पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

Install App

Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप

सुधार की जरूरत:राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद की जिला रैंकिंग में नागौर एक पायदान फिसलकर 15वें स्थान पर, पांच अप्रैल को रैंकिंग जारी

नागौर5 दिन पहले
  • कॉपी लिंक
फाइल फोटो। - Dainik Bhaskar
फाइल फोटो।

राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद की मार्च की जिला रैंकिंग में नागौर फिर से पिछड़ गया है। फरवरी में नागौर का जिला रैंकिंग में प्रदेश में 14वां स्थान था। इस बार जिला एक पायदान फिसलकर 15वें स्थान पर आ गया है। जबकि कलेक्टर ने जिला स्तरीय बैठक में शिक्षा विभाग के अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए थे कि वे जिले की शिक्षा रैंकिंग में सुधार को लेकर गंभीरता से काम करें।

यह रैंकिंग 44 बिंदुओ के आधार पर हर महीने की 5 तारीख को जारी की जाती है। लेकिन लापरवाही की हद देखिए नागौर के एडीपीसी को जिले की रैंकिंग की जानकारी ही नहीं है। दैनिक भास्कर ने समसा के कार्यवाहक एडीपीसी बस्तीराम सांगवा से रैंकिंग के बारे में जानकारी चाही तो दो दिन से वे कह रहे है उन्हें जिले की रैंकिंग की जानकारी नहीं है। उनके पास समसा की तरफ से रैंकिंग संबंधी किसी तरह का मेल नहीं आया है।

जबकि यह रैंकिंग हर महीने की 5 तारीख को जारी की जाती है। ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि शिक्षा अधिकारी जिले की रैंकिंग सुधार को लेकर कितने गंभीर है।

अच्छी रैंकिंग के फायदे अनेक, भामाशाह भी सरकारी स्कूलों में विकास के कार्य कराने में आते हैं आगे
1. आधार लिंक :
स्टूडेंट्स के नाम आधार से लिंक करके शाला दर्पण पोर्टल पर अपलोड करना होता है। फिर स्कूलों के 95 फीसदी स्टूडेंट्स की जानकारी ऑनलाइन हासिल की जा सकती है।

2. सरकारी स्कूलों के कमरों में बंद पड़े नाकारा सामान का कमेटी बनाकर निस्तारण करना होता है। निस्तारण से स्कूल भवन में रूके पड़े कमरे पढ़ाई में कक्षाकक्ष के रूप में काम में आ सकते है।

3. स्कूलों में प्रबंध व विकास कार्यों में सहयोग करने वाली एसडीएमसी व एसएमसी का रजिस्ट्रेशन। स्कूल में कार्यरत इन संस्थाओं का रजिस्ट्रेशन होने से फर्जीवाड़े की संभावना नहीं होती।

4. स्कूलों में पोर्टल से स्कूल विकास में सहयोग मिलता है। सीएम जनसहभागिता में भामाशाहों का योगदान बढ़ता है। विकास में सहयोग करने वाले भामाशाह प्रेरित होकर सहयोग करते है।

-पड़ौसी जिले चूरू में त्रिस्तरीय मॉनिटरिंग इसलिए पूरे प्रदेश में पहले स्थान पर है
चूरू जिले के सभी स्कूलों की त्रिस्तरीय सतत मॉनीटरिंग व टीम वर्क से रैंकिंग दिनों दिन सुधर रही है। पीईईओ से लेकर सीबीईओ की दो मॉनीटरिंग के बाद तीसरी मॉनिटरिंग एडीपीसी करते हैं। समसा कार्यालय के दो कार्मिकों को भी इसी काम में लगा रखा है। आधार लिंक, नाकारा सामान निस्तारण, ज्ञान संपर्क पोर्टल सहित अन्य बिंदुओं ने चूरू की स्कूलों ने अच्छा काम किया है।

नागौर जिले में यह काम एक साल से कार्यवाहक एडीपीसी के भरोसे, कार्य में सुधार की जरूरत
अतिरिक्त जिला परियोजना समन्वयक के पास जिले के सभी स्कूलों के भाैतिक विकास कार्य करवाने व उनकी मॉनिटरिंग की जिम्मेदारी होती है। विकास योजनाओं व विद्यार्थियों से जुड़ी कई योजनाओं के संचालन की जिम्मेदारी होती है। शिक्षा रैंकिंग के 44 बिंदुओं पर काम करने की जिम्मेदारी भी एडीपीसी की होती है।

एडीपीसी डीईओ स्तर का अधिकारी होता है, लेकिन जिले में यह जिम्मेदारी प्रधानाचार्य स्तर के अधिकारी के पास है। ऐसे में कार्य में सुधार की जरूरत है।

मुझे रैंकिंग के बारे में जानकारी नहीं है
मार्च महीने में जिले की प्रदेश में कौनसी रैंकिंग रही है। इसकी मुझे कोई जानकारी नहीं है। राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद की ओर से भी अभी तक किसी तरह का मेल नहीं आया है। मुझे रैंकिंग की जानकारी नहीं है, इसलिए मैं रैंकिंग को लेकर कुछ नहीं कह सकता।-बस्तीराम सांगवा, कार्यवाहक एडीपीसी, नागौर।

खबरें और भी हैं...

    आज का राशिफल

    मेष
    Rashi - मेष|Aries - Dainik Bhaskar
    मेष|Aries

    पॉजिटिव- इस समय ग्रह स्थिति पूर्णतः अनुकूल है। बातचीत के माध्यम से आप अपने काम निकलवाने में सक्षम रहेंगे। अपनी किसी कमजोरी पर भी उसे हासिल करने में सक्षम रहेंगे। मित्रों का साथ और सहयोग आपकी हिम्मत और...

    और पढ़ें