BJP नेता के शरीर में नहीं मिलीं गोलियां:एक्स-रे किया तो शरीर में दिखीं दो गोली, दोबारा पोस्टमार्टम किया

नागौर2 महीने पहले

नमक कारोबारी हत्याकांड में हर दिन नए खुलासे हो रहे हैं। पुलिस ने इस मामले में नावां (नागौर) MLA महेंद्र चौधरी के भाई मोती सिंह चौधरी सहित पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने पांचों आरोपियों को बुधवार को नावां कोर्ट के मजिस्ट्रेट के घर पेश किया जहां से उन्हें चार दिन के पुलिस रिमांड पर सौंपा। नमक कारोबारी और भाजपा नेता जयपाल पूनियां का मर्डर बाहर से शूटर बुलाकर करवाया गया। इस मर्डर की साजिश काफी पहले से रची जा रही थी। इधर, मंगलवार देर रात सहमति बनने के बाद बुधवार को पोस्टमार्टम करने का निर्णय लिया गया। लेकिन, जब पोस्टमार्टम किया तो पता चला मृतक जयपाल के शरीर में गोलियां भी नहीं मिली। करीब 3 घंटे तक पोस्टमार्टम करने के बाद शरीर में गोली नहीं मिली तो शव प्राइवेट लैब भेजा गया। सूचना मिलते ही एसपी राममूर्ति जोशी मौके पर पहुंचे। यहां पूरे शरीर का एक्स-रे किया तो दो गोलियां नजर आई। बताया जा रहा है कि एक गोली पैर में खिसक गई थी। वहीं दूसरी गोली शरीर के लेफ्ट में दब गई थी। इसके बाद शव को दोबारा नावां हॉस्पिटल ले जाया गया। यहां दोबारा पोस्टमार्टम कर शव परिजनों को सौंपा गया। पुलिस के अनुसार मर्डर से पहले मुख्य आरोपी मोती सिंह ने अपने 11 साथियों के साथ मिलकर कारोबारी जयपाल पूनिया की रेकी भी की। फायरिंग के बाद जब पूनिया को जयपुर रेफर किया गया, तो भी मोती सिंह ने उसका पीछा किया था। वह जानना चाह रहा था कि जयपाल जिंदा है या फिर मर गया।

पुलिस जांच में इन बातों के सामने आने के बाद मंगलवार देर रात यह गिरफ्तारियां की गई। वहीं वारदात में शामिल 6 आरोपी अभी फरार हैं। जिनकी तलाश की जा रही है। पकड़ा गया एक अन्य आरोपी भी MLA महेंद्र चौधरी के बहनोई का भाई है।

बेनीवाल ने किया ट्वीट
इस मामले को लेकर नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने ट्वीट करते हुए लिखा कि दिवगंत पूनिया के परिजनों द्वारा पोस्टमार्टम को लेकर नावां हॉस्पिटल के डॉक्टर्स और कर्मचारियों की कार्यशैली पर सवालिया निशान खड़े किए गए है। मामले को लेकर प्रशासन व पुलिस के उच्च अधिकारीयों से दूरभाष पर बात कर नावां के अलावा अन्य स्थानों के डॉक्टर्स की टीम के द्वारा मेडिकल बोर्ड का गठन करके वीडियोग्राफी करवाते हुए पोस्टमार्टम करवाने व साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ की आशंका की जांच करवाने के निर्देश दिए है। वहीं खींवसर MLA नारायण बेनीवाल ने सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर कर जानकारी दी कि वो नावां के लिए रवाना हो गए है।

शरीर में गोलियां नहीं मिलने के बाद जयपाल के शव को प्राइवेट लैब में ले जाया गया।
शरीर में गोलियां नहीं मिलने के बाद जयपाल के शव को प्राइवेट लैब में ले जाया गया।
नमक कारोबारी के मर्डर की गूंज सियासी गलियारों में भी है। हत्याकांड को लेकर हनुमान बेनीवाल से लेकर बीजेपी के कई नेताओं ने भी प्रदर्शन् किया (नावां में घटना के विरोध में धरना प्रदर्शन।)
नमक कारोबारी के मर्डर की गूंज सियासी गलियारों में भी है। हत्याकांड को लेकर हनुमान बेनीवाल से लेकर बीजेपी के कई नेताओं ने भी प्रदर्शन् किया (नावां में घटना के विरोध में धरना प्रदर्शन।)

पुलिस जांच में मर्डर में नावां MLA महेंद्र चौधरी के भाई मोती सिंह चौधरी का लिंक आते ही उसे दूसरे दिन ही हिरासत में ले लिया गया था। इसके बाद मंगलवार देर रात जयपुर से पहले आंदोलन कर रहे लोगों व सरकार के बीच सहमति बनने के बाद मोती सिंह चौधरी (62) पुत्र हनुमान सिंह निवासी नावां, कुलदीप सिंह (48) पुत्र रतन सिंह निवासी पवेरा तहसील नांगल चौधरी हरियाणा, फिरोज कायमखानी(42) पुत्र भंवरू खां निवासी नावां, हनुमान माली (50) पुत्र किशनाराम निवासी मथानिया और हारून कायमखानी (40) पुत्र गफूर खान निवासी नावां को गिरफ्तार करने की जानकारी दी।

कुचामन CO संजीव कटेवा ने बताया कि नमक कारोबारी और भाजपा नेता जयपाल पूनिया का मर्डर मोती सिंह ने शूटर बुलाकर करवाया था। सामने आया कि शूटर हरियाणा से बुलाया गया था। फिलहाल पकडे़ गए सभी पांचों आरोपी मर्डर की प्लानिंग और रेकी में शामिल थे। अभी 6 आरोपी फरार है। उनकी भूमिका और पहचान अंडर इन्वेस्टिगेशन है। वहीं एसपी राममूर्ति जोशी ने बताया कि मर्डर के 18 घंटे बाद ही मास्टरमाइंड मोती सिंह सहित 5 आरोपियों को हिरासत में ले लिया था। इस केस में नागौर पुलिस टीम को पुरस्कृत किया जाएगा।
फरार आरोपियों को भी जल्दी ही पकड़ लेंगे
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नमक कारोबारी और भाजपा नेता जयपाल पूनिया को शनिवार दोपहर शूटर्स ने गोली मार दी थी। तब वे कार में थे। लोगों ने उन्हें अस्पताल भिजवाया। जयपुर ले जाते वक्त पूनिया ने दम तोड़ दिया।
नमक कारोबारी और भाजपा नेता जयपाल पूनिया को शनिवार दोपहर शूटर्स ने गोली मार दी थी। तब वे कार में थे। लोगों ने उन्हें अस्पताल भिजवाया। जयपुर ले जाते वक्त पूनिया ने दम तोड़ दिया।

वर्चस्व की लड़ाई बनी मर्डर की वजह
जयपाल पूनिया हत्याकांड की जड़ में दोनों के बीच रुपयों का लेनदेन और नावां की नमक झील के क्षेत्र में वर्चस्व और अवैध कमाई है। आरोपी मोती सिंह और जयपाल पूनिया के बीच वर्चस्व की ये लड़ाई लम्बे समय से चली आ रही थी। यहां की सरकारी जमीनों व सांभर साल्ट कंपनी की जमीन में बोरिंग और कब्जे को लेकर दोनों पक्षों के बीच कई बार विवाद हो चुके थे। लेनदेन को लेकर भी कई मुकदमे दर्ज हुए थे। ये लड़ाई राजनैतिक रूप भी ले चुकी थी।

बताया जा रहा है कि नावां की नमक झील के क्षेत्र में वर्चस्व को लेकर जयपाल पूनिया और मोती सिंह चौधरी के बीच रंजिश थी।
बताया जा रहा है कि नावां की नमक झील के क्षेत्र में वर्चस्व को लेकर जयपाल पूनिया और मोती सिंह चौधरी के बीच रंजिश थी।

देर रात सहमति बनी, SIT का हुआ गठन
इस मामले को लेकर नावां में धरने के तीसरे दिन नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने कड़े तेवर दिखाए थे। उन्होंने BJP नेताओं और अपने समर्थकों के साथ जयपुर कूच किया था। उन्होंने सीएम आवास घेरने की चेतावनी भी दी थी।

जब बेनीवाल बगरू पहुंचे तो पुलिस ने उन्हें रोक लिया। बगरू के पास महला में जयपुर पुलिस कमिश्नर आनंद श्रीवास्तव, एडिशनल कमिश्नर अजयपाल लांबा , DCP जयपुर ग्रामीण पुलिस अधीक्षक सहित बड़े अधिकारी वार्ता करने पहुंचे। यहां मृतक कारोबारी जयपाल पूनिया के परिजनों के प्रतिनिधि, सांसद बेनीवाल, RLP-BJP के नेता और पुलिस कमिश्नर की वार्ता हुई। वहीं DG से फोन पर समझौता वार्ता हुई।

नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल, भाजपा नेता व पूनिया के परिजनों के प्रतिनिधि मंडल से कल रात जयपुर पुलिस कमिश्नर आनंद श्रीवास्तव ने बात की, सहमति बनाकर एसआईटी के गठन की बात कही।
नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल, भाजपा नेता व पूनिया के परिजनों के प्रतिनिधि मंडल से कल रात जयपुर पुलिस कमिश्नर आनंद श्रीवास्तव ने बात की, सहमति बनाकर एसआईटी के गठन की बात कही।

पुलिस कमिश्नर श्रीवास्तव ने प्रेस के समक्ष मामले की उच्च स्तरीय जांच के लिए सीआईडी सीबी के डीआईजी राहुल प्रकाश के नेतृत्व में SIT गठन करने व 5 आरोपियों को गिरफ्तार करने की जानकारी दी। इसके बाद सांसद बेनीवाल ने कहा की आंदोलन को समाप्त नहीं किया जा रहा है, केवल स्थगित किया जा रहा है।

अगर परिजनों की मंशा के अनुरूप प्रशासन ने कार्रवाई नहीं की तो फिर से आंदोलन शुरू कर दिया जाएगा। वहीं SDM व दोषी पुलिस अधिकारियों को हटाने सहित अन्य मांगों पर सरकार ने सहमति नहीं दी तो RLP व BJP विधायकों का प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री से मिलेगा।

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