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धर्म सभा का किया आयोजन:संत रमताराम महाराज ने कहा जीवन में रामायण सुनने से व्यक्ति हाे जाता है सभी पापों से मुक्त

नागौर13 दिन पहले
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नागौर रामपाल में धर्म सभा को संबोधित करते संत - Dainik Bhaskar
नागौर रामपाल में धर्म सभा को संबोधित करते संत
  • रामपोल सत्संग भवन में चातुर्मास सत्संग समारोह जारी

शहर के रामपोल सत्संग भवन में रामनामी महंत मुरली राम महाराज के पावन सानिध्य में चातुर्मास सत्संग समारोह जारी है। धर्मसभा को संबोधित करते हुए कथा वाचक संत रमताराम महाराज पुष्कर वाले ने कहा कि रामायण में राम नाम की ही महिमा गाई है, नाम की महिमा का कोई पार नहीं पा सकता। जिस घर में रामायण का पूजन पठन रोज होता है, उस घर में कभी भी भूत-प्रेत प्रवेश नहीं करते और इस संसार सागर से पार होने के लिए गोस्वामी तुलसीदास महाराज ने कृपा करके रामायण रूपी नाव बनाकर तैयार की।

जिस नाव में बैठकर व्यक्ति अपने जीवन का कल्याण कर सकता है, रामायण सबको कल्याण देने वाली है। राम कथा में प्रेम करने से मनुष्य जीवन के सभी कार्य, सिद्ध होते हैं। इसलिए रामायण को पढ़ना, सुनना और मनन करना चाहिए। किसी व्यक्ति के भी जीवन में रामायण के कुछ शब्द सुना दिए जाए तो व्यक्ति पाप मुक्त हो जाता है।

भाग्य से मिलते है संत

महाराज ने कहा- कि जिस व्यक्ति ने जीवन में रामायण पढ़ी या सुनी है, वह कभी नर्कगामी नहीं होता है। रामायण के रस को वही व्यक्ति जान सकता है जिस व्यक्ति ने जीवन में अच्छे संतों की सत्संग की हो। अच्छे संत भी बड़े भाग्य से मिलते हैं, जो राम कथा को साधारण कथा मानते हैं, उनमें और राक्षसों में कोई फर्क नहीं है।

इसलिए जितना हो सके व्यक्ति को रामायण का अध्ययन करना चाहिए। इससे वह अपने जीवन को उज्जवल बना सकता है। इस अवसर पर साध्वी मोहनी बाई, जोधपुर बाल संत रामगोपाल महाराज, राम अवतार शर्मा, कांतिलाल कंसारा, दीनदयाल उपाध्याय सहित अनेक लोग मौजूद रहे।

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