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जीत रहे हम:राहत... 171 पंचायतों में एक्टिव केस 0, 163 गांवों में कोरोना का 1 भी मामला नहीं मिला

नागौर19 दिन पहले
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  • नागौर में अब 1000 से कम एक्टिव केस, नए 37 पॉजिटिव मिले

कोरोना की दूसरी लहर का प्रभाव घटने लगा है। सरकारी आंकड़ों के हिसाब से नागौर में एक्टिव केस की संख्या अब 1000 से भी कम रह गई है। शनिवार को जेएलएन से आई रिपोर्ट में 37 पॉजिटिव केस मिले। सुखद तस्वीर यह है कि जिले में 171 ग्राम पंचायतें ऐसी हैं, जिनमें वर्तमान में एक भी कोरोना एक्टिव केस नहीं है। वहीं जिले में 163 गांव ऐसे हैं, जहां कोरोना संक्रमण के दूसरे दौर में एक भी कोविड पाॅजिटिव मरीज नहीं पाया गया। उधर, बोरावड़ सीएचसी में शनिवार को 18 से 44 आयु वर्ग के व्यक्तियों को पहली बार 30% ऑफ लाइन तथा 70 % ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कर कोरोना वैक्सीन लगाई गई। शुक्रवार शाम को वैक्सीन की पहली डोज लगने की सूचना मिलने तथा 70% ऑनलाइन के साथ 30% ऑफ लाइन रजिस्ट्रेशन होने के चलते ऑनलाइन स्लॉट बुक नहीं हुए, ऐसे लोग सुबह 8 बजे ही सीएचसी में पहुंच कर लाइन लगाकर खड़े हो गए।

वहीं ऑफलाइन केवल 60 डोज होने के चलते 9 बजे तक 100 से अधिक लोग वैक्सीन लगवाने के लिए चिकित्सालय के बाहर एकत्रित हो गए। भीड़ नियंत्रित करने के लिए लगे पुलिस चौकी के कांस्टेबल आदि रजिस्ट्रेशन के लिए सूची बनाने लगे। सूची में लगभग 35 नाम पहले से लिखे होने की जानकारी होने पर सूची को लेकर विवाद पैदा हो गया। वैक्सीन लगाने आए युवाओं ने चिकित्सा तथा पुलिस प्रशासन पर मनमानी का आरोप लगाते हुए चहेतों को लाभ पहुंचाने की बात कही।

बोरावड़: नई सूची बनाई

सीएचसी प्रभारी डॉ. सुनील बिश्नोई ने बाहर आकर विवाद की पूरी जानकारी लेने के बाद पूर्व में बनी सूची को निरस्त करवा कर नए सिरे से दूसरी सूची बनवा कर वैक्सीनेशन शुरू करवाया। वैक्सीनेशन प्रभारी डॉ. मुरारी लाल सैनी ने बताया कि शनिवार को बोरावड़ सीएचसी में 60 ऑफलाइन तथा 140 ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन हुए थे, जिनमें से 197 लोगों को वैक्सीन लगाई गई।

मीठड़ी: डिस्टेंस टूटा

ठठाना मीठड़ी | पीएचसी पर पहली बार 18 से 44 वर्ष के नागरिकों का टीकाकरण किया गया। 175 का ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन किया गया था। जबकि 75 का ऑफलाइन था। इसके बावजूद भी अस्पताल में भारी भीड़ थी। इस दौरान अस्पताल परिसर के बाहर कोरोना गाइड लाइन का पालन नहीं हो रहा था। जबकि इस दौरान मीठड़ी बीट अधिकारी राजकुमार भी मौजूद थे।

लादड़िया: भीड़ जुटी

लादड़िया | यहां टीके पर विवाद हुआ। ऑनलाइन व ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन को लेकर विवाद हो गया। ग्रामीणों ने दूसरे गांवों-शहरों से वैक्सीन लगवाने आए लोगों को लेकर आपत्ति जताई। मौके पर मौलासर पुलिस व नायब कमलदीप पूनिया, पटवारी शिवराज सिंह पहुंचे और समझाइश की। ग्रामीणों को पहले आओ-पहले पाओ के अनुसार टोकन वितरण कर वैक्सीन लगवाई।

डॉ. शीशराम चौधरी को उपकरण भेंट करतीं सभापति मीतू बोथरा।
डॉ. शीशराम चौधरी को उपकरण भेंट करतीं सभापति मीतू बोथरा।

हेल्थ सर्वे : 7 लाख परिवारों की हेल्थ स्क्रीनिंग की, 33485 सस्पेक्टेड मरीजों को बांटे गए हैं किट, लाडेसर अभियान जारी

नागौर में अप्रेल माह से लेकर मई की 24 तारीख तक डोर-टू-डोर हेल्थ सर्वे के दो चरण पूरे हो चुके हैं। अतिरिक्त मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ. शीशराम चौधरी ने बताया कि संक्रमण की चेन को तोड़ने के लिए दूसरे चरण में 10 मई से 24 मई तक जिले भर में लगी 28369 हैल्थ टीमों (एएनएम, आशा सहयोगिनी व आंगनबाड़ी कार्यकर्ता) ने सात लाख से अधिक परिवारों की हेल्थ स्क्रीनिंग की।

इस सर्वे में 33485 आईएलआई प्लस कोविड सस्पेक्टेड पेशेंट पाए गए, जिनको निर्धारित मेडिसिन किट भी निशुल्क वितरित किया गया। इनके अतिरिक्त 10629 आईएलआई पेंशेंट ऐसे पाए गए, जिन्हें निकटवर्ती चिकित्सा संस्थान में उपचार खातिर भेजा गया।

वहीं हेल्थ सर्वे के दौरान 60150 ऐसे व्यक्ति पाए गए, जो जिनके किसी दूसरे जिले व दूसरे राज्य से आने की पुष्टि हुई, ऐसे लोगों को हेल्थ टीमों ने कोविड गाइडलाइन के मुताबिक निर्धारित अवधि तक होम क्वॉरेंटाइन में रहने की सीख दी गई। मेरा गांव-मेरी जिम्मेदारी तथा मेरा वार्ड-मेरी जिम्मेदारी अभियान के तहत घर-घर सघन हेल्थ सर्वे का तीसरा चरण भी 25 मई को शुरू हो चुका है।

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