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बदलाव:सट्टा प्रकरण: जांच से कोतवाली के एसआई को हटाया, फाइल एसओजी के पास पहुंची

नागौर8 महीने पहले
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  • जिस लाइन देने वाले की पहले केस में गिरफ्तारी हो जानी थी पुलिस ने उसे दूसरे केस में गिरफ्तार बताया

कार में बैठकर हाइटेक तरीके से आईपीएल क्रिकेट मैच पर सट्टा लगाने वालों के खिलाफ रविवार को हुई कार्रवाई की जांच से कोतवाली थाने के एसआई को हटा दिया है। अब इस प्रकरण की जांच एसओजी की ओर से ही की जाएगी। मंगलवार को इस प्रकरण की फाइल को यथास्थिति में पुलिस ने एसओजी को भेज दिया हैं। ऐसे में नामजद 6 सटोरियों के अलावा इन सटोरियों से जुड़े आरोपियों तक एसओजी की कमान पहुंचना संभव है।

इससे पहले इस कार्रवाई की जांच कोतवाली थाने के एसआई हीरालाल को सौंपी गई थी, लेकिन उनकी ओर से व थाना पुलिस ने एसओजी की एफआईआर पर पर्दा डालने का पूरा प्रयास किया। वही दूसरी ओर पुलिस एफआईआर का विस्तृत ब्यौरा देने से भी पूरी तरह बचती रही। इसके चलते प्रकरण में कई सवाल भी खड़े हो रहे थे।

आईपीएल क्रिकेट सट्‌टा प्रकरण : ऐसे समझें पुलिस की कारगुजारी
सबसे पहले 29 सितंबर को पुलिस ने अजमेर रोड स्थित रेड रोज होटल के एक कमरे से आईपीएल का सट्टा पकड़ा। मौके से बंशीवाला मंदिर के पास निवासी सोनू शर्मा तथा दीप कॉलोनी निवासी भीयांराम जाट को गिरफ्तार किया। इनके कब्जे से 19 हजार 500 की नकदी, 31 लाख 50 हजार का हिसाब-किताब तथा 4 मोबाइल व एक एलसीडी टीवी जब्त हुई, लेकिन अनुसंधान के नाम पूरा प्रकरण ठंडे बस्ते में है। पुलिस ने आरोपियों का हिसाब-किताब टटोला न मोबाइल से डिटेल खंगाली।

जबकि पूछताछ के लिए एक आरोपी को रिमांड पर भी लिया था, लेकिन प्रकरण में अन्य सटोरियों की गिरफ्तारियां व अन्य सटोरियों के नामों का अभी तक खुलासा नहीं किया गया है। जांच के नाम पर पूरे प्रकरण पर पर्दा डाल दिया गया। दूसरी कार्रवाई में 5 अक्टूबर को रोडवेज डिपो के पीछे के निवासी प्रहलाद उर्फ कालू 37 पुत्र रामूराम नायक को उसके घर से गिरफ्तार किया। इसके कब्जे से 47 लाख 50 हजार का हिसाब-किताब तथा एलईडी व 5 मोबाइल मिले। पुलिस ने इस सटोरिए के भी हिसाब-किताब व मोबाइल का अनुसंधान नहीं किया।

न ही इस सटोरिए से जुड़े लोगों की गिरफ्तारियां हुई। पुलिस ने प्रहलाद से पूछताछ व निशानदेही से 8 अक्टूबर को व्यापारियों का मोहल्ला निवासी अयूब पुत्र उमर को गिरफ्तार किया, जिसने प्रहलाद को तो लाइन दे ही रखी थी। इसके अलावा सोनू व भीयांराम को भी लाइन दे रखी थी। बावजूद पुलिस ने इस आरोपी को पहले गिरफ्तार नहीं किया। इसके अलावा आरोपी से अन्य सटोरियों के बारे में भी खुलासा नहीं किया गया।

इनके खिलाफ प्रकरण दर्ज : एटीएस ने पुलिस को सौंपी रिपोर्ट में कुम्हारी दरवाजा निवासी मुकेश पारीक व उसका भाई बबलू पारीक, कृष्ण कुमार उर्फ किशन पारिक, कुम्हारी दरवाजे के पास निवासी शंभूनाथ पुत्र प्रकाशनाथ, मुरली मनोहर तिवाड़ी पुत्र कमल, हितेश भाटी सहित 10-15 अन्य के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया है। इनके कब्जे से एक लाइन कनेक्शन बॉक्स जिसमें 26 मोबाइल लगे हुए थे। इनके अलावा 10 अन्य मोबाइल, दो लेपटॉप, 6 मोबाइल चार्जर, एलसीडी टीवी मय सेट टॉप बॉक्स, दो एक्सटेंशन कॉर्ड, एक डीटीएच तथा 3 लग्जरी कारे बरामद की थी। उक्त प्रकरण में पुलिस ने केवल नामों का ही खुलासा किया है।
एसओजी फाइल ले सकती है
प्रकरण की जांच एसओजी के निर्देशन में ही होगी। बाद में फाइल पुलिस के पास भी आ सकती है।
-श्वेता धनखड़, एसपी, नागौर

पहले दो प्रकरणों में जांच लचर : दूसरी ओर इससे पहले भी कोतवाली पुलिस की आईपीएल क्रिकेट सट्टे में लिप्त सटोरियों की धरपकड़ के नाम पर खानापूर्ति दिखाई पड़ी है। 29 सितंबर व 5 अक्टूबर को पुलिस ने जिन 3 सटोरियों को पकड़ा उनको सट्टे की लाइन देने वाला एक ही सटोरिया व्यापारियों का मोहल्ला निवासी अयूब पुत्र उमर था, लेकिन पुलिस ने अयूब की पहले प्रकरण में गिरफ्तारी नहीं बताकर दूसरे प्रकरण में बताई, जिसका खुलासा भी पहले ही हो गया था। बावजूद अयूब गिरफ्तारी से बचा रहा। इतना ही नहीं पुलिस ने अभी तक यह खुलासा भी नहीं किया है कि अयूब ने और कितनी जगह लाइनें दे रखी थीं। आईपीएल के अब तक 27 मैच सम्पन्न हो चुके हैं।

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