धोरों के राजस्थान में वेनिस सी खूबसूरती:माही डैम के बैक वाटर में बोट से खतरनाक यात्रा, लहरें ऐसी कि बोट समा जाए

जयपुर/बांसवाड़ा11 दिन पहले
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रेत के धोरों वाले राजस्थान की ऐसी खूबसूरत तस्वीरें शायद ही आपने देखी हों। 11 दिन की यात्रा के बाद दैनिक भास्कर ऐसी फोटो लेने में कामयाब हुआ। ये तस्वीरें बांसवाड़ा में 200 फीट की ऊंचाई से ड्रोन की मदद से ली गई हैं। वहां पहुंचना आसान नहीं था। बैक वाटर एरिया में ऐसी दुर्लभ जगह दिखी, जहां पहुंचने में खतरा भी है।भास्कर टीम कागदी पिकअप वियर (माही डैम के बैक वाटर का एरिया) से कड़ेलिया गांव पहुंची। किनारे पर बड़ी संख्या में लगे खजूर के पेड़ समुद्र किनारे का अहसास करा रहे थे। आमलीपाड़ा गांव का नजारा केरल के अल्लेपी शहर जैसा था। इसे पूरब का वेनिस भी कहा जाता है।

मुश्किल है पहुंचना
बांसवाड़ा से महज 5 किमी दूर स्थित आमलीपाड़ा गांव में असीम शांति और प्राकृतिक सुकून है। परेशानी यह है कि ऐसी जगह तक पहुंचना जोखिम भरा है। यहां जाने के लिए भास्कर टीम ने बोट की मदद ली। कागदी बांध क्षेत्र में पानी का स्तर कम हाेने से बोट का यहां तक पहुंचना काफी मुश्किल था। बीच में बड़े इलाके में काई फैली हाेने से बोट के फंसने का भी डर था।

नाव हिचकोले मारने लगी, ड्रोन का नेटवर्क गायब
शाम काे अंधेरा भी हाेने लगा था। ड्रोन उड़ाना मुश्किल था, क्योंकि पहाड़ी इलाका हाेने से नेटवर्क बार-बार कट रहा था। लहरों की वजह से बोट हिचकोले खाने लगी। ड्रोन उड़ाना बहुत रिस्की हाे चुका था। नेटवर्क समस्या के चलते कई बार ड्रोन काे नीचे उतारते और फिर उड़ाते। कुल मिलाकर कई प्रयास के बाद ऐसी खूबसूरत तस्वीरों को कैद करने में सफलता मिली। आमलीपाड़ा तक पहुंचने के लिए भास्कर टीम काे वाइल्ड लाइफ फोटोग्राफर भरत कंसारा और बोट संचालक अशोक मेवाड़ ने सहयोग किया। करीब 1 किमी के इस यात्रा में कई बार जोखिम का सामना करना पड़ा।

ऐसे पहुंच सकते हैं यहां
यहां तक जाने के लिए काेई पक्की सड़क नहीं है। शहर से 5 किमी दूर रतलाम मार्ग से कड़ेलिया मार्ग होकर एक रस्ता इसी ओर निकलता है। नहर से बहता पानी की तेज धार, मुसीबत बन सकती है। इसलिए यहां जाने में सावधानी बरतनी जरूरी है। नहर में धार की रफ्तार कम होने के बाद यहां बाेट के जरिए जा सकते हैं।

इन फोटो में देखिए बांसवाड़ा की खूबसूरती...

बांसवाड़ा को राजस्थान का वेनिस भी कहा जाता है।
बांसवाड़ा को राजस्थान का वेनिस भी कहा जाता है।
इस तस्वीर काे 200 फीट की ऊंचाई से ड्रोन की मदद से क्लिक किया गया है।
इस तस्वीर काे 200 फीट की ऊंचाई से ड्रोन की मदद से क्लिक किया गया है।
राजस्थान के बांसवाड़ा के अलावा ऐसा खूबसूरत नजारा कहीं नहीं दिखेगा।
राजस्थान के बांसवाड़ा के अलावा ऐसा खूबसूरत नजारा कहीं नहीं दिखेगा।
माही डैम का बैक वाटर एरिया। यहां पहुंचना भी मुश्किल है।
माही डैम का बैक वाटर एरिया। यहां पहुंचना भी मुश्किल है।
बांसवाड़ा को 100 टापुओं का शहर भी कहा जाता है।
बांसवाड़ा को 100 टापुओं का शहर भी कहा जाता है।
मानसून की इस बार की बारिश में माही डैम के गेट खोले गए। इसके बाद यह खूबसूरत नजारा कैमरे में कैद हुआ।
मानसून की इस बार की बारिश में माही डैम के गेट खोले गए। इसके बाद यह खूबसूरत नजारा कैमरे में कैद हुआ।

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