खंभा फाड़कर प्रकट हुए भगवान नृसिंह:हिरण्यकश्यप से प्रहलाद को बचाया, नृसिंह अवतार देखने पहुंचे हजारों भक्त

नागौर3 महीने पहले

नागौर शहर स्थित नगर सेठ बंशीवाला‎ मंदिर में शनिवार को नृसिंह चतुर्दशी मेले का आयोजन हुआ। शाम 6 बजे नृसिंह चतुर्दशी के मेले का कार्यक्रम आयोजित किया गया। शाम होते ही बंशीवाला मंदिर श्रद्धालुओं से भर गया और यहां नृसिंह भगवान नृसिंह व भक्त प्रहलाद के जयकारे लगने शुरू हो गए। इसके बाद भगवान नृसिंह, प्रहलाद, हिरण्यकश्यप और मल्लुका तैयार होकर पहुंचे। इससे पहले दोपहर में ही कई मोहल्लों से लोग मल्लुका का वेश बनाकर नृसिंह चतुर्दशी को शहर में निकल गए थे।

नगर सेठ बंशीवाला‎ मंदिर में मेला कार्यक्रम के दौरान हिरण्यकश्यप के राक्षस रूपी मल्लुको ने वहां उपस्थित हजारों की तादाद के जनसमूह को जमकर डराया। इस दौरान तकरीबन 2 घंटे जनसमूह ने इन मल्लुकों से जमकर संघर्ष किया। अंत में सूर्यास्त के अधूरे पलो में झांकी स्वरूप में नृसिंह भगवान प्रकट हुए और हिरण्यकश्यप से प्रहलाद को बचाया। इसके बाद महाआरती का आयोजन हुआ। हजारों श्रद्धालुओं ने भी भगवान की आरती उतारी।

नागौर शहर स्थित नगर सेठ बंशीवाला‎ मंदिर में नृसिंह चतुर्दशी का यह मेला महाराज‎ अमरसिंह के समय से आयोजित हो रहा है। मंदिर ट्रस्टी पदम प्रजापत, मगनलाल, ओम‎ प्रकाश सोनी व ललित आचार्य ने बताया कि‎ मंदिर ट्रस्ट की ओर से इस मेले की संपूर्ण‎ व्यवस्था की गई थी। भगवान की रम्मत का जिम्मा‎ शुरू से ही पुष्करणा समाज को है।‎ पुष्करणा समाज के राजा साहब, मक्कड़ दत्त‎ व्यास, ठाकुर दत्त व्यास और उमाशंकर व्यास‎ राज परिवार द्वारा 1 माह पूर्व भगवान नरसिंह की‎ रम्मत करने वाले को चयनित किया जाता है। इसके बाद वही‎ व्यक्ति अपने ब्रह्मचर्य जीवन का पालन करते हुए‎ भगवत स्मरण करते हुए भगवान नरसिंह की‎ रम्मत करता है।