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चुनावी लाॅटरी:8 निकाय के 315 वार्डों के लिए आरक्षण तय, मूंडवा, कुचेरा के 25-25 वार्ड के लिए निकाली लॉटरी

नागाैर8 महीने पहले
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  • पूर्व सभापति मांगीलाल, बिरदीचंद, जीवणमल व श्याम अपने वार्ड से ही लड़ सकेंगे चुनाव, कईयों को देखनी होगी नई जमीन

आगामी निकाय चुनाव को लेकर मंगलवार को जिले के 8 निकायों के 315 वार्डों के लिए लॉटरी से वार्ड वार आरक्षण तय हो गया। 106 वार्डों की सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित की गई हैं। आरक्षण लॉटरी निकलने के बाद भाजपा व कांग्रेस के कई नेताओं की जहां ‘लॉटरी’ लग गई, वहीं कइयों की चिंता भी बढ़ गई। अब कई नेताओं को शहर में नया चुनाव क्षेत्र ढूंढना पड़ेगा। मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में ढाई घंटे तक चली लॉटरी निकाली गई।

नागाैर, लाडनूं, मूंडवा, कुचेरा, डेगाना, परबतसर, नावां व कुचामन शहराें के वार्डों के लिए आरक्षण तय हुआ। लॉटरी प्रक्रिया के दाैरान चुनाव लड़ने के इच्छुक काफी लोग कलेक्ट्रेट पहुंचे। लॉटरी निकलने के बाद चुनाव लड़ने के इच्छुकों ने तैयारियां भी शुरू कर दी हैं। कुछ वार्डों में तो दावेदारों द्वारा बैठकें भी बुला ली गई हैं, ताकि मतदाताओं का मन टटोला जा सके और अपने नाम पर मुहर लगवाई जा सके। शहर में पूर्व सभापति मांगीलाल भाटी, बिरदीचंद सांखला व जीवणमल अपने वार्ड से ही चुनाव लड़ सकेंगे।

सभापति सीट सामान्य महिला के लिए, ऐसे में कई अपनी पत्नियों की डायरेक्ट एंट्री की तैयारी में

60 वार्डों के लिए पार्षदों के चुनाव कब होंगे, यह अभी तय नहीं है। मगर लॉटरी द्वारा सीटों का आरक्षण तय होते ही मंगलवार से ही शहर में चुनावी सरगर्मियां तेज हो गई। पहली बार सभापति की सीट महिला सामान्य आरक्षित होने से सभापति दावेदार खुद तो मैदान में उतरेंगे ही, साथ ही पत्नियों के लिए भी जमीन तलाश रहे हैं या तैयार कर चुके हैं। कांग्रेस पार्टी से मांगीलाल भाटी खुद (वार्ड 15 सामान्य महिला व 16 ओबीसी पुरुष) चुनाव लड़ेंगे ही, साथ ही पत्नी ममता को मैदान में उतारने की तैयारी में जुटे हैं।

इसी तरह पूर्व सभापति कृपाराम सोलंकी परिवार से उनकी पत्नी जंवराई पूर्व प्रधान मैदान में (वार्ड 13 सामान्य) उतरने की तैयारी में है। साथ ही पिता की विरासत बचाने को पुत्र प्रवीण खुद व अपनी पत्नी को भी मैदान में उतार सकते हैं। इधर, भाजपा से पूर्व सभापति बिरदीचंद सांखला खुद (वार्ड 13 सामान्य) चुनाव लड़ेंगे ही, साथ ही अपनी पत्नी रमा को भी मैदान में उतारने जमीन तलाश रहे हैं। वहीं पूर्व पालिका अध्यक्ष मनोहर सिंह (वार्ड 1, 2 सामान्य या 60, 11 व 14 सा. महिला) खुद व परिवार से महिला सदस्य काे चुनाव लड़ाने की तैयारी में जुटे हैं।

इसी तरह नेता प्रतिपक्ष ओम सांखला (वार्ड 42 सामान्य) से खुद चुनाव लड़ने सहित अन्य वार्ड से अपनी पत्नी काे मैदान में उतारेंगे। वार्ड 17 से पूर्व वाइस चेयरमैन रूपसिंह पंवार पत्नी सुमित्रा काे मैदान में उतारेंगे। पूर्व चेयरमैन अशाेक मच्छी भी खुद चुनाव लड़ने के साथ पत्नी काे मैदान में उतार सकते है।
पहली बार : सभापति प्रत्याशी के लिए पार्षद चुनाव लड़ना जरूरी नहीं
इस बार सभापति प्रत्याशी के लिए पार्षद का चुनाव लड़ना अनिवार्य नहीं है। इसलिए कई नेता चुनाव लड़े बगैर ही सभापति पद पर डायरेक्ट एंट्री करने की काेशिश में रहेंगे। शहर में कई पार्षद ऐसे थे जिनकी राजनीतिक पकड़ अच्छी हाेने से वे दाे-तीन बार से लगातार पार्षद चुनकर आ रहे थे लेकिन अब आरक्षित सीट के कारण उनकी राजनीतिक जमीन खिसक गई है। नए आरक्षण से कई नए समीकरण बनने से नए लाेगाें काे भी राजनीतिक में भाग्य आजमाने का माैका मिलेगा।

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