पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

गणेश महोत्सव:केशव दास महाराज बगीची बख्तसागर में भागवत कथा का आयोजन; महाराज बोले -हमारा सबसे बड़ा गुरु हमारी आत्मा है

नागौर15 दिन पहले
  • कॉपी लिंक

रामद्वारा केशव दास महाराज बगीची बख्तसागर में रविवार को भागवत कथा के दौरान महंत जानकीदास महाराज ने भगवान श्रीकृष्ण उद्धव के संवाद को सुनाया। उन्हांेने ने बताया कि श्रीकृष्ण ने उद्धव को आत्मज्ञान का उपदेश देते हुए कहा कि है उद्धव हमें आत्मा के गुणों का विकास करके मानवता की प्राप्ति करनी चाहिए। मनुष्य ईश्वर का रूप है, उसकी अंतरात्मा में समस्त ईश्वरीय संपदाओं के बीज वर्तमान है।

इन सद्गुणों और देवी संपदाओं का अधिकाधिक विकास करना भारतीय जीवन चर्या का लक्ष्य रहा है। सत स्वभाव ही मनुष्य का रक्षक है। उसी से अच्छे समाज और अच्छे नागरिक का निर्माण होता है। अंतरात्मा में छुपे हुए सद्गुणों और दिव्यताओं को अधिकाधिक विकसित करना भारतीय जीवन चर्या का मूल मंत्र रहा है। सारी पवित्रताओं में अंतर आत्मा की पवित्रता ही मुख्य है।

महंत ने कहा- हम यह मानकर चलते हैं कि मानव की अंतरात्मा में जीवन और समाज को आगे बढ़ाने और सन्मार्ग पर ले जाने वाले सभी भाव और शुभ संस्कार भरे पड़े हैं। जिस प्रकार मकड़ी तार के ऊपर की ओर जाती है और जैसे अग्नि अनेकों शुद्ध चिंगारियां उड़ाती है। उसी प्रकार इस आत्मा से समस्त प्राण, समस्त देवगण और समस्त प्राणी मार्गदर्शन पाते हैं।

सत्य बात तो यह है कि यह आत्मा ही उपदेशक और पथ प्रदर्शक है। इस अवसर पर धनराज रांकावत, मोहन लाल सांखला, सोहनलाल कच्छावा, दयाराम तेली, बाबूलाल सूरदास, संत अक्षयानंद आदि मौजूद रहे। बड़े स्तर महिला श्रद्धालु मौजूद रही।

खबरें और भी हैं...