राजस्थान कोरोना LIVE, एक्सपर्ट बोले- महंगी पड़ेगी लापरवाही:तीसरी लहर में 15 दिन में 8 गुना बढ़ीं मौतें, अब तक 55 मरीजों की जान गई

जयपुर4 महीने पहले
फाइल फोटो। - Dainik Bhaskar
फाइल फोटो।

राजस्थान में कोरोना की थर्ड वेव में 15 दिन में मौतों का आंकड़ा 8 गुना बढ़ गया है। अब तक 55 मरीजों की मौत हो चुकी है। 4 जनवरी को 1 और 18 जनवरी को 9 मौतें हुईं। तीसरी लहर में एक दिन में मौतों का सबसे बड़ा आंकड़ा है। जयपुर में कोरोना के मरीजों के साथ ही मौत भी सबसे अधिक 19 हुई हैं।

राज्य में मंगलवार को जयपुर और जोधपुर में 2-2 मौतें रिकॉर्ड की गईं। 5 जिलों-अजमेर, अलवर, दौसा, करौली, बीकानेर में 1-1 की जान गई। राजधानी जयपुर में सबसे ज्यादा 2358 कोरोना पॉजिटिव मरीज मिले। जोधपुर में 801, उदयपुर में 677, अलवर में 568, कोटा में 563, पाली में 569 संक्रमित हुए। प्रदेश में 9711 नए कोरोना पॉजिटिव केस सामने आए हैं। एक्टिव केस की संख्या बढ़कर अब 69 हजार पहुंच गई।

राजस्थान में पिछले 8 दिन में कोविड मरीजों की रिकवरी के आंकड़े

तारीखरिकवर केसपॉजिटिव केसरिकवरी प्रतिशत
18 जनवरी7056971172.65
17 जनवरी5894923663.81
16 जनवरी46861000646.83
15 जनवरी4013967641.47
14 जनवरी30961030730.03
13 जनवरी2757988127.90
12 जनवरी1634948817.22
11 जनवरी853636613.39

रिकवरी रेट में बढ़ोतरी
राहत की बात यह है कि कोरोना से ठीक होने वाले मरीजों की संख्या ज्यादा हैं। जनवरी में कोरोना की तीसरी लहर के दौरान 11 से 18 जनवरी तक पिछले 8 दिन के आंकड़ों का एनालिसिस करने पर पता चलता है कि 11 जनवरी को 6366 कोविड संक्रमित मिले, 853 रिकवर हुए। संक्रमितों के मुकाबले रिकवरी 13.39 फीसदी मरीजों की हुई। बढ़ते-बढ़ते 18 जनवरी को 9711 पॉजिटिव केस के मुकाबले 7056 मरीजों की रिकवरी हुई हैं, जो 72.65 फीसदी है। 8 दिन में 59.26 फीसदी रिकवरी प्रतिशत बढ़ा है।

राजस्थान में पिछले 15 दिन में मौतों का बढ़ा आंकड़ा

तारीखमौत
4 जनवरी1
5 जनवरी2
6 जनवरी0
7 जनवरी2
8 जनवरी2
9 जनवरी1
10 जनवरी2
11 जनवरी4
12 जनवरी3
13 जनवरी7
14 जनवरी3
15 जनवरी8
16 जनवरी6
17 जनवरी5
18 जनवरी9
कुल 15 दिन55 मौत
डॉ सुधीर भण्डारी,प्रिंसिपल,SMS मेडिकल कॉलेज,जयपुर।
डॉ सुधीर भण्डारी,प्रिंसिपल,SMS मेडिकल कॉलेज,जयपुर।

वैक्सीनेशन ही कॉम्प्लिकेशन रोकने का तरीका
मेडिकल एक्सपर्ट की एडवाइजरी है कि कोरोना की तीसरी वेव से सतर्क रहना जरूरी है। ओमिक्रॉन और कोरोना को हल्के में नहीं लेना है। SMS मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. सुधीर भण्डारी ने दैनिक भास्कर से कहा है कि ओमिक्रॉन माइल्ड सिम्पटम्स क्रिएट कर रहा है। यह बहुत ज्यादा संक्रामक है। इसमें हल्के लक्षण खांसी-जुकाम-बुखार आ रहे हैं। इसलिए जिन लोगों को हल्की भी सांस में परेशानी है। वो मास्क लगाकर खुद को आइसोलेट करें। कोविड एप्रोप्रिएट व्यवहार करें। ओमिक्रॉन संक्रमण से मौत की संख्या को कंट्रोल करने का तरीका है कि लोग भीड़-भाड़ से बचें। रोकथाम ही बचाव का तरीका है। ओमिक्रॉन का फैक्टर डेल्टा से 4 गुना ज्यादा है। यह बहुत ज्यादा इनफेक्शियस है। इसलिए 100 फीसदी वैक्सीनेशन सुनिश्चित करें। वैक्सीनेशन ही इसके कॉम्प्लिकेशन को रोकने का तरीका है।

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