अब और आगे बढ़े हम:शिक्षा रैंकिंग में नागौर प्रदेश में 14वें स्थान पर, चार महीने पहले 30वें स्थान पर था

नागौर9 महीने पहले
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स्कूल शिक्षा परिषद की ओर से राजकीय विद्यालयों में मिलने वाली सुविधाओं के आधार पर हर महीने जिलावार रैंकिंग जारी की जाती है। स्कूल शिक्षा परिषद ने फरवरी महीने की रैंकिंग जारी कर दी है। नागौर फरवरी में 14वें स्थान पर रहा है। जनवरी में भी नागौर का स्थान 14वां ही था। यानी की एक महीने में नागौर की रैंकिंग में कोई सुधार नहीं हुआ है। हालांकि अच्छी बात है कि नागौर की रैंकिंग में गिरावट नहीं हुई है।

समसा एडीपीसी बस्तीराम सांगवा ने बताया कि दिसंबर में नागौर जिले का स्थान 17वां था। नवंबर में नागौर का प्रदेश में 30 वां स्थान था। इस तरह नागाैर ने चार महीने में 15 रैंक का सुधार किया है। जिला रैंकिंग प्रदेश स्तर पर शिक्षा विभाग की ओर से 44 बिंदुओं के आधार पर तय की जाती है। चूरू जिला प्रदेश में पहले नंबर पर रहा।

चूरू को 225.43 अंक मिले, जबकि 222.33 अंकों के साथ जयपुर दूसरे एवं 213.70 अंकों के साथ हनुमानगढ़ तीसरे स्थान पर रहा। प्रतापगढ़ रैंकिंग में सबसे अंतिम नंबर पर रहकर फिसड्डी रहा। सरकारी स्कूलों में सभी सूचनाएं एकत्रित करवाने के लिए शाला दर्पण पोर्टल पर स्कूल की श्रेणी, बेसिक प्रोफाइल, कार्मिकों की संख्या, नामांकन की स्थिति, स्कूल में उपलब्ध संसाधनों की सुविधा, सेवा रिकार्ड, विभिन्न प्रपत्र, साइकिल वितरण, छात्रवृत्ति, आधार से लिंक सहित 44 बिंदुओं पर रैंक का निर्धारण होता है।

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