कोरोना को हराने टीकाकरण जरूरी:नागौर में अब तक 60.22% टीकाकरण, इसमें मेड़ता में सर्वाधिक 74.05 फीसदी टीके, 25.76 प्रतिशत के साथ मकराना सबसे पीछे

नागौैर6 महीने पहले
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मकराना. एक केन्द्र पर टीकाकरण करवाते हुए नागरिक।  - Dainik Bhaskar
मकराना. एक केन्द्र पर टीकाकरण करवाते हुए नागरिक। 
  • जानलेवा हो सकती है टीकाकरण की कमजोर स्थित, 45 से 60 और 60 से अधिक आयु वर्ग को लेकर टीकाकरण का जो लक्ष्य दिया, वह अभी भी काफी दूर

देश में करोड़ों लोगों को जानलेवा महामारी कोरोना से बचाने के लिए व्यापक अनुसंधान प्रक्रिया के बाद टीका इजाद किया गया। टीकाकरण के बाद के परिणामों को देखते हुए जिनके टीके लग चुके हैं उनके लिए कोरोना महामारी जानलेवा नहीं रही है

जबकि जो टीकाकरण से वंचित रहे हैं उन्हें बीमारी की चपेट में आने पर अपनी जान भी गंवानी पड़ रही है। मकराना में कोरोना संदिग्धों की मौतों का आंकड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है जिसमें शहरी क्षेत्र में निवासरत लोगों का टीकाकरण के प्रति उदासीन होना है।

मकराना में ग्रामीण जनता टीके को लेकर काफी जागरूक है वहीं शहर की जनता टीके से बचने का प्रयास कर रही है। शहर में 45 से 60 आयु वर्ग के 19 प्रतिशत लोगों ने भी अब तक टीका नहीं लगवाया है जबकि 60 से अधिक आयुवर्ग के 25 प्रतिशत लोग ही टीका लगवा पाए हैं जो काफी बड़ा खतरे का संकेत है।

मकराना ब्लॉक में कोरोना टीकाकरण के लिए 18 केन्द्र बना रखे हैं, जिनमें मकराना शहर की जिम्मेदारी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र व बालाजी यूपीएचसी को दे रखी है। सीएचसी मकराना ने लक्ष्य के विपरीत 45 से 60 वर्ष आयु वर्ग में 18.63 फीसदी, 60 वर्ष से ऊपर 37.37 कुल 25.76 फीसदी का टीकाकरण किया है जबकि बालाजी यूपीएचसी ने 60 वर्ष तक 12.99 फीसदी व 60 वर्ष से अधिक लोगों का केवल 4.42 फीसदी कुल 9.73 फीसदी टीकाकरण किया है।

मकराना ब्लॉक क्षेत्र के ही बिल्लू गांव ने कर दिया कमाल, यहां 100 नहीं 104 प्रतिशत टीकाकरण हो चुका

दूसरी ओर ग्रामीण हल्के में बिल्लू केन्द्र 90.80 फीसदी टीकाकरण लक्ष्य हासिल कर अव्वल है। वहां पर कोरोना संक्रमितों का आंकड़ा भी ना के बराबर है। वहां पर 45 से 60 आयु वर्ग के 82.09 फीसदी व 60 वर्ष से अधिक आयु के सभी लोग टीकाकरण करवा चुके हैं। केन्द्र की व्यवस्थाओं के कायल आसपास के बुजुर्गों ने भी वहां पर ही टीकाकरण का मानस बनाया, जिससे लक्ष्य अर्जित करने का आंकड़ा 104 प्रतिशत है।

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