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चैकिंग के दौरान एप से दिखा सकेंगे दस्तावेज:3 साल बाद राहत, एम-परिवहन के माध्यम से प्रस्तुत ड्राइविंग लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट हाेंगे मान्य

नागौर16 दिन पहले
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इस सुविधा के आरंभ हो जाने से लोगों को काफी राहत मिल सकेगी। दस्तावेजों को लेकर काफी बार स्थितियां नियंत्रण के बारे चली जाती है। - Dainik Bhaskar
इस सुविधा के आरंभ हो जाने से लोगों को काफी राहत मिल सकेगी। दस्तावेजों को लेकर काफी बार स्थितियां नियंत्रण के बारे चली जाती है।

अब प्रदेश में डिजिटल आइडेंटिटी के रूप में डिजी लॉकर और एम-परिवहन के माध्यम से प्रस्तुत ड्राइविंग लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट मान्य होंगे। चैकिंग के दौरान प्रवर्तन अधिकारी वाहन चालक को भौतिक रूप से दस्तावेजों के लिए बाध्य नहीं करेगा। परिवहन विभाग द्वारा जारी यह आदेश तीन साल बाद धरातल पर उतरेगा। इसकी सख्ती से पालना के लिए परिवहन आयुक्त व पदेन विशिष्ट शासन सचिव महेंद्र सोनी ने यह आदेश जारी किए हैं।

दरअसल, परिवहन विभाग ने डिजी लॉकर के माध्यम से प्रस्तुत ड्राइविंग लाइसेंस एवं रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट को डिजिटल आइडेन्टिटी के रूप में दी मान्यता देकर वाहन चालकों को बड़ी राहत दी थी। फिर भी चैकिंग के दौरान प्रवर्तन अधिकारी वाहन चालकों पर दस्तावेजों के भौतिक रूप से जांच का दबाव बना रहे थे। परिवहन आयुक्त के पास लगातार ऐसी शिकायतें आने के बाद उन्होंने यह निर्णय लिया।

उन्होंने डिजिटल आइडेंटिटी के रूप में डिजी लॉकर व एम-परिवहन के माध्यम से प्रस्तुत ड्राइविंग लाइसेंस अौर रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट नहीं मानने वाले प्रवर्तन अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई के भी निर्देश जारी किए है। इस सुविधा के आरंभ हो जाने से लोगों को काफी राहत मिल सकेगी। दस्तावेजों को लेकर काफी बार स्थितियां नियंत्रण के बारे चली जाती है। जिससे विवाद भी हो जाता है।

2015 में लॉन्च हुई थी डिजी लॉकर एप

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने डिजिटल इंडिया अभियान के तहत 2015 में डिजी लॉकर मोबाइल एप लांच की थी। इस एप में वाहन पंजीकरण, ड्राइविंग लाइसेंस, जन्म प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, पैन कार्ड सहित अन्य दस्तावेज स्टोर कर सकते हैं। एप में दस्तावेज स्टोर होने के बाद इनके गुम होने का भी खतरा नहीं होता है। केंद्रीय परिवहन विभाग ने भी ट्रैफिक पुलिस को भी वेरिफिकेशन के लिए डिजी लॉकर के दस्तावेजों को मान्य करने के आदेश जारी किए है।

आदेश नहीं मानने वाले के खिलाफ होगी कार्रवाई

इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड को विधिक रूप से मूल दस्तावेजों के समतुल्य माना गया है। प्रवर्तन अधिकारियों द्वारा चैकिंग के दौरान भौतिक रूप से दस्तावेज पेश करने के लिए बाध्य करने की शिकायतें आई। सभी आरटीओ डीटीओ को प्रवर्तन अधिकारियों को पाबंद करने के निर्देश दिए हैं। अनुपालना नहीं करने वाले प्रवर्तन अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।-महेंद्र सोनी, परिवहन आयुक्त।

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