भास्कर एक्सक्लूसिव:5 हजार प्रबोधकों को प्रमोशन से सैकंड ग्रेड बनाया पर काम थर्ड ग्रेड का, विरोध शुरू

नागौरएक महीने पहले
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राज्य सरकार ने प्रदेश के 5 हजार प्रबोधकों (तृतीय श्रेणी) को प्रमोशन देकर वरिष्ठ प्रबोधक (सैकंड ग्रेड) बना दिया, लेकिन इनको काम तृतीय श्रेणी का ही करना होगा। ये वे प्रबोधक हैं जिन्होंने ग्रेजुएशन के साथ बीएड कर रखी है और लेवल-2 में विषयाध्यापक के रूप में कार्य कर रहे हैं, लेकिन अब शिक्षा विभाग ने इनको ना केवल लेवल-2 से बाहर कर दिया, बल्कि हिंदी, संस्कृत, सामाजिक विज्ञान विषय भी नहीं पढ़ा पाएंगे।

दरअसल, शिक्षा विभाग ने राजस्थान में 10 हजार 392 बीएड योग्यताधारी प्रबोधकों में से 5 हजार प्रबोधकों को वरिष्ठ प्रबोधक पद पर पदोन्नति दी, लेकिन इनको सैकंड ग्रेड लेवल अध्यापक के समान सैकंडरी एजुकेशन या मिडिल स्कूलों में एचएम के पद पर नहीं लगाकर बीएसटीसी के समान लेवल-1 में सामान्य शिक्षकों की सूची में डाल दिया

और अब इनको लेवल-2 की जगह लेवल-1 के शिक्षकों के समान कार्य करना होगा। शिक्षा विभाग में लेवल-1 का शिक्षक बीएसटीसी योग्यताधारी होता है, जबकि लेवल-2 बीएड डिग्रीधारी शिक्षक होता है। प्रबोधक को तृतीय श्रेणी के समान और वरिष्ठ प्रबोधक को वरिष्ठ अध्यापक यानी सैकंड ग्रेड के समान विषयाध्यापक माना जाता है, लेकिन लेवल-1 टीचर्स की कैटेगरी में माना है।

प्राइमरी में वरिष्ठ प्रबोधक लगाने का नियम नहीं, जिन मिडिल स्कूल में एचएम, वहां उनके समकक्ष वरिष्ठ प्रबोधक को लगाया
प्रबोधक संघ के अनुसार 5 हजार स्कूलों में से सैकड़ों में प्रबोधकों को तृतीय श्रेणी से वरिष्ठ प्रबोधक की पदोन्नति दे दी, लेकिन उन्हें वहीं पर लगा दिया, जबकि वरिष्ठ प्रबोधक का पद सैकंड ग्रेड टीचर के समान योग्यता रखता है,

इसलिए इन्हें पदोन्नति के बाद प्राइमरी स्कूल में लगाने का नियम नहीं है। कई मिडिल में सैकंड ग्रेड टीचर के रूप में हैडमास्टर काम कर रहे हैं। ऐसे में अब मिडिल स्कूलों में भी दो-दो सैकंड ग्रेड टीचर हो जाएंगे।

शिक्षा मंत्री के समक्ष दर्ज करवाई आपत्ति, कल्ला बोले- आदेश संशोधन करवाएंगे, परेशानी नहीं होने दी जाएगी
अखिल राजस्थान प्रबोधक संघ के मुख्य प्रवक्ता गोपाल लाल धाकड़ ने बताया कि बुधवार को शिक्षा मंत्री बीडी कल्ला के सिविल लाइन आवास पर संघ के संरक्षक महेन्द्र सिंह चौधरी व प्रदेश महामंत्री विकास शर्मा के नेतृत्व में मुलाकात की।

अवगत कराया कि 30 जून 2022 को निदेशक निदेशालय बीकानेर द्वारा वरिष्ठ प्रबोधकों पदोन्नति से सम्बन्धित जो आदेश किया गया था जिसमे वरिष्ठ प्रबोधक को द्वितीय श्रेणी अध्यापक के समकक्ष नहीं माना गया है, इसे लेकर मंत्री के समक्ष आपत्ति दर्ज कराई गई।

मंत्री ने उसमे तुरंत कार्रवाई करने व संशोधन के आदेश जारी करवाने का भरोसा दिलाया है। इस दौरान संघ के संरक्षक चौधरी, महासंघ के सियाराम शर्मा, महामंत्री शर्मा, अरुण शर्मा, प्रदेश उपाध्यक्ष कैलाश दादरवाल उपस्थिति रहे।

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