विश्व एड्स दिवस:विश्व एड्स दिवस पर असमानता को समाप्त कर एड्स को खत्म करने की थीम पर हुए कार्यक्रम

नागौर2 महीने पहले
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विश्व एड्स दिवस पर बुधवार को ऐंड इनइक्वलिटीज, एंड एड्स (असमानता को समाप्त करना एवं एड्स को खत्म करना) नागौर जिले में विभिन्न तरह की जागरूकता गतिविधियां आयोजित की गई। कलेक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी के निर्देशानुसार मुख्य चिकित्सा व स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मेहराम महिया के मार्गदर्शन में आयोजित की गई। एड्स जागरूकता गतिविधियों की शुरूआत संगोष्ठी से हुई। चिकित्सा व स्वास्थ्य विभाग, राजस्थान एड्स कंट्रोल सोसाइटी व नाको के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इन गतिविधियों के तहत पंडित जेएलएन राजकीय अस्पताल के एआरटी सेंटर में संगोष्ठी का आयोजन किया गया।

संगोष्ठी में जिला एड्स रोग नियंत्रण अधिकारी डॉ. श्रवण राव ने एड्स रोग के लक्षण और इससे बचाव के उपायों के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने संबोधन में कहा कि हमें उन क्षेत्रों और समुदाय विशेष को जागरूक करने की अधिक जरूरत है, जो एचआईवी संक्रमण की दृष्टि से हाई रिस्क जोन की श्रेणी में आते हैं। संगोष्ठी में डॉ. राजेन्द्र बेड़ा, डॉ. वाईएस नेगी, जिला आईईसी समन्वयक हेमन्त उज्जवल ने भी एड्स रोग से बचाव को लेकर जागरूकता संबंधी गतिविधियों को और अधिक प्रभावशाली ढंग से कैसे आयोजित किया जाए के बारे में अपने विचार व्यक्त किए।

संगोष्ठी में हुए विचार मंथन के बाद यह निष्कर्ष निकलकर आया कि एड्स रोग से आमजन को बचाने के लिए वर्ष पर्यन्त समय-समय पर रूटचार्ट व कार्ययोजना बनाकर जागरूकता गतिविधियां आयोजित की जाए, जिनमें नाको सहित स्थानीय स्तर पर काम कर रहे स्वयंसेवी संगठनों का सहयोग लिया जाए। इस मौके पर सीमा अग्रवाल, महेन्द्र छाबा, लेखराम लखारा, हेमाराम, विक्रमसिंह राठौड़, धीरसिंह, बुलवंती, गरीबराम, दौलत कुमारी व समस्त एआरटी स्टॉफ सहित विहान व ग्राम विकास सेवा संस्थान के प्रतिनिधि मौजूद रहे। इस मौके पर एएनएम प्रशिक्षण केन्द्र की छात्राओं ने जिला क्षय रोग निवारण केन्द्र तथा पंडित जेएलएन राजकीय अस्पताल परिसर में विश्व एड्स दिवस के उपलक्ष्य में जागरूकता रंगोली सजाई गई।

इसके बाद शाम को एआरटी स्टॉफ व एनजीओ के प्रतिनिधियों ने नागौर शहरी क्षेत्र के कच्ची बस्ती क्षेत्रों में जाजोलाई नाडी व बच्चा खाडा क्षेत्र में घर-घर जाकर एड्स से बचाव के बारे में जानकारी दी तथा पैम्पलेट वितरित किए। वहीं दूसरी ओर से जिला प्रजनन व शिशु स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मुश्ताक अहमद व उनकी टीम ने भी बासनी गांव में लोगों को एड्स से बचाव के प्रति जागरूक किया।

इसी प्रकार विश्व एड्स दिवस के परिप्रेक्ष्य में बुधवार को जिला स्तरीय कार्यक्रम जेएलएन चिकित्सालय में आयोजित किया गया। जिसकी अध्यक्षता डॉ. श्रवण राव, नोडल अधिकारी एचआईवी व टीबी की ओर से की गई। इस अवसर पर जेएलएन जिला अस्पताल के एआरटी सेन्टर, आईसीटीसी पीएंडजी, एसटीआई, एनजीओ केयर सपोर्ट सेन्टर विहान, टीआई कार्यक्रम के स्टॉफ उपस्थित थे। जिसमें इस वर्ष की थीम ऐंड इनइक्वलिटीज, एंड एड्स पर प्रकाश डाला गया। डॉ. श्रवण राव ने सभी स्टॉफ को एड्स से बचाव की ज्यादा से ज्यादा जानकारी पब्लिक में देने को कहा। जिससे एचआईवी संक्रमण को फैलने से रोका जा सके।

इसके साथ ही आईईसी के पैम्पलेट लिफ्लेट के माध्यम से भी प्रचार-प्रसार करने को कहा। उपस्थित एनजीओ टीआई को हाई रिस्क जॉन में अधिकाधिक प्रचार-प्रसार करने को कहा गया, जो एचआईवी पीडित अभी तक पेंशन का लाभ नहीं ले रहे है, केयर सपोर्ट सेन्टर विहान की अाेर से उनको भी जोडकर पेंशन का लाभ दिलाया जाए। इस अवसर पर डॉ. धर्मेंद्र गोदारा सह नोडल अधिकारी एआरटी, डॉ. बेडा, टीबी व अन्य पैरामेडिकल स्टॉफ हेमाराम, लेखराम, गरीबराम नगवाडिया, महेन्द्र छाबा, बुलवंति, विक्रम सिंह राठौड, सीमा अग्रवाल, धीरसिंह, दौलत कुमारी, विहान प्रोग्राम के सदस्य कुलदीप, धर्माराम अादि उपस्थित हुए।

इसी प्रकार 1 दिसंबर को विश्व एड्स दिवस के अवसर पर बीआर मिर्धा महाविद्यालय नागौर के छात्रों ने वल्लभ चौराहा सहित नागौर शहर के अन्य सार्वजनिक स्थानों पर जन जागरूकता अभियान का आगाज किया। प्राचार्य व राष्ट्रीय सेवा योजना के संरक्षक डॉ. शंकरलाल जाखड़ के अनुसार इस अभियान के तहत सेवा योजना के पंजीकृत स्वयंसेवक सुनील बोराणा, मुकेश, बद्रीराम, शैतान राम, सागर व उमेश आदि ने एचआईवी से संबंधित भ्रांतियों के निवारण की शपथ लेते हुए जन जागरूकता रैली निकाली। सेवा योजना के प्रभारी प्रोफ़ेसर भूपेश बाजिया ने बताया कि स्नातक तृतीय वर्ष में अध्ययनरत सुनील बोराणा का चयन प्री रिपब्लिक परेड के लिए हुआ है।

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