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तीसरी लहर से सावधानी जरूरी:जेएलएन में अब कोरोना के 48 संक्रमित ही भर्ती, रविवार को एक भी मौत नहीं, केवल 38 ही संक्रमित मिले हैं

नागाैर14 दिन पहले
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117 आइसोलेशन बैड वाले जवाहर लाल नेहरू हॉस्पिटल के इस वार्ड में अब 50 से भी कम संक्रमित बचे हैं। हर दिन मरीज डिस्चार्ज भी हा़े रहे हैं। यह सुखद खबर है, और कह सकते हैं कि दाे माह बाद अब कुछ नाॅर्मल है, लेकिन काेराेना महामारी की नई वेव से और ज्यादा सुरक्षित रहने की आवश्यकता भी है। इसके अलावा हैल्थ सिस्टम काे भी और मजबूत करने की दरकार है। इससे महामारी के कठिन समय में ऑक्सीजन से लेकर अन्य अव्यवस्थाओ से जूझना नहीं पड़े। क्याेंकि अप्रैल एवं मई महीने में ऑक्सीजन की कमी के चलते कई लाेग अपनी जिंदगी गवा चुके हैं।

वहीं अगर तीसरी लहर का प्रकाेप आता है ताे पूरा स्ट्रेक्चर भी बदल जाएगा। बच्चाें के लिए भी अलग से व्यवस्थाएं करनी हाेंगी। हालांकि जिले में बच्चाें के लिए पृथक से काेविड वार्ड बनाने के साथ कमजाेर बच्चाें काे स्वस्थ्य करने के लिए एक विशेष अभियान भी जारी है। वहीं बच्चाें काे अलग तरह के मास्क से लेकर कई तरह के बदलाव भी करने हाेंगे।

ब्लैक फंगस का नागाैर में नहीं काेई उपचार
डाॅ. सहदेव ने बताया कि ब्लैक फंगस के उपचार के लिए सरकार ने केवल मेडिकल काॅलेजाें काे ही अधिकृत किया हुआ है। इसलिए वे यहां किसी तरह का उपचार नहीं कर सकते हैं। इसके अलावा दवाईयां भी उनके पास नहीं हैं। यहां जैसे ही संक्रमित में ब्लैक फंगस के लक्षण दिखते हैं राेगी काे तत्काल मेडिकल काॅलेज के लिए रैफर कर दिया जाता है।
चिकित्सकाें के अनुसार जिले में अब तक ब्लैक फंगस के चार ही राेगी मिले हैं।

जाेधपुर संभाग में केवल 80 मरीज ही हैं। इनमें अधिकांश ठीक हाेने के बाद घर पहुंच रहे हैं। इसलिए घबराने की जरूरत नहीं है। इधर, रविवार काे आई रिपाेर्ट के अनुसार जिले में 38 लाेगाें की काेराेना पाॅजिटिव रिपाेर्ट आई। इस तरह जिले में एक्टिव केस अब 847 हैं। जबकि कुल संक्रमिताें की संख्या 17441 तक पहुंच गई है। रविवार काे काेराेना से माैत एक भी नहीं हुई, लेकिन माैताें का सरकारी आकड़ा 170 तक पहुंच चुका है।

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