• Hindi News
  • Local
  • Rajasthan
  • Nagaur
  • New Patients Of Corona Are Getting Patients, 1 Such Patient Is Spreading Infection In 40 People, That's Why There Is An Increased Risk

कोरोना वायरस का दूसरा और तीसरा स्ट्रेन:कोरोना के नए वैरिएंट के मरीज मिल रहे, ऐसा 1 रोगी 40 लोगों में फैला रहा संक्रमण, इसीलिए बढ़ा खतरा

नागौैर6 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
नागौर. कोरोना पॉजिटिव आने के कारण भंडारिया की गली को किया बंद। - Dainik Bhaskar
नागौर. कोरोना पॉजिटिव आने के कारण भंडारिया की गली को किया बंद।
  • कोरोना संक्रमित पत्नी के निधन के बाद पति ने भी तोड़ा दम... कसूंबी, मांडल जोधा, गिठाला में भी 1-1 मौत

कोरोना वायरस का अब जिले में दूसरा और तीसरा स्ट्रेन है। इसका एक मरीज कम से कम 40 से 50 लोगों को संक्रमित करने की क्षमता रखता है। इसके चलते दूसरी लहर में यहां के हालात बेकाबू होते जा रहे हैं। हॉस्पिटल संक्रमितों से भरे पड़े हैं।

चिकित्सकोें के अनुसार कोरोना का दूसरा और तीसरा वेरिएंट पहले से ज्यादा खतरनाक होने के साथ तेजी से फैलने वाला भी है जो नागौर एवं प्रदेश के अन्य जिलों में मुंबई से ही सर्वाधिक फैला है। यह एसएआरएस-सीओवीटू नाम का वेरिएंट है, जिसे डबल म्यूटेंट या इंडियन स्ट्रेन भी कहा जाने लगा है।

नागौर में भी इस वायरस के रोगी मिले हैं, लेकिन महाराष्ट्र एवं दिल्ली में इसके रोगी सर्वाधिक पैमाने पर देखने को मिले हैं। इसके चलते दूसरी लहर ने लोगों को सर्वाधिक प्रभावित किया है।

लापरवाही से हेल्थ सिस्टम चरमराया

नए स्ट्रेन के चलते अचानक बढ़ी मरीजों की संख्या ने जिले के पूरे हेल्थ सिस्टम को चरमरा कर रख दिया है। शुरुआत में ऑक्सीजन की कमी हुई ही। साथ में बेड का टोटा, सैंपलों की समय पर जांच नहीं होने, शुरूआत में सैंपल लेने में ढिलाई, रिपोर्ट का समय पर तैयार नहीं होना व संदिग्धों के मोबाइल पर पॉजिटिव के संदेश नहीं पहुंचना है।

अभी तक सिस्टम पटरी पर नहीं आया है। हैल्थ कार्मिक भी 24 घंटे काम में जुटे हुए हैं। यह बात अलग है कि स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन कोरोना के आंकड़े छिपाने में जुटे हुए हैं लेकिन ये गलत है।

ऑक्सीजन सपोर्ट बेेड नहीं खाली, संकट बढ़ना तय है

हालत ये है कि ऑक्सीजन सपोर्ट बेड भी खाली नहीं है। हर दिन कोरोना के संक्रमित बढ़ रहे हैं। अगर प्रशासन इसी प्रकार आंकड़े छिपाता रहा तो संकट बढ़ना तय है क्याेंकि सरकार तो यही सोच रही है कि स्थिति नियंत्रण में है जबकि ऐसा है नहीं। हालात विकट होते जा रहे हैं।

खबरें और भी हैं...