मर्डर मामले में भड़के सांसद बेनीवाल:बोले- चिंतन शिविर के समय प्लांड तरीके से नावां MLA ने करवाया पूनिया का मर्डर

नागौर3 महीने पहले

नमक कारोबारी जयपाल पूनिया के मर्डर पर राजनीतिक गर्मी बढ़ गई है। शनिवार को नावां शहर के बाजार बंद रहे। पूनिया के परिजनों के साथ बीजेपी-RLP नेता एसडीएम कार्यालय के सामने धरने पर बैठे। कल देर शाम RLP प्रमुख और सांसद हनुमान बेनीवाल भी धरनास्थल पर पहुंचे। उनके पहुंचते ही धरनास्थल पर नारेबाजी शुरू हो गई। बेनीवाल ने कांग्रेस पार्टी, CM अशोक गहलोत और नावां विधायक महेंद्र चौधरी पर जोरदार हमले किए और कई गंभीर आरोप लगाए।

जयपाल को झूठे मामलों में फंसाया
सांसद बेनीवाल ने कहा- जयपाल पूनिया को पिछले 3 साल में झूठे मुकदमों में फंसाया गया। उसकी हिस्ट्रीशीट खोली गई। जयपाल मेरे पास भी आता था और कहता था कि भाईसाहब MLA उसका एनकाउंटर करवा देगा। उन्होंने कहा कि जयपाल का मर्डर एक सोची-समझी साजिश है। मर्डर की प्लानिंग बहुत पहले तैयार कर ली गई थी।

सांसद हनुमान बेनीवाल नमक कारोबारी जयपाल पूनिया के परिजनों के समर्थन में नावां शहर पहुंचे। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर बीजेपी आरएलपी साथ हैं।
सांसद हनुमान बेनीवाल नमक कारोबारी जयपाल पूनिया के परिजनों के समर्थन में नावां शहर पहुंचे। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर बीजेपी आरएलपी साथ हैं।

चिंतन शिविर के समय दिखावे के लिए बिजी हुए
हनुमान बेनीवाल ने कहा- सोचे-समझे प्लान के मुताबिक कांग्रेस के चिंतन शिविर के समय खुद MLA चौधरी दिखावटी रूप से बीजी हो गए। अपने परिवार को बाहर भेज दिया। इसके बाद दिनदहाड़े भाड़े के बदमाश बुलाकर जयपाल की निर्मम हत्या करा दी। नावां MLA महेंद्र चौधरी ने नावां की जनता को मैसेज दिया है कि अब तक तो उसने सरकार के दम पर जनता को लूटा है और कोई उसके खिलाफ बोलेगा तो अब उसे जान से भी हाथ धोना पडे़गा।

जयपाल की गाड़ी देख विधायक रास्ता बदल लेते थे
बेनीवाल ने कहा- जयपाल पूनिया तो मजबूत आदमी था। वो छाती ठोककर सरकार का विरोध करता था। उसकी गाड़ी देखकर MLA अपना रास्ता बदल लेता था। वो तो शहीद हुआ है। जयपाल का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा। राजस्थान सरकार को CBI जांच करवानी पड़ेगी। जैसे लोकसभा चुनाव में बीजेपी और RLP ने मिलकर CM के बेटे को जोधपुर में हरा दिया था। वैसे ही अब एक ही मिलकर एक ही लक्ष्य होना चाहिए कि महेंद्र चौधरी को जेल पहुंचाएं।

विधायक को 25 घंटे बाद दुख हुआ
RLP सुप्रीमो और सांसद हनुमान बेनीवाल ने कहा कि MLA महेंद्र चौधरी की पोस्ट देखी, उन्हें 25 घंटे के बाद दुःख हुआ और उसे लगा कि जांच होनी चाहिए। ज्यादा दुःख है और जांच होनी चाहिए तो वो CM अशोक गहलोत को लिखकर दें कि इस मामले की जांच CBI से करवाए। दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा। राजस्थान सरकार में शर्म नाम की चीज ही नहीं बची है। महेश जोशी के बेटे का मामला सबके सामने है, फिर भी उनमें शर्म नहीं है। प्रदेश में महिलाएं सुरक्षित नहीं है। राजस्थान की कोई जांच एजेंसी सही जांच नहीं कर पाएगी। हमने देखा है कि आज तक सीबीआई जांच के बाद ही विधायक गिरफ्तार हुए हैं।

जयपाल पूनिया की हत्या के विरोध में नावां शहर के बाजार कल बंद रखे गए। धरना स्थल पर बड़ी तादाद में भाजपा व आरएलपी कार्यकर्ता जुट गए। दोनों पार्टियों के बड़े नेता भी पहुंचे।
जयपाल पूनिया की हत्या के विरोध में नावां शहर के बाजार कल बंद रखे गए। धरना स्थल पर बड़ी तादाद में भाजपा व आरएलपी कार्यकर्ता जुट गए। दोनों पार्टियों के बड़े नेता भी पहुंचे।

न्याय दिलाने के लिए बीजेपी-आरएलपी साथ
हनुमान बेनीवाल ने कहा- अब ये आर-पार की लड़ाई है। बीजेपी-RLP की बात नहीं है। मृतक पूनिया के परिवार को न्याय दिलाने के लिए दोनों पार्टियों के सब नेता साथ हैं। अब ये लड़ाई सीधी CM अशोक गहलोत से है। जल्दबाजी काम नहीं आएगी। कैबिनेट मंत्री महेश जोशी के बाद अगर CM गहलोत का सबसे लाडला कोई है तो वो महेंद्र चौधरी है। जनता की मजबूती और दबाव ही CBI जांच दिलाएगी। दिल्ली कुछ करना पड़ा तो करेंगे, राजधानी को घेरना पड़ा तो घेर लेंगे। हाइवे जाम और रेल रोकनी पड़ी तो रोक लेंगे। पर मिलकर भाई को न्याय दिलाएंगे। जब तक नावां MLA महेंद्र चौधरी और इस मामले के सभी आरोपी सलाखों के पीछे नहीं जाएंगे, इस लड़ाई को मिलकर लड़ेंगे।

सीबीआई जांच लेकर रहेंगे, वरना आंदोलन करना छोड़ देंगे
नागौर सांसद ने कहा- भाषणबाजी से जीत नहीं होने वाली है। सभी मजबूती रखें। एक दिन लगे या 5 दिन लगें, CBI जांच लेकर ही रहेंगे, वरना न्याय के लिए आंदोलन करना छोड़ देंगे। जयपाल पूनिया हत्याकांड से पॉलिटिकल माइलेज लेना मकसद नहीं है। बल्कि ये आंदोलन इसलिए जरुरी है कि ऐसी घटना कोई नेता दोबारा न कर पाए। जेल जाने के बाद महेंद्र का अभी नया जीवन हो जाएगा। इस आंदोलन को तोड़ने का भी प्रयास होगा। सरकारी दबाव भी आएगा। ट्रांसफर और कार्रवाई की धमकियां भी मिलेगी। सब एक रहें और मजबूत रहें। राजस्थान का जवान और किसान तैयार खड़ा है। इस आंदोलन को पूरे राजस्थान में ले जाने के लिए रणनीति तैयार कर ली जाएगी। जयपाल पूनिया की शहादत खाली नहीं जाएगी।