पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

Install App

Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप

दशहरा पर्व:सायंकालीन पर्व 25 को ही मनाएंगे : पंडित, राज्य सरकार ने दशहरा का अवकाश 25 अक्टूबर काे घाेषित किया है

नागौरएक महीने पहले
  • कॉपी लिंक

काल की गणना अक्षांश-देशांतर से होती है। अलग-अलग क्षेत्र में सूर्योदय का समय अलग रहता है। काल की गणना इसी आधार पर होती है, इसलिए तिथियों में अंतर आता है। इसी के चले इस बार अष्टमी-नवमी दो दिन मनेगी। इसी तरह देश में अधिकांश जगह दशहरा 25 अक्टूबर और पूर्वी भारत में 26 को मनाया जाएगा। ऐसा सूर्योदय भेद के कारण होता है। राज्य सरकार ने दशहरा का अवकाश 25 अक्टूबर काे घाेषित किया है।

वहीं शहर के बंशीवाला मंदिर पूजारी नारायण व दीक्षांत के अनुसार पंचांग के अनुसार शनिवार 24 अक्टूबर को सुबह 11.28 तक अष्टमी रहेगी। इसके बाद नवमी शुरू हो जाएगी। 25 अक्टूबर को सुबह 11.14 बजे तक नवमी रहेगी। इसके बाद दसमी शुरू हाे जाएगी। उन्होंने बताया कि दशहरा सायंकालीन पर्व है, इसीलिए 25 अक्टूबर को मनाना चाहिए।

क्याेंकि दसमी 26 अक्टूबर 11.33 बजे तक रहेगी। हालांकि मतांतर के कारण 26 तारीख को मनाया जाएगा। पंडित ने बताया कि महानिशा पूजा 23 की रात में ही कर लेना चाहिए। अष्टमी काे व्रत वाले लाेग व्रत करेंगे। पंडितों के अनुसार सप्तमी शुक्रवार, अष्टमी शनिवार, नवमी रविवार तथा दशमी साेमवार काे तय है।

दिनांक तिथि समय
23 अक्टूबर सप्तमी दोप. 12:09 बजे तक
24 अक्टूबर अष्टमी सुबह 11:28 बजे तक
25 अक्टूबर नवमी सुबह 11:14 बजे तक
26 अक्टूबर दशमी सुबह 11:33 बजे तक

  • महा निशा पूजन : 23 अक्टूबर काे रात्रि में करना उचित माना हैं।
  • व्रत वाले लाेग : 24 अक्टूबर काे व्रत कर सकते है।
  • व्रत वाले लाेग : गनवमी का पाठ 24 अक्टूबर काे मध्याह में कर सकते हैं।
  • हवन: 25 अक्टूबर सुबह 11.14 बजे से पूर्व करने का प्रयास करें। अन्यथा अग्नि प्रतिष्ठा करके कन्या पूजन के बाद संपूर्ण हवन करें।

विजयादशमी 26 को, लेकिन दशहरा 25 को
दशमी 26 अक्टूबर की मनाई जाएगी, जबकि दशहरा 25 अक्टबूर, रविवार को है। दशहरा पर्व अश्विन माह के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को अपराह्न काल में मनाया जाता है। इस काल की अवधि सूर्योदय के बाद दसवें मुहूर्त से लेकर बारहवें मुहूर्त तक की होती। यदि दशमी दो दिन के अपराह्न काल में हो तो दशहरा त्यौहार पहले दिन मनाया जाएगा।

शास्त्रों की मान्यता के अनुसार अष्टमी और नवमी तिथि को कन्या पूजन व भोज से सभी तरह के वास्तु दोष, विघ्न, भय और शत्रुओं का नाश होता है। कन्याओं को मां दुर्गा का रूप माना गया है। नवरात्र में कन्या पूजन में ध्यान रखें कि कन्याओं की उम्र दो वर्ष से कम और दस वर्ष से ज्यादा भी न हो।

देवी स्वरुप कन्याओं को अपनी श्रद्धा और सामर्थ्य से भेंट देना अति शुभ माना जाता है। इन नन्हीं देवियों को फूल, श्रृंगार सामग्री, मीठे फल (जैसे केले, सेब, नारियल आदि), मिठाई, खीर, हलवा, कपड़े, पेंसिल, शिक्षा संबंधित वस्तुएं उपहार में देकर मां दुर्गा की कृपा प्राप्त की जा सकती है।

आज का राशिफल

मेष
Rashi - मेष|Aries - Dainik Bhaskar
मेष|Aries

पॉजिटिव- आज भविष्य को लेकर कुछ योजनाएं क्रियान्वित होंगी। ईश्वर के आशीर्वाद से आप उपलब्धियां भी हासिल कर लेंगे। अभी का किया हुआ परिश्रम आगे चलकर लाभ देगा। प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे लोगों के ल...

और पढ़ें