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सुरसुरा से खरनाल मंदिर पहुंची वीर तेजाजी की ज्योत:ग्रामीणों ने पांच किलोमीटर सामने जा अगुवानी की, फूल माला से किया गया भक्तों का स्वागत

नागौर7 दिन पहले
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वीर तेजाजी मेले को लेकर परंपरानुसार सुरसरा से खरनाल लाई जाने वाली ज्योत रविवार को दोपहर में तेजाजी की जन्मस्थली खरनाल पहुंची। वहीं खरनाल ज्योत के पहुंचने के साथ ही मूसलाधार बारिश हो गई। भोपाजी दरियाव धोलिया ने बताया कि चार दिन पहले खरनाल से 34 लोग ज्योत लाने सुरसरा रवाना हुए थे। वहीं से ज्योत लेकर पैदल गाजे-बाजे के साथ रवाना हुए जो रविवार को खरनाल पहुंचे।

यहां पहुंचने पर आस-पास के गांवों के महिला पुरूषों ने अगवानी कर स्वागत करते हुए फूल बरसाए तथा पूरे गांव में शोभायात्रा निकाली गई। तेजाजी की ज्योत को गांव में जूणी धाम, बुंगरी माता मंदिर, लीलण घोड़ी समाधि स्थल पर ले जाने के बाद मंदिर परिसर में स्थापना की गई। भोपाजी ने बताया कि यह ज्योत हर समय जगती रहेगी।

गौरतलब है कि तेजाजी ने गायों की रक्षार्थ वापस लौटने के दौरान वचन दिए अनुसार सर्प दंश से अपने प्राण त्याग दिए थे। इस बाद लीलण घोड़ी अकेली ही खरनाल पहुंची। इसी को लेकर हर साल तेजा दशमी से पहले सुरसुरा से तेजाजी के वंशज अग्नि ज्योत लाकर खरनाल में स्थापित करते है। यह ज्योत सुरसुरा से लेकर खरनाल आने के बाद से हमेशा जगती है।

शोभायात्रा निकाली गई
ज्योत के आगमन की खबर सुनते ही लोग पांच किलोमीटर तक स्वागत करने पैदल ही सामने गए। इस बाद महिलाओं ने मंगल गीत गाते हुए ज्योत की अगवानी की। इस दौरान जहां से भी यात्रा निकली लोगों ने गुलाल व फूल बरसाए। सरपंच शिवकरण धोलिया, प्रेमसुख धोलिया, राजल सेवा समिति के गणपत खुड़खुड़िया, गो शालाध्यक्ष शिवकरण धोलिया, जगदीश धोलिया, जयपाल आदि मौजूद थे।

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