत दर्ज करवाई थी।

असम में दुकान चलते हैं नीरज के पिता
नीरज के पिता असम में एक दुकान चलाते हैं। वह दो बहन के बाद सबसे छोटा है। साल 2020 में उसने भोपाल में एडमिशन लिया था और लॉकडाउन के बाद वह घर चला आया था। हाल ही में वो नवंबर महीने में परिवार में शादी कार्यक्रम में शरीक होने राजस्थान भी गया था। पिता ने बताया कि उसके पास दिन भर अनजान नंबरों से फोन आया करते थे। पूरे दिन वह कंप्यूटर में घुसा रहता था और देर रात तक काम करता था। कुछ राजनीतिक पार्टी के लोग भी इससे मिलने आते थे, जिन्हें मैं नहीं जानता।