फौज का रास्ता अब 'अग्निपथ':3 साल की सैन्य नियुक्ति का प्रपोजल, 2 साल से युवाओं को सेना भर्ती का इंतजार

नागौर4 महीने पहले
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देश भर में युवा दो साल से ज्यादा वक्त से थल सेना, नौसेना और वायुसेना में भर्ती प्रक्रिया शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं। एयरफोर्स भर्ती के लिए अप्रैल 2021 में आए रिजल्ट के बाद रिटन, मेडिकल और फिजिकल एग्जाम क्लियर कर चुके 6 हजार युवाओं को ट्रेनिंग सेंटर नहीं बुलाया जा रहा। न ही ज्वाइनिंग से जुड़ी कोई जानकारी दी जा रही है। इसके चलते युवा लगातार विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं। हाल ही में नागौर जिले के सुरेश भींचर ने सीकर से दिल्ली तक दौड़ लगाकर आर्मी भर्ती दोबारा शुरू करने की मांग की थी।

इस बीच भारत सरकार की ओर से सेना में अग्निपथ भर्ती प्रवेश योजना प्रस्तावित है। इसके तहत तीनों सेनाओं में युवाओं को तीन साल के लिए संविदा सैनिक के रूप में भर्ती किया जाएगा। इन्हें ‘अग्निवीर’ कहा जाएगा। इससे सशस्त्र बलों की औसत उम्र में कमी आएगी। साथ ही रिटायरमेंट और पेंशन के रूप में सरकार पर भारी बोझ नहीं पड़ेगा। हालांकि, अभी ‘Tour of Duty’ या अग्निपथ भर्ती प्रवेश योजना के तहत कोई भर्ती नहीं हुई है। इसके लिए जल, थल और वायुसेना की तीन उप-समितियां बनाई गई हैं। सेना प्रशिक्षण कमान (ARTRC), शिमला की ओर से इस पर रिसर्च किए जाने की बात सामने आई है।

रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने एक ट्वीट कर बताया था कि उनका मंत्रालय ‘Tour of Duty’ नामक पहल पर गंभीरता से विचार कर रहा है।
रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने एक ट्वीट कर बताया था कि उनका मंत्रालय ‘Tour of Duty’ नामक पहल पर गंभीरता से विचार कर रहा है।

पिछले साल 29 अगस्त को देश के रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने एक ट्वीट कर बताया था कि उनका मंत्रालय ‘Tour of Duty’ नामक पहल पर गंभीरता से विचार कर रहा है, जो उनकी समझ से आगे जाकर एक game changing reform के रूप में तब्दील होगा। उन्होंने कहा था कि इससे सेना की average age को कम करने में मदद मिलेगी और उन्हें अधिक चुस्त बनाया जा सकेगा।

अग्निपथ भर्ती प्रवेश योजना को केंद्र सरकार जहां युवाओं के लिए सुनहरा मौका और खुशखबरी बता रही है, वहीं इसके उलट सेना भर्ती की तैयारी में लगे युवा इसका विरोध करते दिख रहे हैं। युवाओं का कहना है- सिर्फ 3 साल नौकरी से भविष्य कैसे सिक्योर होगा। जबकि पेंशन और सर्विस लाभ के लिए 15 साल की सर्विस होना जरुरी है। ऐसे में अपनी जान जोखिम में कैसे डालें। सरकार ने ठीक 2 साल पहल ही अग्निपथ भर्ती प्रवेश योजना का प्रपोजल तैयार किया था। तब से ही भर्ती प्रोसेस रुकी हुई है।

एयरफोर्स भर्ती के लिए अप्रैल 2021 में आए रिजल्ट के बाद रिटन, मेडिकल और फिजिकल एग्जाम क्लियर कर चुके एक युवा ने भास्कर को बताया कि एक साल हो गया। अभी तक ट्रेनिंग और ज्वाइनिंग को लेकर कोई सूचना नहीं मिली है। इसको लेकर PMO तक शिकायत की गई। हर बार रटा-रटाया जवाब आया- कोरोना के कारण भर्ती रुकी है। इधर एयरफोर्स के ट्रेनिंग सेंटर्स के बैच भी खाली पड़े होने की जानकारी मिली है। जब सभी स्कूल, कॉलेज और इंस्टीट्यूट पूरी क्षमता से शुरू कर दिए गए हैं तो अब हमारी ट्रेनिंग और ज्वाइनिंग में क्या दिक्कत आ रही है।

कुछ रिटायर्ड मिलिट्री ऑफिसियल्स की ओर से भी अग्निपथ भर्ती प्रवेश योजना पर ऑब्जेक्शन किया गया है। नाम नहीं छपने कि शर्त पर एक रिटायर्ड कर्नल ने बताया कि जवानों के लिए शॉर्ट टर्म नौकरी से सेना की एफिसिएंसी पर प्रभाव पडेगा। सेना में काबिलियत के साथ ही टेक्नीकल नॉलेज और और ट्रेनिंग का बड़ा मेटर होता है। इसके लिए इंजीनियर्स, सिग्नल, आर्टिलरी, एयर डिफेंस, आर्मर्ड कॉर्प्स, EME, ऑर्डनेंस और बहुत सारे एक्स्ट्रा और डीप टेक्निकल कोचिंग की जरुरत होती है। जिसमें कई साल लगते हैं।

रिटायर्ड कर्नल ने बताया कि व्यवहार और प्रशिक्षण के कारण भारतीय सेना का प्रदर्शन हर युद्ध में उत्कृष्ट रहा है। “रेजिमेंटेशन की डवलपमेंट उस समय होती है जब सैनिक अधिकारियों और JCO की निगरानी में एक बंकर में एक साथ ड्यूटी पर होता हैं। वे अपने बीच एक ऐसा बॉन्ड बना लेते हैं जहां हर कोई हर दूसरे व्यक्ति के परिवार के बारे में जानता है। इस प्रकार, पलटन और एक कंपनी अच्छी तरह से मिक्स्ड अप होती है। इसके बाद रेजिमेंट और बटालियन की इमेज आती है जो इस योजना से धीरे-धीरे मिट सकती है।

ऑफिसर्स के लिए पहले से है शॉर्ट टर्म कमीशन योजना
1966 से सेना में ऑफिसर्स के लिए, शॉर्ट सर्विस कमीशन का ऑप्शन है। इसमें अनिवार्य सेवा बिना किसी पेंशन के पांच साल की थी। 25-30 प्रतिशत को योग्यता के आधार पर स्थायी कमीशन भी दिया जाता है। जिन लोगों को नियमित कमीशन नहीं दिया गया, उन्हें ग्रैचुइटी के साथ सेवा से मुक्त कर दिया जाता है और पूर्व सैनिकों का दर्जा दिया जाता है। उन्हें दूसरे सरकारी जॉब के लिए वरीयता और रियायतें भी दी जाती हैं।

ये है अग्निपथ भर्ती प्रवेश योजना का प्रपोजल
अग्निपथ भर्ती प्रवेश योजना के तहत तीनों सेनाओं में युवाओं को तीन साल के लिए सैनिक के रूप में भर्ती किया जाएगा। इन्हें ‘अग्निवीर’ कहा जाएगा। इसमें रक्षा बलों के पास यह विकल्प भी रहेगा कि वे कुछ अग्निवीरों को स्थायी सेवा में भी शामिल कर सकते हैं। वहीं, ये अग्निवीर बाद में कॉर्पोरेट सेक्टर में भी नौकरी कर सकेंगे।