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घर-घर औषधि योजना:वन विभाग ने पौधे किए तैयार, थैलियों में भरना शुरू; हर परिवार को मिलेंगे 8 औषधीय पौधे, अगस्त के पहले सप्ताह में वितरण शुरू होने की संभावना

नागौर4 महीने पहले
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वन विभाग की नर्सरी में तैयार औषधीय पौधे। - Dainik Bhaskar
वन विभाग की नर्सरी में तैयार औषधीय पौधे।

औषधीय पौधों को लोगों के घरों, खेतों और निजी जमीनों के समीप उगाने में सहायता करने के लिए सरकार की ओर से शुरू की गई घर-घर औषधि वितरण योजना के लिए वन विभाग ने तैयारी कर ली है। अप्रैल में ही मदर बैड्स में गिलोय, अश्वगंधा, कालमेघ व तुलसी पौधे तैयार कर लिए थे और अब इनको थैलियों में भरने का काम शुरू कर दिया गया है।

एक परिवार को चार प्रकार के 8 पौधे निशुल्क वितरित किए जाएंगे। 5 वर्षों के लिए लागू की गई इस योजना में राज्य के लगभग 1 करोड़ 26 लाख परिवार लाभान्वित होंगे। जिले की वन विभाग के अंतर्गत आने वाली 10 नर्सरी में कुल 25 लाख 35 हजार पौधे तैयार किये गए हैं और अब राज्य स्तरीय वन महोत्सव के आयोजन के साथ ही अगस्त के पहले सप्ताह से इनका वितरण शुरू करने की योजना है।

पहले वर्ष में नागौर जिले में 2.74 लाख परिवार होंगे लाभान्वित
डीएफओ ज्ञानचंद ने बताया कि योजना के तहत जिले के भी लाखों परिवारों को औषधीय गुणों वाले पौधे प्राप्त होंगे। वन विभाग द्वारा नागौर जिले की वन विभाग के अंतर्गत आने वाली 10 नर्सरी में कुल 25 लाख 35 हजार पौधे तैयार किए जाएंगे। इन पौधों को जिले के 2 लाख 74 हजार परिवारों को वितरित किया जाएगा।

पौध वितरण के समय लाभार्थी के जन आधार कार्ड अथवा आधार कार्ड का विवरण दर्ज किया जाएगा। जिससे योजना के प्रबोधन एवं मूल्यांकन में सहायता होगी। साथ ही अगले वर्ष जिन परिवारों को लाभ दिया जाना है उनका चिह्नीकरण आसान होगा।

कई रोगों के उपचार में कारगर ये पौधे...

  • गिलोय-मधुमेह, खांसी, एनीमिया, पीलिया, चर्म रोग, बुखार आदि में।
  • अश्वगंधा-शरीर को ताकत मिलती है। सूजन कम करने के साथ दमा, खांसी, हृदय से जुड़ी तकलीफों में, गर्भवती महिला को पोषण देता है।
  • कालमेघ -पीलिया, लीवर और पेट की बीमारियों में लाभदायक। लीवर की समस्या में यह मुख्य औषधि है।
  • तुलसी: यह एंटी ऑक्सीडेंट रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाती है।

योजना के प्रमुख उद्देश्य

  • प्रदेश में औषधीय गुण वाले पौधे अपने घरों में उगाने के इच्छुक लोगों को वन विभाग की पौधाशालाओं में उपलब्ध कराया जाना।
  • इम्यूनिटी बढ़ाने तथा चिकित्सा के लिए उपयोगी औषधीय पौधों की उपयोगिता के बारे में बताकर आमजन को जागरुक करना।
  • औषधीय पौधों के प्राथमिक उपयोग व बढ़ावा देने के लिए आयुर्वेद एवं भारतीय चिकित्सा विभाग के सहयोग से प्रमाण-आधारित जानकारी उपलब्ध कराना।
  • जन-प्रतिनिधियों, पंचायतीराज संस्थाओं, विभिन्न राजकीय विभागों व संस्थानों, विद्यालयों और औद्योगिक घरानों का सहयोग लेकर क्रियान्वित करना।
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