BJP नेता को मारने वाला शार्प शूटर गिरफ्तार:हिस्ट्रीशीटर ने ही मारी थी गोलियां, हरियाणा बॉर्डर से पकड़ा गया

नागौर3 महीने पहले
पकड़ा गया शार्प शूटर। नमक कारोबारी को मारी थी दो गोलियां।

नमक कारोबारी और भाजपा नेता हत्याकांड में हर दिन नए खुलासे हो रहे हैं। नागौर पुलिस ने इस मामले में हरियाणा सीकर बॉर्डर से शार्प शूटर को भी गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए शार्प शूटर ने बताया है कि वो प्रोफेशनल क्रिमिनल है और उनकी गैंग है। इस मर्डर की डीलिंग उसके एक साथी ने नावां (नागौर) MLA महेंद्र चौधरी के बहनोई के भाई कुलदीप से की थी। इसके बाद वो अपने 5 साथियों के साथ नावां पहुंचा। कारोबारी और भाजपा नेता को लगी दोनों गोलियां भी उसी ने फायर की थी। वो पाटन थाने का हिस्ट्रीशीटर है और इसके खिलाफ 12 मामले दर्ज हैं। फिलहाल पुलिस उससे पूछताछ कर रही है और उसके बाकी 5 साथियों की तलाश कर रही है।

नागौर SP राममूर्ति जोशी ने बताया कि नावां मर्डर केस में पुलिस ने पकड़े गए 5 आरोपियों से पूछताछ के बाद हरियाणा सीकर बॉर्डर स्थित एक ढाणी से शूटर रणजीत उर्फ़ अजीत पुत्र शीशराम गुर्जर निवासी दादाला ढाणी सीकर को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस पूछताछ में सामने आया है कि जयपाल पूनिया पर लगी दोनों गोलियां रणजीत ने ही फायर की थी। ये पाटन थाने का हिस्ट्रीशीटर भी है। इसकी और इसके कुछ साथियों ने प्रोफेशनल बदमाश गैंग बना रखी है। रणजीत के एक साथी और कुलदीप की मर्डर को लेकर डीलिंग हुई थी। इसके बाद रणजीत अपने 5 साथियों के साथ नावां पहुंचा और जयपाल पूनिया पर फायर कर उसकी हत्या कर दी।

जयपाल पूनिया की शनिवार 14 मई को गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। दिनदहाड़े उन्हें घेर कर कार के शीशे तोड़कर गोली मारी गई थी।
जयपाल पूनिया की शनिवार 14 मई को गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। दिनदहाड़े उन्हें घेर कर कार के शीशे तोड़कर गोली मारी गई थी।

11 लोगों ने बनाई थी प्लानिंग
इससे पहले इस मामले में पहले ही नावां (नागौर) MLA महेंद्र चौधरी के भाई मोती सिंह चौधरी सहित पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया था। पूछताछ में खुलासा हुआ है कि मर्डर से पहले मुख्य आरोपी मोती सिंह ने हरियाणा निवासी अपने बहन के देवर कुलदीप के जरिये हरियाणा की प्रोफेशनल किलिंग गैंग को भाजपा नेता और नमक कारोबारी पूनिया की हत्या की सुपारी तय की।इसके बाद ही मोती सिंह और कुलदीप समेत कुल 11 जनों ने मिलकर मर्डर को अंजाम दिया। इस मामले में मोती सिंह चौधरी (62) पुत्र हनुमान सिंह निवासी नावां, कुलदीप सिंह (48) पुत्र रतन सिंह निवासी पवेरा तहसील नांगल चौधरी हरियाणा, फिरोज कायमखानी(42) पुत्र भंवरू खां निवासी नावां, हनुमान माली (50) पुत्र किशनाराम निवासी मथानिया और हारून कायमखानी (40) पुत्र गफूर खान निवासी नावां को पुलिस ने पहले ही गिरफ्तार कर लिया गया था।

मर्डर से पहले की थी प्लानिंग
इस मामले में ये भी सामने आया था कि मर्डर से पहले मुख्य आरोपी मोती सिंह और कुलदीप ने अपने 3 साथियों के साथ मिल कारोबारी जयपाल पूनिया की रेकी भी की। इसके बाद रणजीत समेत 6 शार्प शूटर्स को लोकेशन देकर फायरिंग के लिए भेज दिया। फायरिंग के बाद शार्प शूटर्स भाग गए थे। इसके बाद जब पूनिया को जयपुर रेफर किया गया, तो भी मोती सिंह ने उसका पीछा किया था। वह जानना चाह रहा था कि जयपाल जिंदा है या फिर मर गया।

नमक कारोबारी पुनिया की पत्नी बोली:MLA चौधरी ने ही करवाया मर्डर, उसे जेल से पहले नहीं मिलेगी शांति

नावां मर्डर केस में BJP-RLP का नया गठबंधन:राज्यसभा चुनाव से पहले BJP के धरने को सांसद ने किया लीड