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मौसम हुआ ठंडा:खींवसर व बासनी की सड़कें जलमग्न, 15 को भारी बारिश की चेतावनी, दो दिन राहत

नागौर7 दिन पहले
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  • दिन का अधिकतम तापमान 31.5 डिग्री तो न्यूनतम 24.2 डिग्री दर्ज

मानसून सक्रिय होने के बाद इसका असर जिले में देखने को मिल रहा है। गत 3 दिनों से जिले में लगातार बारिश का दौर जारी है। रविवार को फिर नागौर सहित कई तहसीलों में मध्यम से तेज बारिश हुई। नागौर तहसील में 15 डिग्री बारिश दर्ज की गई। नागौर शहर में रविवार को भले ही बारिश नहीं हुई, मगर बासनी सहित कई गांवों में तेज बारिश हुई। जिसके चलते बासनी, संखवास सहित कई गांवों में सड़कें जलमग्न हो गई और खेतों में पानी भर गया।

दरअसल, जिले में औसत बारिश 369.7 एमएम कोटा पूरा हो चुका है। बारिश 380 एमएम से ज्यादा जिले में हो चुकी है। मौसम विभाग के अनुसार सोमवार व मंगलवार को जिले में भारी बारिश की कोई संभावना नहीं हैं। 15 सितंबर को फिर भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। आगामी दिनों में पूर्वी राजस्थान के ज्यादातर भागों में जबकि पश्चिमी राजस्थान के कुछ भागों में मानसून के सक्रिय बने रहने के लिए परिस्थितियां अनुकूल है।

बारिश 380 एमएम से ज्यादा बारिश हुई, औसत बारिश 369.7 एमएम कोटा पूरा

दो कम दबाव के क्षेत्र एक साथ : पूर्वी राजस्थान के कोटा क्षेत्र में एक कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। इससे नागौर में भी बारिश हो रही है। वहीं एक नया कम दबाव का क्षेत्र बंगाल खाड़ी में बना है। इससे भी बारिश की स्थिति बनने लगी है।

पूर्वी हवाएं सक्रिय होने लगीं : बहुत कम मौका होता है कि एक कम दबाव का क्षेत्र समाप्त हुए बगैर नया कम दबाव का क्षेत्र विकसित हो जाए। बंगाल की खाड़ी व राजस्थान के बीच इसी वजह से पूर्वी हवाएं चल रही हैं। इसके असर से यहां पर्याप्त मात्रा में नमी पहुंच रही है।

मानसून टर्फ लाइन : कोटा पर बने कम दबाव के क्षेत्र व बंगाल की खाड़ी के कम दबाव के क्षेत्र की वजह से मानसून टर्फ लाइन भी पूर्वी भारत से पश्चिमी भारत के बीच बनी हुई है। यही कारण है कि यहां पर्याप्त मात्रा में बादलों की आवाजाही हो रही है।

मानसूनी बादल : जब दो कम दबाव के क्षेत्र एक साथ विकसित हो जाते हैं तथा मानसून टर्फ लाइन भी इसी दिशा में चल रही हो तो कई क्षेत्रों में बहुत कम हाइट के बादल बनते हैं। इनकी हाइट 300 मीटर से भी कम होती है। इन्हें मानसूनी बादल भी कहते हैं।

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