मूर्ति अनावरण समारोह:राणास में शहीद बाबल की प्रतिमा का किया अनावरण, सलामी देकर समारोह की शुरुआत

नागौर14 दिन पहले
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राणास के शहीद किसनाराम बाबल की मूर्ति अनावरण समारोह के मुख्यातिथि राजस्थान सरकार के कैबिनेट मंत्री हेमाराम चौधरी व डेगाना विधायक विजयपाल मिर्धा के द्वारा प्रतिमा का फीता काटकर मूर्ति का अनावरण किया गया। जिसमें भारतीय सैनिकों के द्वारा सलामी देकर समारोह की शुरुआत की गई। इस दौरान शहीद की माता नाथी देवी व वीरांगना सीता देवी को कैबिनेट मंत्री हेमाराम चौधरी के द्वारा शॉल ओढ़ाकर स्वागत किया गया। मूर्ति अनावरण कार्यक्रम में शहीद किसनाराम अमर रहे के नारे लगे। समारोह के मुख्यातिथि कैबिनेट मंत्री हेमाराम चौधरी ने कहा कि सीमा पर डटे भारत मां के इन सच्चे सपूतों की खातिर ही हम सब देशवासी सुरक्षित एवं चैन की नींद सो पाते हैं। हमें शहीदों के जीवन से प्रेरणा लेनी चाहिए। जिसके माध्यम से हर देशवासियों को शहीदों के प्रति मान-सम्मान रखना चाहिए। डेगाना विधायक विजयपाल मिर्धा ने कहा कि शहीद देश की धरोहर है। इन शहीदों का लोक देवताओं के रुप में पूजन करना हर मनुष्य का धर्म बनता है। गोभक्त डॉ. ओम मुण्डेल ने कहा कि देश की सीमा पर जवान और देश के अन्दर किसान देश की सेवा करता है, उनके अधिकारों की हमेशा रक्षा होनी चाहिए। इस मौके पर केबिनेट मंत्री हेमा राम चौधरी, पूर्व जिला न्यायाधीश हरसुखा राम पुनिया, डेगाना विधायक विजयपाल मिर्धा, परबतसर विधायक रामनिवास गावड़िया, लाडनूं विधायक मुकेश भाकर, प्रदेश युवा नेता कार्तिक चौधरी, पालिकाध्यक्ष मदनलाल अटवाल, प्रधान सुनीता चोयल, परसा राम चोयल, ठेकेदार दुर्गा राम चोयल, कांग्रेस शहर अध्यक्ष गिरधारी राम मुण्डेल, एसडीएम मुकेश चौधरी, बीसीएमओ डॉ. रामकिशोर सारण, डेगाना कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष मांगीलाल चोयल, सीओ नन्दलाल सैनी, सीआई सुभाषचन्द पुनिया, पूर्व प्रधान रामपाल महिया, तहसीलदार रामनिवास बाना, मयूर स्कूल संचालक देवकरण डारा, धन्नाराम टाडा, समाजसेवी मुकेश टांडी, पंचायत समिति सदस्य रामनिवास टांडी, प्रकाश आंवला सहित अनेक लोग उपस्थित रहे। शहीद बाबल श्रीलंका में थे तैनात, प्रधानमंत्री शांति सेना के लिए कर रहे थे ड्यूटी, 1987 में हुए थे सेना में भर्ती 21 वर्षीय शहीद किसनाराम बाबल 7वीं राज राइफल बटालियन की सेना में भर्ती 1987 में हुए थे। उसी दौरान तत्कालीन प्रधानमंत्री द्वारा श्रीलंका में शांति सेना के रूप में 7वीं राज राइफल बटालियन को भेजा गया था। उसी दौरान अचानक छावनी पर आतंकवादियों ने हमला करने से शहीद किसनाराम बाबल के सिर में गोली लगने से 21 वर्ष की उम्र में 1989 में शहीद हो गए थे। अब 31 वर्ष बाद शहीद की मूर्ति के लिए गांव के तालाब में जमीन अलॉट की गई जिसमें गुरुवार को मूर्ति का अनावरण किया गया।

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