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विवाद:हाईकोर्ट के आदेश पर पुलिस ने तुड़वाया मोंटेसरी स्कूल का ताला

नागाैर20 दिन पहले
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सीओ विनोद सीपा की उपस्थिति में ताला तुड़वाया गया। - Dainik Bhaskar
सीओ विनोद सीपा की उपस्थिति में ताला तुड़वाया गया।
  • भंवरलाल मोंटेसरी स्कूल प्रबंधन व नगर परिषद आमने-सामने, परिषद का तर्क: समय पर जमा नहीं करा रहे भवन का किराया

नगरपरिषद और भंवरलाल माेंटेसरी स्कूल प्रबंधन के बीच चल रहा विवाद कानूनी पेच में फंस गया है। एक तरफ सीजेएम न्यायालय नागौर की तरफ से 24 मई को सुनवाई करते हुए यथास्थिति के आदेश दिए गए थे। अगली सुनवाई 2 जुलाई को तय की गई थी।

इसी बीच दूसरी तरफ स्कूल संचालक के कहने पर बच्चों के परिजनों ने जोधपुर हाईकोर्ट में एक पिटिशन दायर कर बताया कि भवन पर ताला लगा होने के कारण बच्चे परेशान हो रहे हैं इसलिए खुलवाया जाए। हाईकोर्ट ने 26 मई को संस्था के एचएम को कब्जा सुपुर्द करने के आदेश दे दिए।

इसी बीच रविवार काे पुलिस ने हाईकोर्ट के आदेशाें की पालना करवाते हुए माेंटेसरी स्कूल पर लटके हुए नगर परिषद के ताले तोड़े और खाेल दिए। इसके साथ ही कब्जा स्कूल की एचएम काे सुपुर्द किया। इससे पहले दाे दिनाें से विवाद की स्थिति बनी हुई थी।

काेतवाल जितेन्द्रसिंह ने बताया कि हाईकाेर्ट के आदेश पर यह कार्यवाही हुई है। इधर, सभापति मीतू बोथरा का कहना है कि नागौर सीजेएम कोर्ट के 2 जुलाई तक यथास्थिति बनाए रखने के आदेश की अवहेलना की गई है। हाईकोर्ट में यथास्थिति के आदेश को छुपाते हुए पीटिशन दायर की है, जो गलत है।
परिषद ने अंतिम नोटिस के बाद कब्जे में लिया था भवन, संचालक बोले- बच्चों के भविष्य का सवाल
नगर परिषद आयुक्त श्रवणराम चौधरी ने चार मई को अंतिम नोटिस जारी कर बताया कि भंवर लाल शर्मा मोंटेसरी विद्यालय को वर्ष 2010 में 4000 रुपए मासिक किराए पर 5 वर्ष के लिए दिया गया था, परंतु आज तक 48 हजार रुपए एक वर्ष का किराया ही जमा करवाया।

वर्ष 2015 में 5 वर्षों की अवधि के लिए ₹5000 प्रति माह के लिए किराए पर दी गई थी, मगर किराया राशि जमा नहीं करवाई गई। ऐसे में परिषद ने अंतिम नोटिस जारी करते हुए तीन दिवस के भीतर स्कूल खाली कर भवन बंद करने को कहा था। इसके बाद परिषद ने राजस्थान पब्लिक प्रीगिजेज अधिनियम 1965 के तहत कार्रवाई करते हुए भवन को अपने कब्जे में ले लिया था।

ये है विवाद
परिषद ने बिल्डिंग खाली कराने के लिए 4 मई को अंतिम नोटिस देते हुए कब्जा सुपुर्दगी के लिए आदेश दिए थे। नोटिस के खिलाफ स्कूल ने नागौर सीजेएम कोर्ट में दावा व स्थगन के लिए वाद किया। न्यायालय ने 24 मई को दोनों पक्षों को सुनकर 2 जुलाई तक यथा स्थिति बनाए रखने का आदेश पारित किया। इधर, अभिभावकों द्वारा दायर पीटिशन पर जोधपुर हाईकोर्ट ने 26 मई को स्कूल प्रबंधन को राहत देते हुए परिषद को बिल्डिंग का कब्जा सुपुर्दगी स्कूल प्रबंधन को सौंपने के आदेश देते हुए मामले की अगली सुनवाई 13 जुलाई तय कर दी थी।

स्कूल प्रशासन का दावा : स्कूल प्रशासन का कहना है कि स्कूल में अभी सैकड़ों बच्चे अध्ययनरत हैं। ऐसे में इन बच्चों का भविष्य भी स्कूल की बिल्डिंग खाली करने से अधर झूल में रह जाएगा। उन्होंने कहा कि इसी ग्राउंड पर हाईकोर्ट ने भी उन्हें राहत दी और उनके पक्ष में फैसला दिया है।

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